!! #श्री_राम_जन्मभूमि_अयोध्या_जी_धाम !!
भगवान विष्णु के 7वें अवतार प्रभु श्रीराम का जन्म स्थान अयोध्या है। रामायण में कहा गया है कि प्रभु श्रीराम का जन्मस्थान जिला अयोध्या उत्तर प्रदेश भारत, में पवित्र सरयू नदी के तट पर है। हिन्दुओं की मान्यता के अनुसार श्री राम का जन्म अयोध्या में हुआ था और उनके जन्मस्थान पर एक भव्य मन्दिर विराजमान था। जिसे मुगल आक्रमणकारी बाबर ने 1528 में तोड़कर वहाँ एक मस्जिद बना दी। तुलसीदास जी ने तुलसी शतक में इस पर दुख भी प्रकट किया था। मंदिर तोड़े जाने के बाद भी हिंदू साधु रामलला की सेवा वहीं करते थे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई में इस स्थान को मुक्त करने एवं वहाँ एक नया मन्दिर बनाने के लिये एक लम्बा आन्दोलन चला। 06 दिसम्बर सन् 1992 को यह विवादित ढ़ांचा को कारसेवकों के एक जत्थे द्वारा नष्ट कर दिया गया, उस समय श्रीराम प्रभु के रैली में करीब 1,50,000 कारसेवकों का आना हुआ था।
विश्व हिंदू परिषद द्वारा रैली की प्रतिभा 1984 में शुरू किए गए आंदोलन में मौजूद थी, विश्व हिंदू परिषद श्री अशोक सिंघल जी द्वारा इस स्थान पर प्रभु श्री राम (राम लला) को समर्पित एक टेंट रूपी मंदिर बनाकर हिंदुओं को पुनः दर्शन प्राप्त करने के लिए दिया गया।
कोर्ट में सटीक स्थान के बारे में दावे का समर्थन करने के लिए वास्तविक ऐतिहासिक साक्ष्य परमपूज्य स्वामी जगद्गुरू श्री राम भद्राचार्य जी महाराज द्वारा कोर्ट मे पेस किया गया। उन्होंने कहा कि वेद में भी रामजन्म का स्पष्ट प्रमाण है। ऋग्वेद के दशम मंडल में भी इसका प्रमाण है। रामचरितमानस में बहुत ही स्पष्ट लिखा है। और अब कोर्ट के आदेश पर एक ट्रस्ट श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र बनाया गया।
प्रभु श्रीराम के मन्दिर का निर्माण जन्म भूमि स्थान पर 5 अगस्त 2020 को पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों भूमि पूजन, जन्मभूमि मंदिर की आधारशिला रखे जाने से प्रारंभ हुआ मंदिर निर्माण का कार्य तेजी के साथ प्रगति पर है।