श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र

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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र Jai Sri Ram
"RAM JANMBHUMI" IS THE BIRTH PLACE OF "LORD RAMA". IT IS BELIEVED THAT "LORD RAMA" IS THE 7TH "AVTAR" OF THE "HINDU DEITY LORD VISHNU".

IT IS SITUATED AT THE BANK OF RIVER "SARAYU" IN "AYODHYA", UTTARPRADESH. THE TRUST IS TO MAKE "RAM TEMPLE"

29/05/2026

🚩🚩🚩जय श्रीराम🚩🚩🚩

🙏 Raghunandan Raghav Ram Hare | Divine Ram Bhajan | Shri Ram Devotional Song 🙏

Immerse yourself in the divine vibrations of "Raghunandan Raghav Ram Hare", a soulful bhajan dedicated to the eternal glory of Lord Shri Ram. This sacred chant fills the heart with devotion, peace, and spiritual energy, helping devotees connect with the divine presence of Maryada Purushottam Shri Ram.

Let the powerful name of Ram guide your mind towards positivity, faith, and inner strength. Whether you are praying, meditating, or simply seeking peace in your daily life, this devotional bhajan is a perfect companion for your spiritual journey.

✨ May Lord Ram bless you and your family with happiness, prosperity, courage, and wisdom.

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🕉️ "Ram Naam is not just a chant; it is a path to peace, devotion, and liberation."

🚩🚩🚩जय श्रीराम🚩🚩🚩  🌺 हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ 🌺हनुमान जयंती केवल एक पर्व नहीं, बल्कि शक्ति, भक्ति और अटूट विश्व...
02/04/2026

🚩🚩🚩जय श्रीराम🚩🚩🚩



🌺 हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ 🌺

हनुमान जयंती केवल एक पर्व नहीं, बल्कि शक्ति, भक्ति और अटूट विश्वास का उत्सव है। यह दिन हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति में कितनी अपार शक्ति होती है। श्री राम के परम भक्त, संकटमोचन, अंजनीपुत्र हनुमान जी केवल बल के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि विनम्रता, सेवा और समर्पण के भी आदर्श हैं।

उनका जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि यदि हमारे मन में सच्ची श्रद्धा और विश्वास हो, तो कोई भी कठिनाई हमें रोक नहीं सकती। हनुमान जी की कृपा से भय, दुःख और संकट दूर हो जाते हैं, और जीवन में साहस, ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है।

इस पावन अवसर पर आइए हम भी अपने अंदर की शक्ति को पहचानें, अपने कर्तव्यों को निभाएँ और श्री राम के आदर्शों पर चलने का संकल्प लें।

चौपाई:
"सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रक्षक काहू को डरना॥"

हनुमान मंत्र:
"ॐ हनुमते नमः"

🙏 हनुमान जी आप सभी के जीवन में सुख, शांति और सफलता का आशीर्वाद दें। 🚩


श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र #हनुमान_ताण्डव_स्तोत्र #हनुमानजयंती

31/03/2026

🚩🚩🚩जय श्रीराम🚩🚩🚩

🙏 होइहिं सोइ जो राम रचि राखा।
को करि तर्क बढ़ावै साखा 🙏

This beautiful and timeless chaupai from the divine epic Ramcharitmanas reminds us that everything in life happens according to the will of Lord Lord Rama.

“Hoihe so jo Ram rachi rakha” means — Whatever has been destined by Lord Ram will surely happen.

In a world full of चिंता (worries) and uncertainties, this line gives us peace, faith, and surrender. Trust the divine plan, stay patient, and believe that everything happens for a reason.

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27/03/2026

🚩🚩🚩जय श्रीराम🚩🚩🚩

सूर्य तिलक🙏

रामनवमी के अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि में श्री रामलला के मस्तक पर सूर्य तिलक का यह दिव्य दृश्य हर रामभक्त के लिए अलौकिक है।

#रामनवमी

26/03/2026

🚩🚩🚩जय श्रीराम 🚩🚩🚩



आप सभी को श्रीराम जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई 🚩🙏🚩

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी।
हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी॥

अर्थ:
भगवान राम करुणा के सागर और दीनों पर दया करने वाले रूप में माता कौशल्या के यहाँ प्रकट हुए। उनके अद्भुत रूप को देखकर माता कौशल्या अत्यंत प्रसन्न हो गईं और ऋषियों का मन भी मोहित हो गया।

कथा:
अयोध्या नगरी में बहुत समय पहले राजा दशरथ राज्य करते थे। उनके पास सब कुछ था—धन, वैभव, प्रजा का प्रेम—लेकिन उन्हें एक ही दुख था कि उनके कोई संतान नहीं थी। तब गुरु वशिष्ठ की सलाह पर उन्होंने पुत्रकामेष्टि यज्ञ करवाया। यज्ञ के बाद अग्निदेव ने राजा दशरथ को दिव्य खीर दी और उसे अपनी तीनों रानियों—कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा—को देने को कहा।

कुछ समय बाद चैत्र मास की शुक्ल नवमी के दिन अयोध्या में भगवान राम का जन्म हुआ। उस दिन पूरी अयोध्या में खुशी की लहर दौड़ गई। मंदिरों में घंटियाँ बजने लगीं, फूल बरसाए गए और लोगों ने दीप जलाकर उत्सव मनाया।

भगवान राम बड़े होकर मर्यादा, सत्य और धर्म के प्रतीक बने। उन्होंने अपने जीवन से सिखाया कि हमेशा सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलना चाहिए।

इसलिए हर वर्ष राम नवमी के दिन लोग भगवान राम के जन्मोत्सव को बड़े उत्साह और भक्ति से मनाते हैं, मंदिरों में पूजा करते हैं और रामायण का पाठ करते हैं।

#रामनवमी

16/01/2026

🚩🚩🚩जय श्री राम🚩🚩🚩

:बेहद हीं खूबसूरत देवी गीत🙏

Devi Navratri 2026 Geet:


अयिगिरि नन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते
गिरिवरविन्ध्यशिरोधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते
भगवति हे शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि भूरिकृते
जय जय हे महिषासुर मर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥

09/01/2026

🚩🚩🚩जय श्री राम🚩🚩🚩

:बेहद हीं खूबसूरत देवी गीत🙏

Devi Navratri 2026 Geet:

मुझे जान के अपना बालक सब भूल तू मेरी भुला देना,
शेरों वाली जगदम्बे आँचल में मुझे छिपा लेना ॥

तुम हो शिव जी की शक्ति मैया शेरों वाली ।
तुम हो दुर्गा हो अम्बे मैया तुम हो काली ॥
बन के अमृत की धार सदा बहना,
ओ शेरों वाली जगदम्बे ॥

तेरे बालक को कभी माँ सबर आए,
जहाँ देखूं माँ तू ही तू नज़र आये ।
मुझे इसके सीवे कुछ ना कहना,
ओ शेरों वाली जगदम्बे ॥

देदो शर्मा को भक्ति का दान मैया जी,
लक्खा गाता रहे तेरा गुणगान मैया जी ।
है भजन तेरा भक्तो का गहना,
ओ शेरों वाली जगदम्बे ॥

30/12/2025

🚩🚩🚩जय श्रीराम🚩🚩🚩


राम काज लगि तव अवतारा
सुनितहिं भयउ पर्वताकारा
पवन तनय बल पवन समाना
बुद्धि विबेक विज्ञान निधाना
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अरे! तुम तो पवन के बेटे हो तथा पवन के समान ही तुममें बल और बुद्धि है । फिर भी हनुमानजी ने अपना मौन नहीं तोड़ा और मौन न तोड़ने के पीछे हनुमानजी का एक उद्देश्य भी था। क्योंकि रामचरितमानस में वर्णन आता है कि रावण ने पवन देवता को भी बन्दी बना लिया।

अगर हनुमान जी पवन का बल लेकर जायें, तब तो जैसे बाप बन्दी है, वैसे बेटे को भी बन्दी बना लिया जायेगा। इसलिए हनुमानजी उस नाते को स्वीकार नहीं करते। लेकिन अचानक जाम्बवानजी ने ऐसा वाक्य कहा, जिससे हनुमान जी का मौन खुल गया और वे उस समय जितने छोटे थे उतने ही अधिक विशाल हो गये। जाम्बवानजी ने कहा
‘राम काज लगि तव अवतारा’- ‘हनुमानजी महाराज! तुम्हारा जन्म तो श्रीराम का कार्य पूरा करने के लिए ही हुआ है’ और ज्योंहि यह शब्द हनुमानजी के कानों में गया त्योंहि हनुमानजी,
‘सुनितहिं भयउ पर्वताकारा’- बन गये। यहाँ पर हनुमानजी पहले तो छोटे थे किन्तु बाद में बड़े बन गये ।
🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩

सुनिए और आनंद लीजिए।


श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र

30/12/2025

🚩🚩🚩जय श्री राम 🚩🚩🚩

Pratishtha Dwadashi (प्रतिष्ठा द्वादशी )


राम रमे रहो, राम सुनो चहो, राम को नाम तुम्हें अति प्यारो
श्री राम को नाम तुम्हें अति प्यारो
राम के सेवक, राम दुहाई
राम के सेवक, राम दुहाई, राम पे आई विपत्ति को टारो
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो|

Jai Shri Ram!!!


29/12/2025

🚩🚩🚩जय श्री राम 🚩🚩🚩

Pratishtha Dwadashi (प्रतिष्ठा द्वादशी )

चल, प्राण उसे दे-दें
प्राणों से जो प्यारा है
नगरी है अयोध्या की,
सरजू का किनारा है
मेरे राम लला,
हर दिन तेरा ही नज़ारा है

Jai Shri Ram!!!


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