13/11/2021
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को लोग देवउठनी एकादशी (14 नवम्बर 2021) के नाम से जानते हैं। मान्यता है कि क्षीर सागर में चार महीने की योगनिद्रा के बाद भगवान विष्णु इस दिन उठते हैं।
भगवान विष्णु के निद्रा के लिए एक पुरानी कथा भी प्रचलित है कि, एक बार एक राजा बलि हुए जो अपने दान को लेकर बेहद अहंकारी थे। उनके अहंकार को तोड़ने के लिए भगवान विष्णु वामन देव के अवतार में प्रकट हुए और उन्होंने राजा बलि द्वारा दिए गए वचन के अनुसार दो पग में पूरी दुनिया को नाप लिया और फिर तीसरे पग में राजा बलि ने श्री हरी विष्णु के लिए अपने सर पर चरण रखवाए और खुद को भी दान स्वरूप दे दिया।
इससे भगवान विष्णु प्रसन्न हो कर उनके द्वारा मांगे गए वरदान के अनुसार पाताल लोक उनके साथ चले गए। फिर मां लक्ष्मी ने राजा बलि को अपना भाई बना लिया और उनको रक्षा सूत्र बांध कर श्री हरि विष्णु को वापिस अपने साथ ले आईं। इसलिए आज भी मान्यता है कि भगवान विष्णु विश्राम करने इन चार महीनों में पाताल लोक चले जाते हैं जिससे मांगलिक कार्य रुक जाया करते हैं।
अब अगर हम इसको ज्योतिष के अनुसार देखें तो भगवान विष्णु से आराधना करके हम गुरु ग्रह को सही करने का आग्रह करते हैं यानी जब जन्म कुंडली में गुरु का फल अच्छा न मिल रहा हो तो श्री हरि विष्णु जी की ही आराधना की जाती है। और गुरु ग्रह या बृहस्पति ग्रह को देख के ही सारे मांगलिक कार्य संपन्न किए जाते हैं। ऐसे में अगर स्वयं यदि श्री हरि ही विश्राम की अवस्था में हों तो फिर मांगलिक कार्य कैसे किए जा सकते हैं।
इस प्रकार पौराणिक कथा हो या उसका वैज्ञानिक आधार ये सब एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।
आप प्रियजन भी देवउठनी एकादशी के दिन कुछ ऐसे उपाय कर सकते हैं जिससे आपके ग्रहों को मजबूती मिलेगी जैसे:-
इस दिन तुलसी विवाह भी होता है इसलिए तुलसी की पूजा करके हम भगवान विष्णु से सीधे तौर से जुड़ सकते हैं तो आप विधि विधान से इस दिन तुलसी जी का विवाह संपन्न करिए और श्री हरि विष्णु जी का आशीर्वाद लीजिए।
▪️तुलसी के चारो ओर आप रंगोली बनाएं और फिर वहां दीपक जलाकर तुलसी मंत्र या विष्णु भगवान के मंत्र का जाप करें। आप यदि ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप भी 108 बार करते हैं तो आपके सभी कष्टों को श्री हरि स्वयं हर लेंगे।
▪️इस दिन यदि आप गायत्री मंत्र का जाप करते हैं तो आपको स्वास्थ्य लाभ मिलेगा और यदि धन प्राप्ति की इच्छा हो तो भगवान विष्णु को दूध में केसर मिलाकर उससे भगवान का स्नान करिए। इससे आपके घर में धन का आगमन स्वयं होने लगेगा।
▪️इस दिन गाय की सेवा से भगवान को अति प्रसन्नता मिलती है इसलिए यदि इस दिन गाय की सेवा की जाए, गाय को अपने हाथों से खिलाया जाए तो हर प्रकार से भगवद कृपा होगी और विशेषकर जिनके विवाह में अड़चन है वो अगर ऐसा करते हैं तो निश्चित ही उनका विवाह जल्दी संपन्न होगा।
▪️संतान ना हो पाना या संतान का देर से होना भी एक बड़ी समस्या है इसलिए, इस दिन जो भी नारायण के सामने घी का दीपक जलाकर संतान गोपाल का 108 बार पाठ करेगा उसे जल्दी ही संतान की प्राप्ति भी हो जाएगी।
▪️एकादशी के दिन आप पीले रंग के कपड़े, पीले फल व पीला अनाज पहले भगवान विष्णु को अर्पण करें, इसके बाद ये सभी वस्तुएं गरीबों व जरूरतमंदों में दान कर दें। ऐसा करने से भगवान विष्णु की कृपा आप पर बनी रहेगी।
▪️इस दिन पीपल के पूजा करने का भी विशेष महत्व है। यदि पीपल वृक्ष के पास दीपक जलाएं और पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करें तो कर्ज से भी जल्दी मुक्ति मिल जाएगी।
▪️एकादशी के दिन सात कन्याओं को घर बुलाकर भोजन कराना चाहिए। भोजन में खीर अवश्य शामिल करें। इससे कुछ ही समय में आपकी समस्त मनोकामना पूरी अवश्य होगी।
▪️अविवाहित कन्याएं शीघ्र विवाह के लिए या मनचाहे पति के लिए माँ तुलसी को श्रृंगार का सामान भेंट कर सकती हैं।
आप सभी को देव उठनी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं।
जय सियाराम