14/07/2021
hallelujah..
आराधना का महत्व समझना हमारे लिए बहुत ही जरूरी हैं। आराधना करने से हमारे जीवन मे बंधन टूटते है , इसी के दौरान चंगाई आती है , दुष्टात्माएं घबरा कर भाग जाती है । आराधना के दौरान हम अद्भुत सामर्थ को महसूस करते है।
बात ये मायने नही रखती कि आप कोनसा साज बजा सकते है या कोनसा साज बजा कर आराधना करते है बल्कि ये मायने रखता है की आप हृदय की गहराई और सच्चाई से आराधना कर रहे है या नहीं । यदि कोई साज नहीं भी बजाते तो आपकी ताली और आवाज़ में इतना दम हो की दुष्ट के ठिकाने हिल जाए।
आप सुरीले है या नही इसे परमेश्वर को कोई फर्क नही पड़ता आपकी आवाज़ चाहे कैसी भी हो यदि आप अपने दिल से प्रमेश्वर की आराधना करे तो आकाश के द्वार खुल जाएंगे।
आज के समय में आराधना केवल सुरों की कलाकारी , सरगम , आप कितना ऊंचा (high scale) गा सकते है , कितनी प्रसिद्धि है , कितने लोग जानते है , बस यही रह गया है। दुनियां में बहुत से ऐसे गायक है जिनका कोई मुकाबला नहीं था और ना ही है । अगर प्रमेश्वर सुर और आवाज को देखते तो उन्हे चुन लेते उनसे अपनी महिमा लेते मगर ये मौका खुदा ने हमे सौंपा है इसे हम व्यर्थ न गवाएं।
( मैं यहा किसी आराधक को निशाना नहीं बना रहा)
पवित्र शास्त्र हमे बताता है (यूहन्ना 4:23) कि परमेश्वर अपने लिए आत्मा और सच्चाई से अराधना करने वालो को ढूंढते है।
आवाज़ को देख कर नही पर खुदावंद के मुख को देखते हुए आत्मा और सच्चाई से उनकी आराधना करो और आपके जीवन में जो यारिहो की दीवारें है वह गिर जाएंगी।
- Udit mohindru
खुदा आपको आशीष दे।