28/12/2021
कुल सौ प्रश्न किए थे यक्ष ने युधिष्ठिर से, लेकिन क्या आप इन प्रश्नों के जवाब जानते हैं?
यह तब की बात है जब पाण्डव अपने तेरह वर्ष के अज्ञातवास पर थे, और इस दौरान वे घने जंगलों में वास कर रहे थे। सभी भाई पेड़ की छाया में बैठकर विश्राम कर रहे थे कि अचानक हैरान और परेशान एक मुनि उनके पास पहुंचे। उन्होंने बताया कि एक हिरण उनके हाथों से यज्ञ की लकड़ी लेकर भाग गया, उन्हें वह वापस चाहिए।
पांचों भाइयों ने मुनि की सहायता करने हेतु उस हिरण की खोज आरंभ कर दी। खोज करते हुए वे सभी काफी आगे निकल गए, गर्मी का समय था तो वे काफी थक भी गए। अब उन्हें इस तपती गर्मी में अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी चाहिए था, लेकिन दूर-दूर तक उन्हें कोई जलाशय ना दिखा।
अंतत: पानी खोजने का काम सबसे छोटे भाई सहदेव को सौंपा गया। कुछ दूर चलने पर सहदेव को एक जलाशय दिखाई दिया। वह वहां पहुंचा और उसने देखा कि जलाशय में बेहद ठंडा पानी है, पानी साथ ले जाने की बजाय सबसे पहले अपनी प्यास बुझाने के लिए सहदेव पानी पीने के लिए जैसे ही आगे बढ़ा तो एक आवाज़ सुनाई दी।
यह आवाज़ अदृश्य यक्ष की थी जो चाहता था कि सहदेव पहले उसके प्रश्नों का उत्तर दे और फिर पानी पीये। लेकिन सहदेव ने यक्ष की एक ना सुनी और जैसे ही पानी अपने होठों से लगाया वह चक्कर खाकर गिर गया। यक्ष ने उसे मूर्छित कर दिया....
जब काफी देर तक सहदेव ना लौटा तो अन्य भाईयों को चिंता होने लगी। फिर एक-एक करके क्रमानुसार नकुल, अर्जुन और भीम सभी उस जलाशय पर पहुंचे और यक्ष की चेतावनी सुने बिना पानी पी लिया और बदले में यक्ष ने उन्हें मूर्छित कर दिया।
अब बचे थे युधिष्ठिर... सभी भाई कब से निकले थे लेकिन वापस ना लौटे। अब आखिरकार युधिष्ठिर ने सबको खोजने का फैसला किया और निकल पड़े। जब वे जलाशय के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनके चारो भाई जमीन पर गिरे हुए हैं, लेकिन क्यों, इस बात से अनजान थे युधिष्ठिर।
उन्होंने अपने सामने शीतल जल का जलाशय देखा, और कुछ भी अन्य करने से पहले अपनी प्यास बुझाने के लिए जैसे ही आगे बढ़े तो उन्हें एक आवाज़ सुनाई दी। यक्ष ने उन्हें चेतावनी दी कि वे पहले उसके प्रश्नों का उत्तर दें, तभी वह उन्हें पानी पीने देगा।
कुछ धैर्य दिखाते हुए युधिष्ठिर मान गए और कहा कि पूछो तुम्हें क्या पूछना है। युधिष्ठिर के आग्रह पर यक्ष ने उनसे कुल सौ सवाल पूछे लेकिन यहां हम आपके सामने कुछ गिने-चुने सवाल रखने जा रहे हैं। साथ ही जानिए इन सवालों पर युधिष्ठिर का क्या जवाब था....
यक्ष ने अपना पहला सवाल किया... उसने युधिष्ठिर से पूछा कि कौन हूं मैं?
जिस पर जवाब आया कि ‘तुम न श