04/10/2026
सुनत जनक आगवनु सबु हरषेउ अवध समाजु।
रघुनंदनहि सकोचु बड़ सोच बिबस सुरराजु॥
भावार्थ:-जनकजी का आगमन सुनकर अयोध्या का सारा समाज हर्षित हो गया। श्री रामजी को बड़ा संकोच हुआ और देवराज इन्द्र तो विशेष रूप से सोच के वश में हो गए॥
🔱🚩जय माँ कालिका🚩🔱
आज का श्रृंगार दर्शन
कालिकन धाम,अमेठी,उत्तर प्रदेश
दिनांक:-04/10/2026[रविवार]