Kalikan Dham

Kalikan Dham ��जय माँ कालिका�� कालिकन धाम अमेठी,उ?
(1)

जब तें प्रभु पद पदुम निहारे। मिटे दुसह दुख दोष हमारे॥बचन सुनत पुरजन अनुरागे। तिन्ह के भाग सराहन लागे॥  भावार्थ:-जब से प्...
20/06/2026

जब तें प्रभु पद पदुम निहारे।
मिटे दुसह दुख दोष हमारे॥
बचन सुनत पुरजन अनुरागे।
तिन्ह के भाग सराहन लागे॥
भावार्थ:-जब से प्रभु के चरण कमल देखे, तब से हमारे दुःसह दुःख और दोष मिट गए। वनवासियों के वचन सुनकर अयोध्या के लोग प्रेम में भर गए और उनके भाग्य की सराहना करने लगे॥
🔱🚩जय माँ कालिका🚩🔱
आज का श्रृंगार दर्शन
कालिकन धाम,अमेठी,उत्तर प्रदेश
दिनांक:-20/06/2026[शनिवार]

यह जियँ जानि सँकोचु तजि करिअ छोहु लखि नेहु।हमहि कृतारथ करनलगि फल तृन अंकुर लेहु॥  भावार्थ:-हृदय में ऐसा जानकर संकोच छोड़...
17/06/2026

यह जियँ जानि सँकोचु तजि करिअ छोहु लखि नेहु।
हमहि कृतारथ करनलगि फल तृन अंकुर लेहु॥
भावार्थ:-हृदय में ऐसा जानकर संकोच छोड़कर और हमारा प्रेम देखकर कृपा कीजिए और हमको कृतार्थ करने के लिए ही फल, तृण और अंकुर लीजिए॥
🔱🚩जय माँ कालिका🚩🔱
आज का श्रृंगार दर्शन
कालिकन धाम,अमेठी,उत्तर प्रदेश
दिनांक:-17/06/2026[बुधवार]

बिटप बेलि तृन अगनित जाती। फल प्रसून पल्लव बहु भाँती॥सुंदर सिला सुखद तरु छाहीं। जाइ बरनि बन छबि केहि पाहीं॥  भावार्थ:-असं...
12/06/2026

बिटप बेलि तृन अगनित जाती।
फल प्रसून पल्लव बहु भाँती॥
सुंदर सिला सुखद तरु छाहीं।
जाइ बरनि बन छबि केहि पाहीं॥
भावार्थ:-असंख्य जात के वृक्ष, लताएँ और तृण हैं तथा बहुत तरह के फल, फूल और पत्ते हैं। सुंदर शिलाएँ हैं। वृक्षों की छाया सुख देने वाली है। वन की शोभा किससे वर्णन की जा सकती है?॥
🔱🚩जय माँ कालिका🚩🔱
आज का श्रृंगार दर्शन
कालिकन धाम,अमेठी,उत्तर प्रदेश
दिनांक:-12/06/2026[शुक्रवार]

राम सैल बन देखन जाहीं। जहँ सुख सकल सकल दुख नाहीं॥झरना झरहिं सुधासम बारी। त्रिबिध तापहर त्रिबिध बयारी॥   भावार्थ:-सब श्री...
11/06/2026

राम सैल बन देखन जाहीं।
जहँ सुख सकल सकल दुख नाहीं॥
झरना झरहिं सुधासम बारी।
त्रिबिध तापहर त्रिबिध बयारी॥
भावार्थ:-सब श्री रामचन्द्रजी के पर्वत (कामदगिरि) और वन को देखने जाते हैं, जहाँ सभी सुख हैं और सभी दुःखों का अभाव है। झरने अमृत के समान जल झरते हैं और तीन प्रकार की (शीतल, मंद, सुगंध) हवा तीनों प्रकार के (आध्यात्मिक, आधिभौतिक, आधिदैविक) तापों को हर लेती है॥
🔱🚩जय माँ कालिका🚩🔱
आज का श्रृंगार दर्शन
कालिकन धाम,अमेठी,उत्तर प्रदेश
दिनांक:-11/06/2026[गुरुवार]

पावन पयँ तिहुँ काल नहाहीं। जो बिलोकि अघ ओघ नसाहीं॥मंगलमूरति लोचन भरि भरि। निरखहिं हरषि दंडवत करि करि॥  भावार्थ:-सब लोग प...
10/06/2026

पावन पयँ तिहुँ काल नहाहीं।
जो बिलोकि अघ ओघ नसाहीं॥
मंगलमूरति लोचन भरि भरि।
निरखहिं हरषि दंडवत करि करि॥
भावार्थ:-सब लोग पवित्र पयस्विनी नदी में (अथवा पयस्विनी नदी के पवित्र जल में) तीनों समय (सबेरे, दोपहर और सायंकाल) स्नान करते हैं, जिसके दर्शन से ही पापों के समूह नष्ट हो जाते हैं और मंगल मूर्ति श्री रामचन्द्रजी को दण्डवत प्रणाम कर-करके उन्हें नेत्र भर-भरकर देखते हैं॥
🔱🚩जय माँ कालिका🚩🔱
आज का श्रृंगार दर्शन
कालिकन धाम,अमेठी,उत्तर प्रदेश
दिनांक:-10/06/2026[बुधवार]

धर्म सेतु करुनायतन कस न कहु अस राम।लोग दुखित दिन दुइ दरस देखि लहहुँ बिश्राम॥   भावार्थ:-(वशिष्ठजी ने कहा-) हे राम! तुम ध...
09/06/2026

धर्म सेतु करुनायतन कस न कहु अस राम।
लोग दुखित दिन दुइ दरस देखि लहहुँ बिश्राम॥
भावार्थ:-(वशिष्ठजी ने कहा-) हे राम! तुम धर्म के सेतु और दया के धाम हो, तुम भला ऐसा क्यों न कहो? लोग दुःखी हैं। दो दिन तुम्हारा दर्शन कर शांति लाभ कर लें॥
🔱🚩जय माँ कालिका🚩🔱
आज का श्रृंगार दर्शन
कालिकन धाम,अमेठी,उत्तर प्रदेश
दिनांक:-09/06/2026[मंगलवार]

* मुनिबर बहुरि राम समुझाए।*  सहित समाज सुसरित नहाए॥ब्रत निरंबु तेहि दिन प्रभु कीन्हा। मुनिहु कहें जलु काहुँ न लीन्हा॥  भ...
05/06/2026

* मुनिबर बहुरि राम समुझाए।
* सहित समाज सुसरित नहाए॥
ब्रत निरंबु तेहि दिन प्रभु कीन्हा।
मुनिहु कहें जलु काहुँ न लीन्हा॥
भावार्थ:-फिर मुनिश्रेष्ठ वशिष्ठजी ने श्री रामजी को समझाया। तब उन्होंने समाज सहित श्रेष्ठ नदी मंदाकिनीजी में स्नान किया। उस दिन प्रभु श्री रामचन्द्रजी ने निर्जल व्रत किया। मुनि वशिष्ठजी के कहने पर भी किसी ने जल ग्रहण नहीं किया॥
🔱🚩जय माँ कालिका🚩🔱
आज का श्रृंगार दर्शन
कालिकन धाम,अमेठी,उत्तर प्रदेश
दिनांक:-05/06/2026[शुक्रवार]

जनकसुता तब उर धरि धीरा। नील नलिन लोयन भरि नीरा॥मिली सकल सासुन्ह सिय जाई। तेहि अवसर करुना महि छाई॥   भावार्थ:-तब जानकीजी ...
02/06/2026

जनकसुता तब उर धरि धीरा।
नील नलिन लोयन भरि नीरा॥
मिली सकल सासुन्ह सिय जाई।
तेहि अवसर करुना महि छाई॥
भावार्थ:-तब जानकीजी हृदय में धीरज धरकर, नील कमल के समान नेत्रों में जल भरकर, सब सासुओं से जाकर मिलीं। उस समय पृथ्वी पर करुणा (करुण रस) छा गई॥
🔱🚩जय माँ कालिका🚩🔱
आज का श्रृंगार दर्शन
कालिकन धाम,अमेठी,उत्तर प्रदेश
दिनांक:-02/06/2026[मंगलवार]

परीं बधिक बस मनहुँ मरालीं। काह कीन्ह करतार कुचालीं॥तिन्ह सिय निरखि निपट दुखु पावा। सो सबु सहिअ जो दैउ सहावा॥   भावार्थ:-...
01/06/2026

परीं बधिक बस मनहुँ मरालीं।
काह कीन्ह करतार कुचालीं॥
तिन्ह सिय निरखि निपट दुखु पावा। सो सबु सहिअ जो दैउ सहावा॥
भावार्थ:-(सासुओं की बुरी दशा देखकर) उन्हें ऐसा प्रतीत हुआ मानो राजहंसिनियाँ बधिक के वश में पड़ गई हों। (मन में सोचने लगीं कि) कुचाली विधाता ने क्या कर डाला? उन्होंने भी सीताजी को देखकर बड़ा दुःख पाया। (सोचा) जो कुछ दैव सहावे, वह सब सहना ही पड़ता है॥
🔱🚩जय माँ कालिका🚩🔱
आज का श्रृंगार दर्शन
कालिकन धाम,अमेठी,उत्तर प्रदेश
दिनांक:-01/06/2026[सोमवार]

बंदि बंदि पग सिय सबही के। आसिरबचन लहे प्रिय जी के।सासु सकल सब सीयँ निहारीं। मूदे नयन सहमि सुकुमारीं॥  भावार्थ:-सीताजी ने...
31/05/2026

बंदि बंदि पग सिय सबही के।
आसिरबचन लहे प्रिय जी के।
सासु सकल सब सीयँ निहारीं।
मूदे नयन सहमि सुकुमारीं॥
भावार्थ:-सीताजी ने सभी के चरणों की अलग-अलग वंदना करके अपने हृदय को प्रिय (अनुकूल) लगने वाले आशीर्वाद पाए। जब सुकुमारी सीताजी ने सब सासुओं को देखा, तब उन्होंने सहमकर अपनी आँखें बंद कर लीं॥
🔱🚩जय माँ कालिका🚩🔱
आज का श्रृंगार दर्शन
कालिकन धाम,अमेठी,उत्तर प्रदेश
दिनांक:-31/05/2026[रविवार]

Address

Amethi
227407

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Kalikan Dham posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to Kalikan Dham:

Share

Category