22/08/2026
मुनिगन निकट बिहग मृग जाहीं।
बाधक बधिक बिलोकि पराहीं॥
हित अनहित पसु पच्छिउ जाना।
मानुष तनु गुन ग्यान निधाना॥
भावार्थ:-पक्षी और पशु मुनियों के पास (बेधड़क) चले जाते हैं, पर हिंसा करने वाले बधिकों को देखते ही भाग जाते हैं। मित्र और शत्रु को पशु-पक्षी भी पहचानते हैं। फिर मनुष्य शरीर तो गुण और ज्ञान का भंडार ही है॥
🔱🚩जय माँ कालिका🚩🔱
आज का श्रृंगार दर्शन
कालिकन धाम,अमेठी,उत्तर प्रदेश
दिनांक:-22/08/2026[शनिवार]