26/08/2026
जीवन में हमारी सबसे बड़ी बेचैनी अक्सर परिणाम को अपने नियंत्रण में रखने की इच्छा से पैदा होती है। लेकिन जब हम अपना कर्तव्य पूरी निष्ठा से निभाकर परिणाम श्रीकृष्ण को समर्पित कर देते हैं, तब मन हल्का और शांत होने लगता है।
उदाहरण:
नौकरी/व्यवसाय: पूरी ईमानदारी और मेहनत से काम करना आपके हाथ में है; ग्राहक कितना मिलेगा या लाभ कितना होगा, यह पूरी तरह आपके हाथ में नहीं।
रिश्ते: अपने रिश्तों में प्रेम, सम्मान और सच्चाई निभाना आपका कर्तव्य है; सामने वाला उसी तरह व्यवहार करेगा या नहीं, यह उसके कर्म और संस्कार पर निर्भर है।
खेती: किसान खेत जोतता है, बीज बोता है और सिंचाई करता है; अब बारिश और फसल का अंतिम परिणाम उसके नियंत्रण में नहीं।
सेवा: किसी जरूरतमंद की सहायता करना आपके हाथ में है; उसकी समस्या पूरी तरह हल होगी या नहीं, यह आपके हाथ में नहीं।
परीक्षा: विद्यार्थी पूरी लगन से पढ़ाई करे और परीक्षा दे; परिणाम आने के बाद उसे स्वीकार करके आगे की तैयारी करना ही........
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ईश्वर सत्य है 089508 99880 हरिॐ जी
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