सिद्ध श्री ग्वेल माँ कालिका शक्तिपीठ

  • Home
  • India
  • Almora
  • सिद्ध श्री ग्वेल माँ कालिका शक्तिपीठ

सिद्ध श्री ग्वेल माँ कालिका शक्तिपीठ श्री ग्वेल मां कालिका सिद्ध पीठ

19/03/2026
19/03/2026
जय माई!आने वाले चैत्र नवरात्र कुंजिका पाठ और हवन होने हैं इस हेतु प्रति कुंजिका 101 की दक्षिणा भी देय होगीकुछ साथी अखंड ...
05/03/2026

जय माई!

आने वाले चैत्र नवरात्र कुंजिका पाठ और हवन होने हैं
इस हेतु प्रति कुंजिका 101 की दक्षिणा भी देय होगी

कुछ साथी अखंड दीपक के लिए पूछ रहे थे तो ये भी होगा जिन्हें अखंड दीपक लगाने हो
वो भी उसकी सूचना समय रहते दे दें ताकि समय से व्यवस्था बन सके

__________________________________________       #क्यों_है_हमारी_शीतकालीन_चारधाम_विशेष ---------------------------------...
03/03/2026

__________________________________________
#क्यों_है_हमारी_शीतकालीन_चारधाम_विशेष
-----------------------------------------------------------------------
❤️तो आइये आपको इस यात्रा की महत्ता बताते है ❤️......................................................................

#देवभूमि के नाम से प्रसिद्ध #उत्तराखंड अपने पूजनीय आध्यत्मिक स्थलों और तीर्थ केंद्रों के लिए जाना जाता है। गढ़वाल हिमालय की शांत उचाईयों से घिरे #यमुनोत्री_जी, #गंगोत्री_जी , #केदारनाथ_जी और #बद्रीनाथ_जी (सामूहिक रूप से चारधाम के रूप में जानें जाते है) के पवित्र तीर्थ स्थल ग्रीष्म ऋतूवो में लाखों तीर्थयात्रियों का स्वागत करते है, लेकिन सर्दीयों में भारीहिमपात के कारण यह स्थल दुर्गम हो जाते है। इन पूजनीय मंदिरों के द्वार बंद कर दिए जाते है। इस दौरान इन तीर्थ स्थलों के अधिष्ठिाता देवता निचले इलाकों में निवास करतें है, जिन्हे लोकप्रिय रूप से #शीतकालीन_चारधाम के रूप में जाना जाता है।

( #खरसाली )

स्थानीय रूप से #खुशीमठ के नाम से प्रसिद्ध खरसाली का विचित्र गाँव देवी #यमुना के शीतकालीन निवास के रूप में कार्य करता है। ठण्ड के महीनों में भारी बर्फीबारी के कारण, #यमुनोत्री मंदिर तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। सर्दियों के महीनों में देवी की दिव्य उपस्थिति के अलावा, खरसाली एक आकर्षक स्थल है, जहाँ मनोरंजन स्थल, थर्मल स्प्रिंग, घुमावदार घास के मैदान और #ओक और #शंकुधारी के जंगल है। मंदिर जहाँ सर्दियों के दौरान देवी निवास करती थी इसकी निर्माण सामग्री- पत्थर, लकड़ी और दाल से बने मोटार्र के मामले में अद्वितीय है। रोमांच की तलाश करने वालों के लिए यहां तारों के नीचे एक रात बिताये। #हरसाली एक लोकप्रिय केमपिंग स्थल है।

( #मुखवा)

देवी #गंगोत्री सर्दियों में #हर्षिल के पास #भागीरथी के तट पर एक छोटे से गाँव मुखवा में लाया जाता है। स्थानीय किंवदंती के अनुसार मुखवा वह जगह है जहाँ चमन_ऋषि ने पांडवो के भाई भीम के साथ विश्राम किया था, ज़ब वह एक अश्वमेघ यज्ञ में पवित्र अग्नि जलाने जा रहें थे। इस गाँव में दो गंगा मंदिर है जिसमे एक आधुनिक है जो कंक्रिट और संगमरमर से बना है और दूसरा पूरी तरह से देवदार और पीतल से बना है।, मुखवा गाँव के आसपास प्राकृतिक सुंदरता की प्रचूरता के साथ साथ आसपास की जगह अत्यधिक आकर्षक है। बर्फ से ढकी घाटिया, गहरे देवदार के जंगल और #श्रीकंठ, #हींड़यानी, #जौनली और #सुमेरु की बर्फ से ढकी चोटियां के शानदार नजारे यहां से दिखते है।

( #ऊखीमठ)

रुद्रप्रयाग जिले में स्थित, ऊखीमठ में #ओंकारेश्वर मंदिर भगवान केदारनाथ का शीतकालीन निवास स्थान है। उखिमठ एक शांत स्थल है, जो शांति और अध्यात्मिकता चाहने वालों के लिए आदर्श है। हर साल भगवान शिव के प्रतिक को सदियों की शुरुआत में भव्य जुलुस के रूप में लाया जाता है और छः महीनो तक ऊखीमठ में हीं पूजा की जाती है। केदारनाथ जी की मुख्य पुजारी(पंडित) जिन्हे रावल भी कहा जाता है, उखिमठ भी आते हैं। ऊखीमठ से दिखाई देने वाली कुछ चोटियों में केदारनाथ और नीलकंठ शामिल हैं। भगवान केदारनाथ के शीतकालीन प्रवास के लिए हीं नहीं, ऊखीमठ कई देवी देवताओं जैसे- देवी उषा, भगवान शिव, भगवान अनिरुद्ध और देवी पार्वती को समर्पित ऐसे पूजनीय मंदिरों के लिए भी प्रसिद्ध हैं।

( #पांडुकेश्वर)

स्थानीय किवदंतियों के अनुसार, पांडुकेश्वर वह स्थान हैं जहाँ पांडव भाई वासुदेव से प्रार्थना करतें थे और जहाँ भगवान बद्री के दूत, उद्धव मूर्तियों की सर्दियों में पूजा की जाती थी। इस स्थान को #योगाध्यान_बद्री के नाम से भी जाना जाता हैं। यह मंदिर जोशीमठ और बद्रीनाथ जी के बीच में स्थित हैं। यह वास्तव में जादुई स्थान हैं।

( #भविष्यबद्री)

जोशीमठ से करीबन 25 किमी और बद्रीनाथ से 56 किमी दूर भविष्य बद्री है। ये जगह भविष्य बद्री तीर्थ के रूप में मशहूर है। ऐसा माना जाता है कि जब पूरी दुनिया में अधर्म फैलेगा, नर और नारायण पर्वत में रुकावटें आने लगेंगी और बद्रीनाथ जाने का रास्ता बंद ही जाएगा, तब भगवान विष्णु इस भविष्य मंदिर में निवास करेंगे और नरसिंघ के रूप में उन्हें पूजा जाएगा।

(जानकरी गूगल के विभिन्न स्रोत से संकलित)

#यात्रा_तिथी = 15 मार्च से 21 मार्च, 2026

#यात्रा_सम्पूर्ण_विवरण = =https://www.facebook.com/share/r/1TdoxrvB4x/

********************************************

#नोट = अगर कोई सदस्य इस यात्रा में शामिल होना चाहते हैं तो नीचे नंबर में संपर्क कर सकते हैं। हमारा 9 सदस्यीय दल यात्रा के तैयार हैं और सीट फुल हैं, लेकिन समूह के सदस्य अगर आने के इच्छुक हैं तो एक अन्य गाड़ी लेकर जाया जा सकता हैं।

********************************************

आपकी पहाड़ी बाखली
घर से दूर अपना घर
📱9536123555

26/02/2026

ग्रहण काल में 3मार्च को दोपहर के 3/19से ग्रहण के मोक्ष 5/57 तक गर्भवती महिलाएं काटनें और छीलने का(सब्जी इत्यादि)कार्य न करें । बच्चे विकलांग पैदा होने की आशंका बढ जाती है।
ग्रहण स्पर्श से मोक्ष तक निद्रा भोजन का त्याग करना सभी के लिए आवश्यक है।
ग्रहण काल 3मार्च को जप पाठ स्वयं करें एवं वैदिक ब्राह्मणों से करवाएं। ग्रहण काल के समय का किया गया जप अनुष्ठान स्वयंमेव सिद्ध हो जाता है और कोटि गुना ज्यादा फलीभूत होता है।
जिनकी कुंडली में ग्रहण दोष है (चंद्र और राहु केतु)एक ही राशि में है वे ग्रहण दोष शांति का जप करवाएं बहुत लाभकारी होता है।
कुंडली में स्थित ग्रहण दोष के कारण कार्यों में असफलता स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतें आर्थिक परेशानियां लगी रहती है।इन सभी दिक्कतों की शांति ग्रहण के समय ही करवानी चाहिए।
#पंडित #सत्येन्द्र #पाण्डेय

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ माँ दुर्गा की शीघ्र कृपा पाने, जीवन की प्रमुख बाधाओं—जैसे गंभीर रोग, शत्रु बाधा, दरिद्रता, ...
22/02/2026

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ माँ दुर्गा की शीघ्र कृपा पाने, जीवन की प्रमुख बाधाओं—जैसे गंभीर रोग, शत्रु बाधा, दरिद्रता, आर्थिक संकट, और बुरी नजर—को दूर करने में अत्यंत चमत्कारी और कल्याणकारी माना जाता है। यह स्तोत्र दुर्गा सप्तशती के गुप्त मंत्रों को खोलकर मनोकामना पूर्ति, भय मुक्ति, और मानसिक शांति प्रदान करता है।

कुंजिका स्तोत्र के मुख्य लाभ और लाभकारी समस्याएं:
शत्रु और तंत्र-मंत्र बाधा: शत्रुओं का दमन करने और नजर दोष, टोना-टोटका, या किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा का असर खत्म करने के लिए यह अत्यंत प्रभावशाली है।
आर्थिक संकट: यदि आप कर्ज से दबे हैं या धन-समृद्धि चाहते हैं, तो यह स्तोत्र गरीबी दूर करने में मदद करता है।
रोग मुक्ति: शारीरिक और मानसिक रोगों से मुक्ति पाने और स्वास्थ्य सुधारने के लिए इसका पाठ किया जाता है।
कार्य सिद्धि और मनोकामना: नौकरी, व्यवसाय, और शिक्षा में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए यह स्तोत्र सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
वाणी और मन की शक्ति: इसके पाठ से व्यक्ति के अंदर ऊर्जा का संचार होता है और वाणी में तेज आता है।

पाठ के लिए सावधानियां:
कुंजिका स्तोत्र बहुत शक्तिशाली है, इसलिए इसे श्रद्धापूर्वक और पवित्रता के साथ उचित स्थान में, जिधर शांति और शुद्धता हो पाठ करना चाहिए।
इसका पाठ लाल आसन पर बैठकर करना सर्वोत्तम है।
जल्दबाजी में पाठ न करें, एकांत और शांति से ही करें।

नमस्ते जगदम्बिके कालरात्रि परात्परे।त्वमेव जननी शक्तिः शिवस्य हृदयेश्वरी॥त्वया सृष्टं जगत्सर्वं त्वया धृतं चराचरम्।त्वयि...
18/02/2026

नमस्ते जगदम्बिके कालरात्रि परात्परे।
त्वमेव जननी शक्तिः शिवस्य हृदयेश्वरी॥
त्वया सृष्टं जगत्सर्वं त्वया धृतं चराचरम्।
त्वयि लीयेत विश्वं च नमामि त्वां नमोऽस्तु ते॥
क्रीडारूपे मम मातः करुणारससागरि।
उग्ररूपा अपि त्वं हि प्रेमस्वरूपिणी सदा॥
रक्तदंष्ट्रे करालास्ये मुण्डमालाविभूषिते।
भक्तानां भयहारिणि कालिके प्रणमाम्यहम्॥
त्वत्पादाम्भोजसेवायां सिद्धिर्मे सर्वदा भवेत्।
मम बुद्धिं प्रकाशय त्वं विघ्नराजस्य मातरि॥

भावार्थ
हे माँ कालिका! आप ही समस्त सृष्टि की आदिशक्ति हैं। आपका उग्र रूप भी भक्तों के लिए करुणा और रक्षा का स्वरूप है। आप ही सृजन, पालन और संहार की अधिष्ठात्री हैं। मैं विघ्नराज आपका पुत्र, आपकी शरण में नमन करता हूँ—मेरी बुद्धि को प्रकाशमान करें और जगत में प्रेम की स्थापना करें।

सादर जय माई पूजा साधना ध्यान के समय प्रयोग किए जाने वाले दीपक धूप हवन सामग्री समिधा आदि ही देवों का भोग हैइसे जितना शुद्...
18/02/2026

सादर जय माई

पूजा साधना ध्यान के समय प्रयोग किए जाने वाले दीपक धूप हवन सामग्री समिधा आदि ही देवों का भोग है
इसे जितना शुद्ध रखा जाएगा उतना ही आपको उच्च फल मिलेगा

माई के स्थान पर हम भी सभी तरह की बाजार की धूप और हवन सामग्री का उपयोग बंद कर रहे हैं

इनके स्थान पर घी,तेल, अनाज, मसाले और जड़ी बूटियों को ही प्रयोग करेंगे

आने वालों से निवेदन है कि ध्यान रखें

https://youtu.be/IayNik7qWac?si=J5r8RboBdxDvVT4F
16/02/2026

https://youtu.be/IayNik7qWac?si=J5r8RboBdxDvVT4F

Golu Devta Bhajan | Jai Golu Ji Maharaj 🙏इष्ट देव ग्वेल ज्यू और श्री ग्वेल मां कालिका सिद्धपीठ को समर्पित होने वाले 108 मोतियों से यह छठवां म...

Address

Almora
263625

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when सिद्ध श्री ग्वेल माँ कालिका शक्तिपीठ posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share