छात्र हिन्दू वाहिनी

छात्र हिन्दू वाहिनी Hinduism is the world's third most popular religion, with around 750 million followers.

हिन्दुत्व को प्राचीन काल में सनातन धर्म कहा जाता था। हिन्दुओं के धर्म के मूल तत्त्व सत्य, अहिंसा, दया, क्षमा, दान आदि हैं जिनका शाश्वत महत्त्व है। अन्य प्रमुख धर्मों के उदय के पूर्व इन सिद्धान्तों को प्रतिपादित कर दिया गया था। इस प्रकार हिन्दुत्व सनातन धर्म के रूप में सभी धर्मों का मूलाधार है क्योंकि सभी धर्म-सिद्धान्तों के सार्वभौम आध्यात्मिक सत्य के विभिन्न पहलुओं का इसमें पहले से ही समावेश कर ल

िया गया था। मान्य ज्ञान जिसे विज्ञान कहा जाता है प्रत्येक वस्तु या विचार का गहन मूल्यांकन कर रहा है और इस प्रक्रिया में अनेक विश्वास, मत, आस्था और सिद्धान्त धराशायी हो रहे हैं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आघातों से हिन्दुत्व को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इसके मौलिक सिद्धान्तों का तार्किक आधार तथा शाश्वत प्रभाव है।

आर्य समाज जैसे कुछ संगठनों ने हिन्दुत्व को आर्य धर्म कहा है और वे चाहते हैं कि हिन्दुओं को आर्य कहा जाय। वस्तुत: 'आर्य' शब्द किसी प्रजाति का द्योतक नहीं है। इसका अर्थ केवल श्रेष्ठ है और बौद्ध धर्म के चार आर्य सत्य की व्याख्या करते समय भी यही अर्थ ग्रहण किया गया है। इस प्रकार आर्य धर्म का अर्थ उदात्त अथवा श्रेष्ठ समाज का धर्म ही होता है। प्राचीन भारत को आर्यावर्त भी कहा जाता था जिसका तात्पर्य श्रेष्ठ जनों के निवास की भूमि था। वस्तुत: प्राचीन संस्कृत और पालि ग्रन्थों में हिन्दू नाम कहीं भी नहीं मिलता। यह माना जाता है कि परस्य (ईरान) देश के निवासी 'सिन्धु' नदी को 'हिन्दु' कहते थे क्योंकि वे 'स' का उच्चारण 'ह' करते थे। धीरे-धीरे वे सिन्धु पार के निवासियों को हिन्दू कहने लगे। भारत से बाहर 'हिन्दू' शब्द का उल्लेख 'अवेस्ता' में मिलता है। विनोबा जी के अनुसार हिन्दू का मुख्य लक्षण उसकी अहिंसा-प्रियता है

हिंसया दूयते चित्तं तेन हिन्दुरितीरित:।

एक अन्य श्लोक में कहा गया है

ॐकार मूलमंत्राढ्य: पुनर्जन्म दृढ़ाशय:

गोभक्तो भारतगुरु: हिन्दुर्हिंसनदूषक:।

ॐकार जिसका मूलमंत्र है, पुनर्जन्म में जिसकी दृढ़ आस्था है, भारत ने जिसका प्रवर्तन किया है, तथा हिंसा की जो निन्दा करता है, वह हिन्दू है।

चीनी यात्री हुएनसाग् के समय में हिन्दू शब्द प्रचलित था। यह माना जा सकता है कि हिन्दू' शब्द इन्दु' जो चन्द्रमा का पर्यायवाची है से बना है। चीन में भी इन्दु' को इन्तु' कहा जाता है। भारतीय ज्योतिष में चन्द्रमा को बहुत महत्त्व देते हैं। राशि का निर्धारण चन्द्रमा के आधार पर ही होता है। चन्द्रमास के आधार पर तिथियों और पर्वों की गणना होती है। अत: चीन के लोग भारतीयों को 'इन्तु' या 'हिन्दु' कहने लगे। मुस्लिम आक्रमण के पूर्व ही 'हिन्दू' शब्द के प्रचलित होने से यह स्पष्ट है कि यह नाम मुसलमानों की देन नहीं है।

भारत भूमि में अनेक ऋषि, सन्त और द्रष्टा उत्पन्न हुए हैं। उनके द्वारा प्रकट किये गये विचार जीवन के सभी पहलुओं पर प्रकाश डालते हैं। कभी उनके विचार एक दूसरे के पूरक होते हैं और कभी परस्पर विरोधी। हिन्दुत्व एक उद्विकासी व्यवस्था है जिसमें अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता रही है। इसे समझने के लिए हम किसी एक ऋषि या द्रष्टा अथवा किसी एक पुस्तक पर निर्भर नहीं रह सकते। यहाँ विचारों, दृष्टिकोणों और मार्गों में विविधता है किन्तु नदियों की गति की तरह इनमें निरन्तरता है तथा समुद्र में मिलने की उत्कण्ठा की तरह आनन्द और मोक्ष का परम लक्ष्य है।

हिन्दुत्व एक जीवन पद्धति अथवा जीवन दर्शन है जो धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष को परम लक्ष्य मानकर व्यक्ति या समाज को नैतिक, भौतिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक उन्नति के अवसर प्रदान करता है। हिन्दू समाज किसी एक भगवान की पूजा नहीं करता, किसी एक मत का अनुयायी नहीं हैं, किसी एक व्यक्ति द्वारा प्रतिपादित या किसी एक पुस्तक में संकलित विचारों या मान्यताओं से बँधा हुआ नहीं है। वह किसी एक दार्शनिक विचारधारा को नहीं मानता, किसी एक प्रकार की मजहबी पूजा पद्धति या रीति-रिवाज को नहीं मानता। वह किसी मजहब या सम्प्रदाय की परम्पराओं की संतुष्टि नहीं करता है। आज हम जिस संस्कृति को हिन्दू संस्कृति के रूप में जानते हैं और जिसे भारतीय या भारतीय मूल के लोग सनातन धर्म या शाश्वत नियम कहते हैं वह उस मजहब से बड़ा सिद्धान्त है जिसे पश्चिम के लोग समझते हैं । कोई किसी भगवान में विश्वास करे या किसी ईश्वर में विश्वास नहीं करे फिर भी वह हिन्दू है। यह एक जीवन पद्धति है; यह मस्तिष्क की एक दशा है। हिन्दुत्व एक दर्शन है जो मनुष्य की भौतिक आवश्यकताओं के अतिरिक्त उसकी मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक आवश्यकता की भी पूर्ति करता है।

27/01/2026

जब शिक्षा पर वार होगा,
तो विरोध भी आक्रामक होगा।

UGC के विरोध में कल लखनऊ में आंदोलन करेगी करणी सेना, सवर्णों से शामिल होने की अपील यूजीसी कानून के विरोध में 27 जनवरी को...
27/01/2026

UGC के विरोध में कल लखनऊ में आंदोलन करेगी करणी सेना, सवर्णों से शामिल होने की अपील

यूजीसी कानून के विरोध में 27 जनवरी को शाम 4 बजे लखनऊ के परिवर्तन चौक से बड़ा आंदोलन शुरू होगा. करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष दुर्गेश सिंह ने सवर्ण समाज से इसमें बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यह कानून समाज के हितों के खिलाफ है. करणी सेना ने आंदोलन को शांतिपूर्ण बताया है. प्रशासन भी आंदोलन को लेकर सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए जाने की संभावना है.

“चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा,राई लो या पहाड़ लो राजा, मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूँ मेरा,रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा ..।”😢🙏(स्व० र...
27/01/2026

“चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा,
राई लो या पहाड़ लो राजा,
मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूँ मेरा,
रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा ..।”😢🙏
(स्व० रमेश रंजन मिश्र)


Anand Kumar Singh Parmar

UGC Equity Regulation 2026पर पुनः विचार करे...न्याय चाहिए, पक्षपात नहींयूजीसी यदि निम्न बिंदुओं को शामिल कर ले,तो किसी क...
27/01/2026

UGC Equity Regulation 2026

पर पुनः विचार करे...
न्याय चाहिए, पक्षपात नहीं

यूजीसी यदि निम्न बिंदुओं को शामिल कर ले,
तो किसी को कोई आपत्ति नहीं होगी —

1️⃣ फर्जी शिकायत पर कठोर कार्यवाही
यदि कोई शिकायत जाँच में फर्जी पाई जाती है,
तो शिकायतकर्ता के विरुद्ध भी सख़्त दंडात्मक कार्यवाही हो।

2️⃣ जाँच समिति में समान प्रतिनिधित्व
जाँच के लिए गठित टीम में
👉 कम से कम दो सामान्य वर्ग (General Category) के सदस्य अनिवार्य हों।

3️⃣ सामान्य वर्ग के साथ भेदभाव पर भी सजा
यदि सामान्य वर्ग के व्यक्ति के साथ
👉 जातिसूचक टिप्पणी या शोषण होता है,
तो उसके लिए भी सजा का स्पष्ट प्रावधान हो।

4️⃣ निष्पक्ष जाँच के लिए नार्को मैपिंग टेस्ट
पीड़ित एवं आरोपी — दोनों का
👉 NARCO / Lie Detection / Scientific Test हो,
तभी इसे “सबका साथ, सबका विकास” माना जाएगा।
वरना यह भी एकतरफ़ा पक्षपात है।

5️⃣ प्रतिनिधित्व अनिवार्य है
जिन वर्गों का प्रतिनिधित्व ही नहीं है,
👉 उनका प्रतिनिधित्व होना चाहिए।
अन्यथा यह आंदोलन और तेज़ होगा — समाधान संवाद से ही निकलेगा।

न्याय का अर्थ है — समानता और निष्पक्षता कोई भी क़ानून
👉 समावेशी होना चाहिए,
👉 किसी एक वर्ग के विरुद्ध पक्षपातपूर्ण नहीं।



 #धर्म,  #कर्म और  #वीरता के प्रतीक  #भगवान_परशुराम_जी को नमन 💐💐परशुराम भगवान की जयंती की ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं 💐💐...
29/04/2025

#धर्म, #कर्म और #वीरता के प्रतीक #भगवान_परशुराम_जी को नमन 💐💐परशुराम भगवान की जयंती की ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं 💐💐

Anand Kumar Singh Parmar

[2/9]  #माँ_ब्रह्मचारिणीसुख, शांति, अच्छा स्वास्थ्य, धन, समृद्धि और सद्भाव,देवी दुर्गा आपके जीवन में यह सब लेकर आएं 💐💐
31/03/2025

[2/9] #माँ_ब्रह्मचारिणी

सुख, शांति, अच्छा स्वास्थ्य, धन, समृद्धि और सद्भाव,
देवी दुर्गा आपके जीवन में यह सब लेकर आएं 💐💐

1/9  #माँ_शैलपुत्रीॐ सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।। नवरात्रि की हार...
30/03/2025

1/9 #माँ_शैलपुत्री

ॐ सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।

नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं 💐💐

26/02/2025

शिव ही सत्य हैं, शिव अनंत हैं,
शिव अनादि हैं, शिव भगवंत हैं |

शिव ओंकार हैं, शिव ब्रह्म हैं,
शिव शक्ति हैं, शिव भक्ति हैं ||

आप सभी को #महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं 💐💐

सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सवार्थ साधिके।शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते।। #शारदीय_नवरात्रि के पावन पर्व की समस्त देश...
03/10/2024

सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सवार्थ साधिके।
शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।

#शारदीय_नवरात्रि के पावन पर्व की समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ 💐💐

माँ जगत जननी सभी को सुख-सौभाग्य और ऊर्जस्वी जीवन प्रदान करें, यह प्रार्थना करता हूँ।

जय माता दी 🚩🚩

Anand Kumar Singh Parmar

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