A Dream to Make Peace Full The World

A Dream to Make  Peace Full The World The World is My Femily
{vasudhaiva kutumbakam}

05/02/2025
05/02/2025

आज भावातीत ध्यान के प्रणेता, वेद को विज्ञान की दिशा और प्रचारक, वैज्ञानिक संत परम श्रद्धेय ,पूजनीय ब्रह्मलीन महर्षि महेश योगी जी की पुण्यतिथि है। आज 5 फरवरी 2007 को महर्षि जी ब्रह्मलीन तो हो गया थे लेकिन उनका आशीर्वाद आज भी हम सब और सम्पूर्ण विश्व में है। आज संगम घाट में 1008 आटे की दिया जला कर हम सब 900 वेदिक पंडित समेत सैकड़ों भक्त जन मानस ने गंगा में दिया प्रवाहित किया।

एक ऐसे कथावाचक जिनके पास पत्नी के अस्थि विसर्जन तक के लिए पैसे नहीं थे ...तब मंगलसूत्र बेचने की बात की थी।यह जानकर सुखद ...
04/04/2023

एक ऐसे कथावाचक जिनके पास पत्नी के अस्थि विसर्जन तक के लिए पैसे नहीं थे ...तब मंगलसूत्र बेचने की बात की थी।

यह जानकर सुखद आश्चर्य होता है कि पूज्यनीय रामचंद्र डोंगरे जी महाराज जैसे भागवताचार्य भी हुए हैं जो कथा के लिए एक रुपया भी नहीं लेते थे 🙏 मात्र तुलसी पत्र लेते थे।

जहाँ भी वे भागवत कथा कहते थे, उसमें जो भी दान दक्षिणा चढ़ावा आता था, उसे उसी शहर या गाँव में गरीबों के कल्याणार्थ दान कर देते थे। कोई ट्रस्ट बनाया नहीं और किसी को शिष्य भी बनाया नहीं।

अपना भोजन स्वयं बना कर ठाकुरजी को भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करते थे।

डोंगरे जी महाराज कलयुग के दानवीर कर्ण थे।

उनके अंतिम प्रवचन में चौपाटी में एक करोड़ रुपए जमा हुए थे, जो गोरखपुर के कैंसर अस्पताल के लिए दान किए गए थे।-स्वंय कुछ नहीं लिया|

डोंगरे जी महाराज की शादी हुई थी। प्रथम-रात के समय उन्होंने अपनी धर्मपत्नी से कहा था- 'देवी मैं चाहता हूं कि आप मेरे साथ 108 भागवत कथा का पारायण करें, उसके बाद यदि आपकी इच्छा होगी तो हम ग्रहस्थ आश्रम में प्रवेश करेंगे'।

इसके बाद जहाँ -जहाँ डोंगरे जी महाराज भागवत कथा करने जाते, उनकी पत्नी भी साथ जाती।108 भागवत पूर्ण होने में करीब सात वर्ष बीत गए।

तब डोंगरे जी महाराज पत्नी से बोले-' अब अगर आपकी आज्ञा हो तो हम ग्रहस्थ आश्रम में प्रवेश कर संतान उत्पन्न करें'।

इस पर उनकी पत्नी ने कहा,' आपके श्रीमुख से 108 भागवत श्रवण करने के बाद मैंने गोपाल को ही अपना पुत्र मान लिया है, इसलिए अब हमें संतान उत्पन्न करने की कोई आवश्यकता नहीं है'।

धन्य हैं ऐसे पति-पत्नी, धन्य है उनकी भक्ति और उनका कृष्ण प्रेम।

डोंगरे जी महाराज की पत्नी आबू में रहती थीं और डोंगरे जी महाराज देश दुनिया में भागवत रस बरसाते थे।

पत्नी की मृत्यु के पांच दिन पश्चात उन्हें इसका पता चला।
वे अस्थि विसर्जन करने गए, उनके साथ मुंबई के बहुत बड़े सेठ थे- रतिभाई पटेल जी |
उन्होंने बाद में बताया कि डोंगरे जी महाराज ने उनसे कहा था ‘कि रति भाई मेरे पास तो कुछ है नहीं और अस्थि विसर्जन में कुछ तो लगेगा। क्या करें’ ?

फिर महाराज आगे बोले थे, ‘ऐसा करो, पत्नी का मंगलसूत्र और कर्णफूल- पड़ा होगा उसे बेचकर जो मिलेगा उसे अस्थि विसर्जन क्रिया में लगा देते हैं’।

सेठ रतिभाईपटेल ने रोते हुए बताया था....
जिन महाराजश्री के इशारे पर लोग कुछ भी करने को तैयार रहते थे, वह महापुरुष कह रहा था कि पत्नी के अस्थि विसर्जन के लिए पैसे नहीं हैं।

हम उसी समय मर क्यों न गए l
फूट फूट कर रोने के अलावा मेरे मुँह से एक शब्द नहीं निकल रहा था।

*ऐसे महान विरक्त महात्मा संत के चरणों में कोटि-कोटि नमन भी कम है ।।



Wish u all happy Ram Navmi
30/03/2023

Wish u all happy Ram Navmi

12/01/2023

आज ऋषि कुल परंपरा भावातीत ध्यान के प्रणेता और दुनिया को लाभान्वित करने वाले वैज्ञानिक संत महर्षि महेश योगी जी के 106th जन्म शताब्दी समारोह (महर्षि ज्ञान युग दिवस) पर उन्हें शत शत नमन और संपूर्ण विश्व , महर्षि वेदिक परिवार को बहुत बहुत बधाई । जय गुरु देव

Address

Prayag
Allahabad
226587

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when A Dream to Make Peace Full The World posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share