12/06/2026
आदरणीय श्री पवन जैन जी की मंगल प्रेरणा से शनिवार, 5 दिसंबर 2020 को ग्रंथाधिराज श्री षट्खण्डागमजी की वाचना का शुभारंभ हुआ था।
आज, इस वाचन को 2000 दिन पूर्ण हुए हैं। आइए, इस मंगल अवसर पर जिनश्रुति की अनुमोदना करें और इस मंगल वाचना से जुड़कर नरभव को सफल बनाएं।
- आपको यह जानकर हर्ष होगा कि अब तक बाल ब्रह्मचारिणी कल्पना बहिन द्वारा अनवरत 16 पुस्तकों की वाचना पूर्ण हो चुकी है। वर्तमान में महाबन्ध/महाधवलाजी की पुस्तक 4 की वाचना चल रही है।
- इस वाचना से ऑनलाइन जुड़ने नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें: https://youtube.com/...