16/10/2015
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प्राचीन काल में गोदावरी नदी के किनारे वेदधर्म मुनि के आश्रम में उनके शिष्य वेद-शास्त्रादि का अध्ययन करते थे। एक दिन गुरु ने सोचा कि शिष्यों की गुरु के प्रति भक्ति व निष्ठा की परीक्षा ली जाय। वैसे तो सद्गुरु अन्तर्यामी होते हैं, उन्हें असल व बनावटी व्यवहार की परख होती है। फिर भी सत्य को उजागर करने ह…