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Titodi kudarti najaro
06/09/2025

Titodi kudarti najaro

27/06/2023

😊શુભ રાત્રી સંદેશ😊
*"INSURANCE"*
એ એક એવી વસ્તુ છે જેમાં વ્યક્તિ તે જે રકમ ની પોલિસી ખરીદે છે,તે રકમનો હકદાર બની જાય છે,અન્ય જગ્યાએ તે રકમ એકઠી કરવામાં વર્ષો નીકળી જાય છે.
દા. ત :એક વ્યક્તિ એ 50 લાખ રૂપિયા ની પોલિસી લીધાન બે વર્ષ બાદ તેનું મૃત્યુ થયું તો તે વ્યક્તિ ના વારસદારને 50 લાખ રૂપિયા તરત જ મળી જશે.
પણ જો તેણે બેંક, પોસ્ટ ઓફીસ કે મ્યુચ્યુઅલ ફંડમાં યુનિટ લીધા હોત તો તેને 50 લાખ રૂપિયા એકઠા કરતા વર્ષો નીકળી જાત.
માટે જીવન વીમો ખુબજ જરૂરી છે.
મિત્રો,
*"દુઃખી થવું તેના કરતાં
વીમો લેવો વધુ સારું છે".
😊😊😊😊😊😊😊😊
*વધુ માહિતી માટે સંપર્ક કરો👇🏻*
S &H.Solanki
Life advisor
Contact:8347340456
😊 *Happy to help:* 😊આ મેસેજ આગળ મોકલો.

01/05/2018

Gujarat sthapna din nimite Gujarat ni 6crode janta ne kubh kubh subhecha
And happy birthday Gujarat
Tapan Panchal
Social worker
Vishvas foundation
Ahmedabad

01/12/2017

vahla mitro
ajje 1st december atle world aids day.chalo mitro aa rog ni badha ne mahiti apiye ane aids vise sav ne jagrut kariye.
vishvas foundation
Ahmddabd

15/11/2017

good morning friends

01/05/2017

૨૭ એપ્રિલ ૨૦૧૭. અમદાવાદની સીટી સેશન્સ કોર્ટમાં જવાનું થયું. રખેવાળ દૈનિકના તંત્રી તરુણ શેઠ સામે મેં એટ્રોસિટીનો કેસ કર્યો છે. રખેવાળે તા. ૧૯ ડીસેમ્બર ૨૦૦૮ના અંકમાં હાલના દિવ્ય ભાસ્કરના કટારલેખક સંજય વોરાનો લેખ છાપ્યો હતો. જેમાં વોરાએ લખેલું કે,
"આજના બાળકો સ્કુલે જાય છેત્યાં હલકા વર્ણના બાળકો સાથે સંસર્ગમાં આવે છે અને ખરાબ રીતભાતો શીખે છે....અગાઉની પાઠશાળાઓમાં શિક્ષક તરીકે માત્ર બ્રાહ્મણની જ પસંદગી કરવામાં આવતી હતી. હવે તો પછાતવર્ગના લોકો પણ અનામતનો લાભ લઇને શિક્ષક બની જાય છે. આ શિક્ષકો બાળકોને સારા સંસ્કાર આપી શકતા નથી."
આ કેસમાં તરુણ શેઠ એક રાત જેલની હવા ખાઇ આવ્યો છે.
કેસ ચાલુ છે.
આપણે લડીશું. જીતીશું .
ભલે દિવ્ય ભાસ્કરની ગુડ બુકમાં ના રહીએ.
આપણે દરેક જણ દિવ્ય ભાસ્કરના તંત્રીને એક પોસ્ટકાર્ડ લખીને જણાવીએ સંજય વોરાની કોલમ બંધ કરો.ે
Rajubhai solanki

राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले के जन्म दिन पर कोटि कोटि नमन( शिक्षा अधिकार जगत की क्रांति )ज्योतिराव गोविंदराव फुले (जन्म - १...
11/04/2017

राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले के जन्म दिन पर कोटि कोटि नमन
( शिक्षा अधिकार जगत की क्रांति )

ज्योतिराव गोविंदराव फुले (जन्म - ११ अप्रैल १८२७, मृत्यु - २८ नवम्बर १८९०), महात्मा फुले एवं ज्‍योतिबा फुले के नाम से प्रचलित 19वीं सदी के एक महान भारतीय विचारक, समाज सेवी, लेखक, दार्शनिक तथा क्रान्तिकारी कार्यकर्ता थे। सितम्बर १८७३ में इन्होने महाराष्ट्र में सत्य शोधक समाज नामक संस्था का गठन किया। महिलाओं व दलितों के उत्थान के लिय इन्होंने अनेक कार्य किए। समाज के सभी वर्गो को शिक्षा प्रदान करने के ये प्रबल समथर्क थे।

कराड में स्थित एक ज्योतिबा फुले की मूर्ति
महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म 1827 ई. में पुणे में हुआ था। उनका परिवार कई पीढ़ी पहले सतारा से पुणे आकर फूलों के गजरे आदि बनाने का काम करने लगा था। इसलिए माली के काम में लगे ये लोग 'फुले' के नाम से जाने जाते थे। ज्योतिबा ने कुछ समय पहले तक मराठी में अध्ययन किया, बीच में पढाई छूट गई और बाद में 21 वर्ष की उम्र में अंग्रेजी की सातवीं कक्षा की पढाई पूरी की। इनका विवाह 1840 में सावित्री बाई से हुआ, जो बाद में स्‍वयं एक मशहूर समाजसेवी बनीं। दलित व स्‍त्री शिक्षा के क्षेत्र में दोनों पति-पत्‍नी ने मिलकर काम किया।

ज्‍योतिबा फुले भारतीय समाज में प्रचलित जाति आधारित विभाजन और भेदभाव के खिलाफ थे।

उन्‍होंने विधवाओं और महिलाओं के कल्याण के लिए काफी काम किया। उन्होंने इसके साथ ही किसानों की हालत सुधारने और उनके कल्याण के लिए भी काफी प्रयास किये। स्त्रियों की दशा सुधारने और उनकी शिक्षा के लिए ज्योतिबा ने 1848 में एक स्कूल खोला। यह इस काम के लिए देश में पहला विद्यालय था। लड़कियों को पढ़ाने के लिए अध्यापिका नहीं मिली तो उन्होंने कुछ दिन स्वयं यह काम करके अपनी पत्नी सावित्री को इस योग्य बना दिया। उच्च वर्ग के लोगों ने आरंभ से ही उनके काम में बाधा डालने की चेष्टा की, किंतु जब फुले आगे बढ़ते ही गए तो उनके पिता पर दबाब डालकर पति-पत्नी को घर से निकालवा दिया इससे कुछ समय के लिए उनका काम रुका अवश्य, पर शीघ्र ही उन्होंने एक के बाद एक बालिकाओं के तीन स्कूल खोल दिए।

ज्योतिबा की संत-महत्माओं की जीवनियाँ पढ़ने में बड़ी रुचि थी। उन्हें ज्ञान हुआ कि जब भगवान के सामने सब नर-नारी समान हैं तो उनमें ऊँच-नीच का भेद क्यों होना चाहिए। स्त्रियों की दशा सुधारने और उनकी शिक्षा के लिए ज्योतिबा ने 1848 में एक स्कूल खोला। यह इस काम के लिए देश में पहला विद्यालय था। लड़कियों को पढ़ाने के लिए अध्यापिका नहीं मिली तो उन्होंने कुछ दिन स्वयं यह काम करके अपनी पत्नी सावित्री को इस योग्य बना दिया। उच्च वर्ग के लोगों ने आरंभ से ही उनके काम में बाधा डालने की चेष्टा की, किंतु जब फुले आगे बढ़ते ही गए तो उनके पिता पर दबाब डालकर पति-पत्नी को घर से निकालवा दिया इससे कुछ समय के लिए उनका काम रुका अवश्य, पर शीघ्र ही उन्होंने एक के बाद एक बालिकाओं के तीन स्कूल खोल दिए।

दलितों और निर्बल वर्ग को न्याय दिलाने के लिए ज्योतिबा ने 'सत्यशोधक समाज' स्थापित किया। उनकी समाजसेवा देखकर 1888 ई. में मुंबई की एक विशाल सभा में उन्हें 'महात्मा' की उपाधि दी। ज्योतिबा ने ब्राह्मण-पुरोहित के बिना ही विवाह-संस्कार आरंभ कराया और इसे मुंबई हाईकोर्ट से भी मान्यता मिली। वे बाल-विवाह विरोधी और विधवा-विवाह के समर्थक थे। अपने जीवन काल में उन्होंने कई पुस्तकें भी लिखीं- तृतीय रत्न, छत्रपति शिवाजी, राजा भोसला का पखड़ा, ब्राह्मणों का चातुर्य, किसान का कोड़ा, अछूतों की कैफियत. महात्मा ज्योतिबा व उनके संगठन के संघर्ष के कारण सरकार ने ‘एग्रीकल्चर एक्ट’ पास किया. धर्म, समाज और परम्पराओं के सत्य को सामने लाने हेतु उन्होंने अनेक पुस्तकें भी लिखी
कोटि कोटि नमन ज्योतिबा

लश्करी भरती मेळो -   ,mahesana--------------------------------------------------ऑनलाइन फॉर्म माहिती 👉🏼 Http://goo.gl/LCz...
30/03/2017

लश्करी भरती मेळो - ,mahesana
--------------------------------------------------

ऑनलाइन फॉर्म माहिती 👉🏼 Http://goo.gl/LCzva8

🎓 जग्यानुं नाम :-

(1) सोल्जर जनरल डयूटी(GD)
___________________________

लायकात :- धो.10 पास
ऊंचाई :- 168 से.मी
वजन :- 50 किलो
उमर :- 17.5 थी 21 वर्ष

(2) सोल्जर ट्रेंडसमेन
___________________________

लायकात :- धो.10 पास / 8 पास / ITI
ऊंचाई :- 167 से.मी
वजन :- 50 किलो
उमर :- 17.5 थी 23 वर्ष

(3) सोल्जर टेकनिकल
___________________________

लायकात :- धो.12 सायन्स,फिजिक्स,मेथ्स,केमेस्ट्री 45 % साथे पास
ऊंचाई :- 167 से.मी
वजन :- 50 किलो
उमर :- 17.5 थी 23 वर्ष

(4) सोल्जर क्लार्क
___________________________

लायकात :- धो.12 पास
ऊंचाई :- 167 से.मी
वजन :- 50 किलो
उमर :- 17.5 थी 23 वर्ष

🎓 अरजी केवी रीते करवी :-
________________________

Join Indian Army

पर ओनलाईन फॉर्म भरवानुं छे. फॉर्म नी प्रिंट आउट काढी साचवी राखवी.

Document List 👉🏼 http://goo.gl/LCzva8

जील्ला वाईझ भरती कार्यक्रम
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तारीख---12/5/17---------------- जील्लानुं नाम
____________________________

12/5/17 _ patan

13/5/17 - panch mahal

14/5/17-B.K

15/5/17-B.K

17/5/17-surat

18/5/17-sabarkhantha

20/5/17-mahesana

22/5/17-gandhinagar&dahod

ता.25/5/17 थी 30-5-17सुधी मेडीकल

वधारे माहिती माटे :-

लश्करी भरती कार्यालय

www.gujarateducationwebsite.com

आ पोस्ट फॉर्वड करजो कोईनुं कॅरियर बनी जाशे
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Indian Army Bharti Online Form – Apply Online for Indian Army Rally Recruitment. Indian Army has been started Online Registration For Various Upcoming Recruitment in Various Zones. All Eligible Candidates who have Desired Qualification Can Apply Online on Official website of Indian Army at www.joini...

02/03/2017

*RTE હેઠળ ફ્રી શિક્ષણ*

ખાનગી શાળા પ્રવેશ ધોરણ ૧માંટે જે બાળકની જન્મ તારીખ ૦૧/૦૬/૨૦૧૧. પછી અને તા.૩૧/૦૫/૨૦૧૨. પહેલા હોય તે બાળક આ ફેબ્રુઆરી ૨૦૧૭ માં ઓન લાઇન અરજી કરી શકશે જેની નોંધ લેવા વિ. છે.

*RTE ના ફોર્મ ઓન લાઇન ભરવા*

માટેની સાઇટ લખો.www.rtegujarat.org છે.
(૧) સ્કુલ લીસ્ટ મેનુ ખોલો.
તેમા તમારો જિલ્લો શોધો.
તમારા ઘર નજીકની ખાનગી શાળાઓના નામ લખીલો.
(૨) ડોક્યુમેનટ્સ મેનુ ખોલો.તમને લાગુ પડતા ડોકયુમેન્ટસ લખીલો.
(૩) બધુ તૈયાર રાખો.પછી ઓનલાઇન એપ્લીકેસન મેનુ ખોલો.જરુરી વિગત ભરો..
(૪) વિગત ભરાય જાય એટલે પ્રિન્ટ કાઢો.
(૫) આ પ્રિન્ટ શાથે જરુરી ઝેરોક્ષ જોડો.
(૬) બિડેલ બધા ઝેરોક્ષ ફ્રી ચેક કરી આપીશું.ત્યાર બાદ
(૭) શિક્ષણાધિકારીની કચેરીએ આપવા જાવ.
(૮) અરજી આપ્યાની પવતી મેળવો.

*આ માહિતી દરેક સુધી મોકલો...જય ભીમ...નમો બુદ્ધાય...*

🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🌀डॉ बाबासाहब अंबेडकर 9 भाषाएँ जानते थे।1) मराठी (मातृभाषा)2) हिन्दी3) संस्कृत4) गुजराती5) अंग्रेज़ी6) ...
08/02/2017

🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🌀डॉ बाबासाहब अंबेडकर 9 भाषाएँ जानते थे।
1) मराठी (मातृभाषा)
2) हिन्दी
3) संस्कृत
4) गुजराती
5) अंग्रेज़ी
6) पारसी
7) जर्मन
8) फ्रेंच
9) पाली

उन्होंने पाली व्याकरण और शब्दकोष (डिक्शनरी) भी लिखी थी, जो महाराष्ट्र सरकार ने "Dr.Babasaheb Ambedkar Writing and
Speeches Vol.16 "में प्रकाशित की हैं।

🔹 बाबासाहब अंबेडकर जी ने संसद में पेश किए हुए विधेयक

1) महार वेतन बिल
2) हिन्दू कोड बिल
3) जनप्रतिनिधि बिल
4) खोती बिल
5) मंत्रीओं का वेतन बिल
6) मजदूरों के लिए वेतन (सैलरी) बिल
7) रोजगार विनिमय सेवा
8) पेंशन बिल
9) भविष्य निर्वाह निधी (पी.एफ्.)

🔹 बाबासाहब के सत्याग्रह (आंदोलन)

1) महाड आंदोलन 20/3/1927
2) मोहाली (धुले) आंदोलन 12/2/1939
3) अंबादेवी मंदिर आंदोलन 26/7/1927
4) पुणे कौन्सिल आंदोलन 4/6/1946
5) पर्वती आंदोलन 22/9/1929
6) नागपूर आंदोलन 3/9/1946
7) कालाराम मंदिर आंदोलन 2/3/1930
8) लखनौ आंदोलन 2/3/1947
9) मुखेड का आंदोलन 23/9/1931

🔹बाबासाहब अंबेडकर द्वारा स्थापित सामाजिक संघटन

1) बहिष्कृत हितकारिणी सभा - 20 जुलै 1924
2) समता सैनिक दल - 3 मार्च 1927

🔹राजनीतिक संघटन
1) स्वतंत्र मजदूर पार्टी - 16 अगस्त 1936
2) शेड्युल्ड कास्ट फेडरेशन- 19 जुलै 1942
3) रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया- 3 अक्तूबर 1957

🔹धार्मिक संघटन
1) भारतीय बौद्ध महासभा -
4 मई 1955

🔹शैक्षणिक संघटन
1) डिप्रेस क्लास एज्युकेशन सोसायटी- 14 जून 1928
2) पीपल्स एज्युकेशन सोसायटी- 8 जुलै 1945
3) सिद्धार्थ काॅलेज, मुंबई- 20 जून 1946
4) मिलींद काॅलेज, औरंगाबाद- 1 जून 1950

🔹अखबार, पत्रिकाएँ
1) मूकनायक- 31 जनवरी 1920
2) बहिष्कृत भारत- 3 अप्रैल 1927
3) समता- 29 जून 1928
4) जनता- 24 नवंबर 1930
5) प्रबुद्ध भारत- 4 फरवरी 1956

🔹बाबासाहब अंबेडकर जी ने अपने जिवन में विभिन्न विषयों पर 527 से ज्यादा भाषण दिए।

🔹बाबासाहब अंबेडकर को प्राप्त सम्मान

1) भारतरत्न
2) The Greatest Man in the World (Columbia University)
3) The Universe Maker (Oxford University)
4) The Greatest Indian (CNN IBN & History Tv

🔹बाबासाहब अंबेडकर जी इनकी
निजी किताबें (उनके पास थी)
1) अंग्रेजी साहित्य- 1300 किताबें
2) राजनिती- 3,000 किताबें
3) युद्धशास्त्र- 300 किताबें
4) अर्थशास्त्र- 1100 किताबें
5) इतिहास- 2,600 किताबें
6) धर्म- 2000 किताबें
7) कानून- 5,000 किताबें
8) संस्कृत- 200 किताबें
9) मराठी- 800 किताबें
10) हिन्दी- 500 किताबें
11) तत्वज्ञान (फिलाॅसाफी)- 600 किताबें
12) रिपोर्ट- 1,000
13) संदर्भ साहित्य (रेफरेंस बुक्स)- 400 किताबें
14) पत्र और भाषण- 600
15) जिवनीयाँ (बायोग्राफी)- 1200
16) एनसाक्लोपिडिया ऑफ ब्रिटेनिका- 1 से 29 खंड
17) एनसाक्लोपिडिया ऑफ सोशल सायंस- 1 से 15 खंड
18) कैथाॅलिक एनसाक्लोपिडिया- 1 से 12 खंड
19) एनसाक्लोपिडिया ऑफ एज्युकेशन
20) हिस्टोरियन्स् हिस्ट्री ऑफ दि वर्ल्ड- 1 से 25 खंड
21) दिल्ली में रखी गई किताबें-
बुद्ध धम्म,
पालि साहित्य,
मराठी साहित्य- 2000 किताबें
22) बाकी विषयों की 2305 किताबें

🔹बाबासाहब जब अमेरिका से भारत लौट आए तब एक बोट दुर्घटना में उनकी सैंकडो किताबें समंदर मे डूबी।

🔹बाबासाहब अंबेडकर जी
1) महान समाजशास्त्री
2) महान अर्थशास्त्री
3) संविधान शिल्पी
4) आधुनिक भारत के मसिहा
5) इतिहास के ज्ञाता और रचियाता
6) मानवंशशास्त्र के ज्ञाता
7) तत्वज्ञानी (फिलाॅसाॅफर)
8) दलितों के और महिला अधिकारों के मसिहा
9) कानून के ज्ञाता (कानून के विशेषज्ञ)
10) मानवाधिकार के संरक्षक
11) महान लेखक
12) पत्रकार
13) संशोधक
14) पाली साहित्य के महान अभ्यासक (अध्ययनकर्ता)
15) बौध्द साहित्य के अध्ययनकर्ता
16) भारत के पहले कानून मंत्री
17) मजदूरों के मसिहा
18) महान राजनितीज्ञ
19) विज्ञानवादी सोच के समर्थक
20) संस्कृत और हिन्दू साहित्य के गहन अध्ययनकर्ता थे।

🔹बाबासाहब अंबेडकर की कुछ विशेषताएँ

1) पाणी के लिए आंदोलन करनेवाले विश्व के पहल महापुरुष

2) लंदन विश्वविद्यालय के पुरे लाईब्ररी के किताबों की छानबीन कर उसकी
जानकारी रखनेवाले एकमात्र महामानव

3) लंदन विश्वविद्यालय के 200 छात्रों में नंबर 1 का छात्र होने का सम्मान प्राप्त होनेवाले पहले भारतीय

4) विश्व के छह विद्वानों में से एक

5) विश्व में सबसे अधिक पुतले बाबासाहब अंबेडकर जी के हैं।

6) लंदन विश्वविद्यालय मे डी.एस्.सी.
यह उपाधी पानेवाले पहले और आखिरी भारतीय

7) लंदन विश्वविद्यालय का 8 साल का पाठ्यक्रम 3 सालों मे पूरा
करनेवाले महामानव

🔹बाबासाहब अंबेडकर जी के वजह से ही भारत में "रिजर्व बैंक" की स्थापना हुईं।

बाबासाहब अंबेडकर जी ने अपने डाॅक्टर ऑफ सायंस के लिए ' दि प्राॅब्लेम ऑफ रूपी' यह शोध प्रबंध लिखा था। Indian Money & Finance इसके अभ्यास के लिए
ब्रिटिशों ने जो कमिशन चुना था उनको बाबासाहब 🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹
The Battle of Bhima
Koregaon.

पिछली बार जब डायरेक्टर संजय
जायसवाल ने फ़िल्म शूद्रा द राइजिंग बनाया था तब
Sab ने एक होकर उस फ़िल्म को
सिनेमाहालो मल्टीप्लेक्सों में चलने
नहीं दिया जिसकी
वजह से उनको बहुत ज्यादा आर्थिक
नुकशान उठाना पड़ा था। किन्तु उसी
महान अम्बेडकरवादी ने दुबारा
फ़िल्म 500 बनाने का हिम्मत दिखाया है।
जिसमे 1जनवरी 1818 की
सच्ची घटना को दिखाया गया है
जिसमे मात्र 500 जांबाज महार सैनिको ने
देखते ही देखते पेशवाओ
)की 28 हजार
सैनिको के विशाल सेना का संहार कर डाला और
पूरी दुनिया के सामने अपने साहस
और पराक्रम का अदभुत नायाब नमूना पेश किया
और अपने ऊपर सदियो से हुए अत्याचार का
बदला लिया।
इस प्रकार का पराक्रम पूरी दुनिया में
कभी नहीं देखा गया
था।
अगर इस फ़िल्म को भी
मनुवादी दबाने में सफल होते
है जैसे इस कोरे गांव विजय की
घटना को छुपाने में सफल हो गए थे तो लानत
है हमारी एकजुटता पर।
सभी ग्रुप बंद करके अपने अपने
घरो में आराम करो। और अपने निकम्मेपन का
आनंद लो अन्यथा अगर दम है तो इस
फ़िल्म की इतनी
पब्लिसिटी करो की
इसकी सफलता से ं के
होस उडा दे। उन्हें अपनी
एक जुटता का परिचय दो।
ताकी एक डाइरेक्टर उत्साहित
होके हमारे समाज के मुद्दों पर आगे
भी नायाब फिल्में बना सके।
अन्यथा भजन कीर्तन वाले
मनुवादी फिल्मो की क्या
कमी है मार्केट में देखो और
आनंद लो।
इस पोस्ट को इतना शेयर करो इतना शेयर करो
हमारे sc st obc भाई इस मूवी
को देखने जाएँ और जागरुकता लाए
यही हमारी
मनोकामना है
आप भीम वाले हैँ इतना जरुर
करना है आपको
हम लोगोँ को हमारे समाज को जागृत
करना यही हमारा
मीशन है 🙏🙏जय 🌀भीम🙏🙏

🌷🌷🌷?🙏🙏🙏🙏🙏 ┃███████████████┃┃███████████████┃┃███████████████┃┃███████████████┃┃███████████████┃┃███████████████┃ डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर████ ┃███████████████┃┃███████████████┃┃███████████████┃┃███████████████┃┃███████████████┃┃███████████████┃┃███████████████┃किसी भी एक ग्रुप मे भेजो और देखो जादू🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

06/07/2016

Ajje ashad sudh bij atle k rathyatra no parv
Karnavati nagar ma nikli 139 mi rathyatra badal akha karnavati nagar ne hardik subhkamnavo

Tatha ramjan na pavitra mas purnata ne are che tethi sarve ne eid Mubarak

Aa banne tahvar ekta nu pratik che

Jay jagannath
And
Eid mubarak

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Ahmedabad

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