26/10/2024
* #अनंत #व्रत की #महिमा*
#विहंगम #योग का एक मात्र #पर्व जो अनंत फलों का प्रदाता है कार्तिक मास में कृष्ण दशमी को ( *26 October 2024 शनिवार* ) को होगा।
सभी #सदगुरु के शिष्य इस व्रत को नियम पूर्वक अपने समस्त परिवार जनों के साथ श्रद्धापूर्वक मनाए , इस व्रत की महिमा अनंत है।
अनंत सत्ता अर्थात सचिदानंद परब्रह्म की उपासना करने से अर्थ धर्म काम मोक्ष की प्राप्त कराने वाले होते है। जो भाव भक्ति, भेद भजन द्वारा उस भगवान् महा प्रभु को जनता है, स्मरण करता है, भजन करता है उस भक्त को भगवान् सब कुछ देते है। वह जो भाव या वांछा को लेकर व्रत को करता है उसको वही प्राप्त हो जाता है।अज्ञान वश जड़ जीवो की उपासन करने वाला जीव इधर उधर भटकते है नाना प्रकार के योनियों में भ्रमते है उनको कही शांति नही मिलती है, अर्थात उनका कल्याण कभी नही होता है। अतः हम सभी इस व्रत को करें और लोगों को प्रेरित भी करे। जीवो का कल्याण प्रभु के भजन से है और कहीं नही। सदगुरु सुकृत देव ने अनंत श्री सदाफल देव जी महाराज को सार शब्द का उपदेश इसी कार्तिक कृष्ण दशमी को किया था। तब से सदगुरु अपने भक्त शिष्यों को इस व्रत को करने का उपदेश किये ।यह भौतिक साधन लौकिक पदार्थों की प्राप्ति मोक्ष निर्वाण के लिए शुभ भाव उत्पन्न करता है।
*व्रत के नियम -*
*1.* नमक और तेल छोड़कर दिन में एक बार ही फल, या पूड़ी , हलवा खीर, आदि का प्रसाद और जल लेना है।
*2.* अनंत को लखाने वाले सदगुरु की प्रार्थना, स्वर्वेद का पाठ तथा सत्संग , वंदना आरती और शांति पाठ करना है ।
3. अनन्य और आस्तिक भाव से सभी इस व्रत को विधि पूर्वक करे ।
*अनन्त श्री सदगुरु सदाफल देव जी महाराज की जय*