Shree Dwarkadhish Mandir Raipur Ahmedabad

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26/08/2026
आज श्रावण शु.12 ... पवित्रा द्वादशी...समस्त वैष्णव सृष्टि के लिये "सौभाग्य दिन" ...!!!"सहस्र परिवत्सर" से अपने "अंशी" से...
25/08/2026

आज श्रावण शु.12 ...
पवित्रा द्वादशी...
समस्त वैष्णव सृष्टि के लिये "सौभाग्य दिन" ...!!!

"सहस्र परिवत्सर" से अपने "अंशी" से बिछुड़े हुए
"अंश" ... अर्थात् "जीव" को... उसके मूल स्वरूप का ज्ञान देकर... "अंशी" के साथ उसका संबंध पुनःस्थापित करानेवाले... "वैश्वानर" श्रीवल्लभरूप श्रीगुरुदेव के इस अमूल्य उपकार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर... दीनतापूर्वक ऋणस्वीकार करने का...आज अनोखा अवसर है...!!!

तृतीय गृह की वर्तमान सेवकसृष्टि को जिन्होंने... "ब्रह्मसंबंध" के "अदेय-दान" से सनाथ की है...
उन चारों पीढ़ियों में विराजमान... "स्ववंशेस्थापिताशेषमाहात्म्य" नाम को चरितार्थ करनेवाले... सर्व स्वरूपों के... "प्रणतपालभवाब्धिपोत" चरणपंकजों में... अभीक्ष्णशः दंडवत् प्रणाम...!!!

एवम्... सभी भाग्यवान भगवदीयों को...भूरि-भूरि हार्दिक बधाई...!!!

"श्रावणस्यामले पक्षे एकादश्यां महानिशि।साक्षाद् भगवता प्रोक्तं तदक्षरशः उच्यते।।"वेद-संमत फिर भी वेद-विलक्षण, ...अति अद्...
24/08/2026

"श्रावणस्यामले पक्षे एकादश्यां महानिशि।
साक्षाद् भगवता प्रोक्तं तदक्षरशः उच्यते।।"

वेद-संमत फिर भी वेद-विलक्षण, ...अति अद्भुत-
अलौकिक... निर्गुण...पुष्टिभक्तिमार्ग के प्राकट्य
महोत्सव की ... अनेकानेक हार्दिक-मंगल बधाई..!!

मार्ग के आराध्य की कृपा से... मार्ग के प्रवर्तक द्वारा निर्दिष्ट मार्ग पर निरंतर अग्रसर होते रहने की रति-मति-गति...मार्ग के संनिष्ठतम सेवक की आड़ी से ...हम सब को प्राप्त हो... और... हमारे अंतःकरण का आकाश... इस "महानिशा" के माहात्म्य-मार्तण्ड की तेज-रश्मियों से सदा-सर्वदा आलोकित होता रहे... यही विनती... आजके मंगल अवसर पर...
"भक्तिमार्गाब्जमार्तण्ड" श्रीवल्लभ के श्रीचरणों में...!!!

"नमामि यमुनामहं सकलसिद्धिहेतुं मुदा।"आज श्रावण शु.3... "ठकुरानी तीज" की... हार्दिक-मंगल बधाई...!!!पुष्टिमार्गीय सेवा प्र...
15/08/2026

"नमामि यमुनामहं सकलसिद्धिहेतुं मुदा।"

आज श्रावण शु.3... "ठकुरानी तीज" की... हार्दिक-मंगल बधाई...!!!

पुष्टिमार्गीय सेवा प्रणाली में ... आज के उत्सव के उपलक्ष्य में विशेष सामग्री-शृंगार-कीर्तन का क्रम तो है ही...किन्तु... आज का दिन एक अन्य कारण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है...!!!

वि.सं.1549 में... अर्थात्... अपनी 14 वर्ष की आयु में... प्रथम बार श्रीगोकुल पधारे हुए श्रीमदाचार्यचरण के सम्मुख... साक्षात् प्रकट होकर...चतुर्थ प्रिया श्रीयमुनाजी ने दर्शन दिये... वह...आज ही का तो दिन था...!!!

कृपाशक्ति की द्रवीभूत स्वरूपा श्रीयमुनाजी की इस अतुलित कृपा से द्रवीभूत... कृपाशक्ति के घनीभूत स्वरूप श्रीवल्लभ के श्रीमुख से...श्रीयमुनाजी की स्तुति में... "श्रीयमुनाष्टकम्" का प्राकट्य भी... आज ही के दिन तो हुआ है...!!!

निजसेवकों का सम्यक् पथप्रदर्शन करनेवाले "षोडशग्रंथ" के मंगलाचरण के रूप में..."श्रीयमुनाष्टकम्" का प्रथम स्थान ही... संकेत है इस बात का... कि... बिना श्रीयमुनाजी की कृपा के...पुष्टिपथ पर अग्रसर होना असंभव है...!!!

तो... आजके अनमोल अवसर पर... कृपाशक्ति के उभय स्वरूपों की कृपायाचना करते हुए...भूरिशः दंडवत् प्रणाम...!!!

"देखो माई हरियारो सावन आयो।हर्यो टिपारो सीस बिराजत, काछ हरी मन भायो।।हरी मुरली है हरि संग राधे, हरी भूमि सुखदाई।हरी-हरी ...
12/08/2026

"देखो माई हरियारो सावन आयो।
हर्यो टिपारो सीस बिराजत,
काछ हरी मन भायो।।
हरी मुरली है हरि संग राधे,
हरी भूमि सुखदाई।
हरी-हरी बन राजत द्रुम बेली,
नृत्यत कुँवर कन्हाई।।
हरी-हरी सारी सखिजन पहिरें,
चोली हरी रंगभीनी।
'रसिक' प्रीतम मन हरित भयो है,
सर्वस्व न्यौछावर कीनी।।"

हरियाली अमावस्या की हरी-हरी बधाई...!!!

आज के दिन... हरी घटा में... हरे सूथन-काछनी और हरे टिपारे का शृंगार किये... हिंडोरा झूल रहे... "हरित्कौस्तुभव्याप्तवक्षोजदेश" ... स्वामिनीवल्लभ...श्रीद्वारकेश प्रभु की कृपा से... हमारा मन... तत्सुखात्मक भावों की हरियाली से हरा-भरा होकर... श्रीयुगलस्वरूप के विहार के योग्य बने... यही मनोरथ... "भक्तेच्छापूरक" श्रीवल्लभ के चरणकमलों में निवेदित करें...!!!

॥ શ્રી દ્વારકેશો જયતિ ॥શ્રી દ્વારકાધીશ મંદિર બઉઆ ની પોળ, રાયપુર ચકલા અમદાવાદફોન નં.-૦૭૯ ૨૨૧૪૧૫૩૭તૃતીય પીઠાધીશ્વર (ગૃહાધી...
11/08/2026

॥ શ્રી દ્વારકેશો જયતિ ॥

શ્રી દ્વારકાધીશ મંદિર બઉઆ ની પોળ, રાયપુર ચકલા અમદાવાદ
ફોન નં.-૦૭૯ ૨૨૧૪૧૫૩૭

તૃતીય પીઠાધીશ્વર (ગૃહાધીશ), કાંકરોલી નરેશ પરમ પૂજ્ય ગોસ્વામી ૧૦૮ શ્રી ડો. વાગીશકુમારજી મહારાજશ્રી

તા: ૧૫-૦૮-૨૬ ને શનિવાર સવારે ૧૦.૦૦ થી તા. ૧૬-૦૮-૨૦૨૬ રવિવાર સાંજ સુધી શ્રી દ્વારકાધીશ મંદિર રાયપુર ચકલા અમદાવાદ ખાતે બિરાજશે અને આપ શ્રી દ્વારકાધીશ પ્રભુને હિંડોળે ઝુલાવશે

સર્વે વૈષ્ણવો ઍ દંડવત તથા ચરણસ્પર્શ નો લાભ લેવો.

बधाई... हार्दिक -मंगल बधाई...!!!तृतीय गृह एकादश तिलकायत... नि.ली.गो.श्रीबालकृष्णलालजी महाराजश्री के आज प्राकट्योत्सव की ...
10/08/2026

बधाई... हार्दिक -मंगल बधाई...!!!

तृतीय गृह एकादश तिलकायत... नि.ली.गो.श्रीबालकृष्णलालजी महाराजश्री के आज प्राकट्योत्सव की हार्दिक -मंगल बधाई...!!!

आपश्री का प्राकट्य आज ही के दिन (आषाढ़/व्रज-श्रावण कृ.13)... वि.सं.1924 में... मथुरा में गो.श्रीकल्याणरायजी के पुत्र के रूप में हुआ... जोकि श्रीगुसांईजी के षष्ठ पुत्र श्रीयदुनाथजी के वंशज थे...!!!

तृतीय गृह नवम तिलकायत गो. श्रीपुरुषोत्तमजी की पत्नी श्रीपद्मावती बहूजी ने... आपको वि.सं.1936 में गोद लेकर तृतीय गृह के एकादश तिलकायत के रूप में प्रतिष्ठित किया... और... तबसे लेकर... अद्यापिपर्यंत आप ही का वंश तृतीय गृह परंपरा को अलंकृत कर रहा है...!!!

आपश्री के प्राकट्योत्सव के मंगल अवसर पर... सदैन्य दंडवत् प्रणाम... आपश्री समेत समग्र तृतीय गृह परंपरा के पावन पादारविन्दों में...!!!

*विशेष:-* इस वर्ष त्रयोदशी का क्षय होने से यह उत्सव आज द्वादशी को मनाया जा रहा है।

"लाल के झूलन के दिन आये...!!!"आज से प्रारंभ हो रहे...  "हिंडोरा उत्सव" की मंगल-मधुर बधाई...!!!हमारे कीर्तन साहित्य में.....
30/07/2026

"लाल के झूलन के दिन आये...!!!"

आज से प्रारंभ हो रहे... "हिंडोरा उत्सव" की मंगल-मधुर बधाई...!!!

हमारे कीर्तन साहित्य में.. इस रसमय-मनभावन लीला के... अनेकविध प्रकार के मनोहारी वर्णन करते हुए कई पद प्राप्त होते हैं... जिनके अवगाहन से... प्रत्येक पुष्टिजीव अपने अधिकारानुसार... लीलाभावन करके...उसकी अनुभूति का आनंद ले सकता है...!!!

श्रीगुसांईजी के परम कृपापात्र श्रीगंगाबाई रचित... निम्न पद में "हिंडोरा" का भावात्मक स्वरूप कितना सुंदर समझाया गया है...???!!!

"झूलौ तो सुरत हिंडोरे झुलाऊँ।
मरुवे मयार करौं हित-चित के
तन-मन खंभ बनाऊँ।।
सुधि पटुली बुद्धि दांडी बेलन
नेह बिछोना बिछाऊँ।
अति औसेर धरों रुचि कलसा
प्रीति ध्वजा फहराऊँ।।
गरजन कुहुक हिलग मिलिवे की
प्रेम नीर बरसाऊँ।
'श्रीविट्ठल' गिरिधरन झुलाऊँ
जो इकले करि पाऊँ।।

बस... इसी भावात्मक हिंडोरे में... श्रीस्वामिनी सहित हमारे श्रीस्वामिनीवल्लभ को... सदैव झुलाते रहने का सौभाग्य... हमें... हमारे श्रीवल्लभ की कृपा से मिल जाये...!!!

"श्रीभागवत-प्रतिपद-मणिवर-भावांशु-भूषिता मूर्तिः।श्रीवल्लभाभिधानस्तनोतु निज-दासस्य सौभाग्यम्।।"-(श्रीगुसांईजी कृत सप्तश्ल...
29/07/2026

"श्रीभागवत-प्रतिपद-मणिवर-
भावांशु-भूषिता मूर्तिः।
श्रीवल्लभाभिधानस्तनोतु
निज-दासस्य सौभाग्यम्।।"
-(श्रीगुसांईजी कृत सप्तश्लोकी - श्लोक:2)

【श्रीमद्भागवत के प्रत्येक शब्द रूपी श्रेष्ठ-अलौकिक प्रकाशयुक्त मणियों से प्रस्फुटित दिव्य किरणों से शोभायमान श्रीअंगवाले श्रीवल्लभ अपने दासों के सौभाग्य का रक्षण-विस्तार करें...!!!】

विश्व के प्रायः सभी धर्मों में... और... विशेषतः हमारे सनातन वैदिक धर्म में... "गुरु" का अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान रहा है...!!! और... "गुरु" द्वारा किये गये अनेक उपकारों का...गुरुवन्दना द्वारा... यत्किंचित् ऋण चुकाने का अवसर है... आज का दिन... अर्थात्... "गुरुपूर्णिमा" ...!!!

समग्र पुष्टिसृष्टि के आदि-शाश्वत गुरु... "श्रीभागवत गूढार्थप्रकाशनपरायण", "श्रीभागवतभावार्थाविर्भावार्थावितारित"
वाक्पति श्रीवल्लभ के युगल चरणकमलों में... आजके पावन पर्व पर... नतमस्तक हो कर... यही विनती करें... कि...आपश्री को अतिप्रिय... श्रीमद्भागवत के अध्ययन-अवगाहन द्वारा... आपश्री की प्रसन्नता के पात्र बनने का सौभाग्य हमें... आपश्री की कृपा से...प्राप्त हो...!!!

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