Mahila Ashram

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यह "महिला आश्रम , संत श्री आशारामजी आश्रम की अनाधिकारिक फेसबुक साइट है |

(१) युवतियों एवं महिलाओं का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, आध्यात्मिक - सर्वांगीण विकास |
(२) उनके माध्यम से उनके बच्चों में सुसंस्कारों का सिंचन एवं उन्नत भावी पीढ़ी का निर्माण |
(३) नारियों को पारिवारिक उन्नति का मार्गदर्शन देकर सुन्दर समाज का निर्माण |
(४) भारतीय संस्कृति की सर्वहितकारी परम्पराओं का वैज्ञानिक आधार बताकर उन्हें अपनाने व प्रचारित करने का पथ प्रदर्शन करना |
(५) पारिवारिक स्वास्थ्य के

लिये मंत्र जप, योग एवं आयुर्वेद की सरल कुंजियों की जानकारी देना |
(६) उन्हें सफलता के सूत्र बताकर उनके जीवन को सुनियोजित ढंग से उन्नति के पथ पर अग्रसर करना |
(७) भ्रूण ह्त्या, दहेज़, नशाखोरी, विवाह-विच्छेद (तलाक) जैसी सामाजिक कुरीतियों से लोहा लेने का आत्मबल उनमे जगाना |
(८) नारियों की समस्याओं के निवारण हेतु चर्चासत्र व मार्गदर्शन |
(९) युवतियों को आधुनिकीकरण (मोडर्नइजेशन),फैशन आदि की अंधी दौड़ से बचाकर सत्संग, सत्साहित्य के द्वारा उनकी मनोवृत्ति को सही दिशा देना, तेजस्वी-ओजस्वी जीवन का मार्ग बताना |
(१०) निष्काम भाव से सेवा करते हुये महिलाओं की सर्वागीण उन्नति कर उन्हें जीवन के सर्वोच्च लक्ष्य भगवत प्राप्ति की ओर ले जाना |
(११) हर नारी अपने घर को सुसंस्कारो से सुसज्जित करके संस्कृति ज्ञान-दीप जलाकर सुख-शांति से प्रकाशित करे, इस हेतु उसे प्रेरित करना |
(१२) शास्त्रों में माँ को बालकों का प्रथम गुरु बताया गया है | उक्त वचनों को चरितार्थ करने के लिये महिलों को अग्रसर करना |

महिला दिवस के इस अवसर पर, हम उन सभी महिलाओं को धन्यवाद देते हैं जिन्होंने हमारे जीवन को बेहतर बनाने में अपना योगदान दिया...
08/03/2026

महिला दिवस के इस अवसर पर, हम उन सभी महिलाओं को धन्यवाद देते हैं जिन्होंने हमारे जीवन को बेहतर बनाने में अपना योगदान दिया है। हम उनके योगदान को याद करते हैं और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं।
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🌸💜 अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 – आज का दिन सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि उन करोड़ों महिलाओं की कहानी है जो हर दिन चुपचाप इतिहास रच रही हैं। 💪✨
महिला वो नहीं जो सिर्फ घर संभालती है या बाहर कमाती है।
महिला वो है जो सुबह 5 बजे उठकर परिवार के हित के लिए भगवान से प्रार्थना करती है, बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करती है, ऑफिस जाकर मीटिंग्स हैंडल करती है, शाम को घर लौटकर सबकी देखभाल करती है और रात को भी सपनों को जिंदा रखती है।
वो माँ है जो बीमारी में भी बच्चों के सिरहाने बैठी रहती है।
वो बेटी है जो बूढ़े माता-पिता का सहारा बनती है।
वो बहन है जो भाई की हर गलती को छुपाकर उसका बचाव करती है।
वो पत्नी है जो पति के हर फैसले में साथ खड़ी रहती है – चाहे वो सही हो या गलत।
वो दोस्त है जो आधी रात को कॉल उठाकर बात करती है और दिलासा और हिम्मत देती है ।
वो डॉक्टर है, वो टीचर है, वो सैनिक है, वो किसान है, वो पुलिसवाली है, वो CEO है, वो गृहिणी है – और हर भूमिका में वो कमाल करती है।
इस साल हम सबसे एक छोटी-सी गुजारिश है:

अपनी बेटी से कहिए – "तुम्हें कुछ भी बनने से कोई नहीं रोक सकता। मैं तुम्हारे पीछे खड़ा हूँ।"
अपनी माँ को गले लगाकर कहिए – "तुम्हारे बिना ये सब अधूरा है। धन्यवाद हर चीज़ के लिए।"
खुद से कहिए – "मैं कमज़ोर नहीं हूँ। मैं कीमती हूँ। मैं बदलाव ला सकती हूँ।"

आज थोड़ा खुद के लिए समय निकालिए।
अपनी पसंद का कपड़ा पहनिए, कीर्तन की धुन पर नृत्य करिए, पसंदीदा भजन लगाइए, या बस चुपचाप आकाश को देखते हुए खिड़की से बाहर देखिए। आप इसके हकदार हैं। आपने बहुत कुछ किया है। अब थोड़ा खुद को प्यार दीजिए। 🌷
महिला दिवस का असली मतलब तब पूरा होगा जब:
हर लड़की बिना डर के स्कूल जा सके,
हर महिला बिना किसी पूर्वाग्रह के प्रमोशन पा सके,
हर माँ को समाज उसकी मेहनत का उतना ही सम्मान दे जितना पिता को मिलता है,
और हर घर में बेटियों को बेटों जितना ही महत्व मिले।
तो आइए आज प्रतिज्ञा करें:
हम सम्मान देंगे,
सुनेंगे,
समर्थन करेंगे,
और एक ऐसे भारत का निर्माण करेंगे जहाँ हर महिला सिर ऊँचा करके मुस्कुरा सके। 🇮🇳❤️
सभी बहनों, माताओं, बेटियों, दोस्तों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएँ!
आप अनमोल हैं। आप शानदार हैं। आप हमारी ताकत हैं। 💖







🌸🙏 सेवा कार्य 🙏🌸महिला उत्थान मंडल की बहनों ने संत श्री आशारामजी आश्रम ट्रस्ट, दिल्ली की ओर से प्रेमपूर्वक व श्रद्धा भाव ...
21/08/2025

🌸🙏 सेवा कार्य 🙏🌸

महिला उत्थान मंडल की बहनों ने संत श्री आशारामजी आश्रम ट्रस्ट, दिल्ली की ओर से प्रेमपूर्वक व श्रद्धा भाव से ज़रूरतमंदों को निशुल्क खीर वितरण किया। 🍚✨

👉 यह सेवा कार्य न केवल तन को तृप्त करता है बल्कि मन को भी संतोष प्रदान करता है।
👉 बापूजी के बताए मार्ग पर चलते हुए बहनें समाज में सेवा, संस्कार और सद्भावना का संदेश पहुँचा रही हैं। 🌼

📌 सेवा ही सच्ची साधना है 🙏
#महिला_उत्थान_मंडल #सेवा_ही_साधना ार्य

International  's Day 8TH MARCH 2024संत  श्री आशारामजी बापू निर्दोष हैं। लड़की की कथित घटना के समय लड़की लगातार किसी के सं...
08/03/2024

International 's Day

8TH MARCH 2024
संत श्री आशारामजी बापू निर्दोष हैं। लड़की की कथित घटना के समय लड़की लगातार किसी के संपर्क में थी, लड़की की कोल डिटेल्स, लड़की की उम्र, लड़की की मेडिकल रिपोर्ट , बापूजी कथित घटना के वक्त सत्संग कर रहे थे, जिनके गवाह भी मौजूद है, उस समय के बापूजी के सत्संग के फोटोज, ऐसे कई सबूत हैं, जिससे संत श्री आशारामजी बापू की निर्दोषता सिध्ध है, पर कोर्ट ने सबूत नजरअंदाज किए।
कुछ आंतर-राष्ट्रिय कंपनिया, कुछ राजनेता और कुछ पत्रकार लोग और कुछ आश्रम से निकले हुए दुर्बुध्धि लोगों में मिल-जुल के इस सदी की महाभयंकर साजिश को अंजाम दिया है | अगर अभी सज्जनों ने इस अन्याय का विरोध नहीं किया, तो आने वाले दिनों में आप में से किसी और के साथ भी ऐसा हो सकता है |
--- कीर्ति आहूजा, अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय, बरखा त्रेहान, अध्यक्ष पुरुष आयोग, मधु किश्वर, लेखिका, प्रोफ़ेसर,, सामाजिक कार्यकर्ता, नीलम दुबे, आश्रम प्रवक्ता

It doesn't matter if we can't take the right person's side, but never be a partner in the wrong person's sin.Consequence...
31/01/2023

It doesn't matter if we can't take the right person's side, but never be a partner in the wrong person's sin.
Consequence of defaming a saint:
Defaming a Self-Realized saint brings Divine Curse, while revering such a saint brings Divine peace and happiness.
अपूज्य यत्र पूजयन्ते
पूजनीयो न पूज्यते
Wherever the reverend are not revered and
-the ir-reverend are revered;
Devine curse in the form of terrible misery, fright and premature deaths are bound to follow.

Is Buddha reverend or ir-reverend?
Buddha? Definitely reverend!
But Buddha was disrespected in Afghanistan,
And the terrorists were honored.
So, how much poor Afghanistan had to suffer in retribution!

It’s subjected to continual bombardments.
It’s not good, but true, nevertheless.

It has suffered so much who knows what comes next...?

The reverend was disregarded; and the ir-reverend were revered.
Fright, misery and premature deaths are quite common there.
See how Nature rebutted the retribution of destroying the statues of Buddha in Afghanistan.

So, do not get afraid if some people speak ill of you. Even the likes of Pujya Sant Shri Asharamji Bapu, Krishna and Buddha faced conspiracies.

It happens.

Keep your self-esteem high. Even Kabirji was maligned; Narsingh Mehta and Tukaram Maharaj were not spared either.

And such a massive problem was created against Sant Gyaneshwar that His own people were pitted against Him.

And the same is being done to Asaramji Bapu’s own people too; but “My devotees and disciples are not against me. As I never speak anything against anybody, and rather see the presence of ‘Almighty’ in all. Yet, if some selfish or absconding persons around 5 to 50 in the whole tenure of last 60 years; –have failed to assimilate the Guru’s divine grace and are now on the way to use adverse forces towards maligning me; I just consider it as a testing time of my Sadhakas; which will definitely prove their true loyalty.”

The devotees of Bapu are never bewildered;

They do not revert back after deciding stepped forward.

I do not know in which hell the maligners of Shabari are today.

Nor do I know the fate of those who denounced Matanga Rishi.

Mahavira too was maligned; not only this, even His own relative Gaushalaka joined the organization and mobilized His own 500 followers to vilify Him.

No one knows the fate of Gaushalaka and his vilifying cohorts, but we all have reverence and adoration for Mahavira even today.

Similarly, Rahidasji, Nanakji, Eknathaji and Tukaram Maharaj were subjected to huge conspiracies.

Even a malicious propaganda and conspiracy was so executed against Kabirji, that a pr******te came and sat down near Him saying, “Were not you on my bed last night?”

Then a liquor seller arrived shouting: “You had consumed half the bottle, so now pay for it.”
A meat vendor came and said, “Maharaj, you have crossed all limits of sacrilege. You eat all types of non-veg food at my place and here you proclaim yourself as a saint!”
So tremendous was the wicked propaganda that all his devotees fled away.
However, Saluka and Maluka did not leave.
You all spiritual people know this story:

Kabirji said, “O brothers! Kabir has lost his character. Now, you too should leave.”
Then judicious Saluka and Maluka said,
“We do not know if your maligners are telling the truth or not,
we cannot check the veracity of this pr******te’s statement either.
Neither we are concerned about whether you really consume had meat and & wine;
nor about your concerns with the pr******te.
We only concern that sitting at your holy feet gives us inner peace and wisdom.
We do purchase nice sweetmeats irrespective of the maker Himself eating them or not.
We do purchase the beautiful artworks irrespective of the personal looks of the artist.
Likewise, O Maharaj, irrespective of the terrible propaganda against you,
we are sitting at your holy feet only because of the divine bliss that we gain from your pious words, Satsang and devotion to God.

Guruji, even if you do not console us and just sit like that,
The atmosphere of the surrounding will get sublimated;
Even a miserable soul will find solace.

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  onAsaram Bapu Ji Caseकेस तो दुष्कर्म का लगाया निर्दोष संत पर और उन पर लगे आरोप साबित तक नही हुए फिर क्यों संत जेल में ...
28/07/2022

on
Asaram Bapu Ji Case
केस तो दुष्कर्म का लगाया निर्दोष संत पर और उन पर लगे आरोप साबित तक नही हुए फिर क्यों संत जेल में हैं, रिहाई दी जाए उन्हें हमारी मांग है 👇
Justice For Asharamji Bapu
Voice Of People

"Sant Shri Asharamji Bapu ने कॉल सेंटर्स में कार्यरत बहनों को भी अपने सत्संगों में शिक्षा दी है कि जॉब के समय भी सदा याद...
16/04/2022

"Sant Shri Asharamji Bapu ने कॉल सेंटर्स में कार्यरत बहनों को भी अपने सत्संगों में शिक्षा दी है कि जॉब के समय भी सदा याद रहे तुम किसी की भोग्या नही हो बल्कि सुयोग्य बनना, किसी तरह के शोषण से लड़ने की शक्ति रखो व याद रखो
नारी तू नारायणी है
Mahila Ashram
"

Guru meri puja.
05/04/2022

Guru meri puja.

आज तक कई जन्मों के कुटुम्ब और परिवार तुमने सजाये धजाये । मृत्यु के एक झटके से वे सब छुट गये । अत: अभी से कुटुम्ब का मोह मन ही मन हटा दो ।

यदि शरीर की इज्ज्त आबरु की इच्छा है, शरीर के मान मरतबे की इच्छा है तो वह आध्यात्मिक राह में बड़ी रुकावट हो जायेगी । फेंक दो शरीर की ममता को । निर्दोष बालक जैसे हो जाओ ।

Incarnation Day Of Sant Shri Asharamji Bapu Vs “Vishwa Sewa Divas”
03/04/2022

Incarnation Day Of Sant Shri Asharamji Bapu Vs “Vishwa Sewa Divas”

संत श्री आशारामजी बापू के अवतरण दिवस (Incarnation Day) को पूज्य बापूजी के करोडो अनुयायियों द्वारा पूरी दुनिया में विश्व सेवा दिवस (Vishwa Sewa Diwas) के रूप में मनाया जाता है। अवतरण दिवस के अवसर पर पूज्य बापूजी के साधक विश्व भर में अनेक कल्याणकारी कार्य करते हैं।

450 आश्रमों से अधिक, 1400 से अधिक श्री योग वेदांत सेवा समितियां (SYVSS), 17,000 से अधिक बाल संस्कार केंद्र (BSK), हजारों युवा सेवा संघ (YSS), महिला उत्थान मंडल (MUM) और 8 करोड साधक परम पूज्य आशारामजी बापू का अवतरण दिवस हषॅौल्लास से मनाते हैं। अवतरण दिवस हर साल 'विश्व सेवा दिवस' के रूप में - "वसुधैव कुटुम्बकम्" यानी "पूरी दुनिया एक परिवार है" को ध्यान में रखते हुए मानवता की सेवा करने के लिए एक महान दिन है। बापूजी के अनुयायियों के बीच यह दिन जोश और उल्लास के साथ मनाया जाता है।

'विश्व सेवा दिवस' (विश्वव्यापी निःस्वार्थ सेवा दिवस) - संत श्री आशारामजी बापू का अवतरण दिवस -
"संत श्री आशारामजी आश्रम" की स्थापना 29 जनवरी 1972 को अहमदाबाद में साबरमती नदी के तट पर हुई और बाद में भारत और विदेशों में कई "संत श्री आशारामजी आश्रम" स्थापित हुए। यह महान दिन भारत में स्थित 450 से अधिक आश्रमों और न्यू जर्सी, वाशिंगटन डीसी (USA), टोरंटो (कनाडा) आदि जैसे विदेशों में स्थित विभिन्न परोपकारी गतिविधियों के साथ मनाया जाता है।

अखिल भारतीय श्री योग वेदांत सेवा समिति:

1400 से अधिक SYVSS दुनिया भर में विभिन्न परोपकारी गतिविधियों में कार्यात्मक हैं। विभिन्न भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित समितियों के अलावा, कनाडा, उत्तरी अमेरिका, दुबई, सिंगापुर, नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, हांगकांग, चिली, नैरोबी, टोरंटो, इंग्लैंड, आदि में समितियाँ और कई अन्य समितियाँ इस श्रृंखला में कार्यात्मक हैं।

पूज्य बापूजी से साधना की दीक्षा लेने से, लाखों शिष्यों ने दीक्षा के दौरान सिखाई गई विभिन्न जीवन-शैली को अपने जीवन में अपनाकर स्वयम् को लाभान्वित किया है और अपनी जीवन-शैली में सुधार किया है।

आश्रम और SYVSS के अलावा, पूज्यश्री के मार्गदर्शन में संचालित संस्थाओं द्वारा कई समाजसेवी गतिविधियाँ की जाती हैं; ऐसी कुछ संस्थाएं और उनके द्वारा की जाने वाली गतिविधियां निम्नानुसार हैं:

(1) संत श्रीआशारामजी महिला आश्रम महिलाओं के उत्थान के लिए।
(2) महिला उत्थान मंडल:- महिलाओं के उत्थान के लिए।
(3) बाल संस्कार केंद्र (BSK): नैतिक, आध्यात्मिक और भौतिक रूप से बच्चों के उत्थान के लिए।
(4) युवा सेवा संघ (YSS): नैतिक, आध्यात्मिक और भौतिक रूप से युवाओं के उत्थान के लिए।
(5) विभिन्न सत्संग द्वारा जागरूकता: सत्संग के माध्यम से, पूज्य बापूजी ने सभी को आत्मसात करके नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों और वेदांत ज्ञान को प्राप्त करने के तरीके सिखाए हैं - भक्ति योग, कर्म योग और ज्ञान योग; सरलतम तरीके से परम आनंद प्राप्त करने की ओर अग्रसर।
(6) साहित्य और मासिक पत्रिकाएँ: उनके तत्वावधान में 14 भाषाओं में लगभग 350 पुस्तकें प्रकाशित होती हैं; प्रकाशनों में ऋषि प्रसाद, लोक कल्याण सेतु आदि शामिल हैं। 27 लाख से अधिक लोग ऋषि प्रसाद मासिक पत्रिका के सदस्य हैं, जो आध्यात्मिक और सांसारिक प्रगति दोनों का मार्ग दिखाता है।
(7) ऋषि दर्शन आध्यात्मिक वीडियो:
(8) युवाधन सुरक्षा अभियान : युवाओं की सुरक्षा के लिए इस तरह के अभियानों के माध्यम से 2 करोड़ से अधिक पुस्तकें 'युवाधन सुरक्षा' और 'दिव्य प्रेरणा प्रकाश' जनता के बीच वितरित की गई हैं।
(9) विद्यार्थी उज्ज्वल भविष्य निर्माण शिविर: विद्यार्थी उत्थान शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिसके माध्यम से विद्यार्थी स्मृति शक्ति, एकाग्रता में सुधार करने की युक्ति सीखते हैं; इस प्रकार संकल्प में दृढ़ और राष्ट्र की सेवा करने में विवेकपूर्ण बनते है।
(10) वनवासी उत्थान केंद्र: आदिवासियों, वनवासियों और निराश्रितों के लिए; भोजन, आश्रय और आवश्यक चीजें प्रदान की जाती हैं।
(11) राशन कार्डों द्वारा उपयोगी सामग्री वितरण : पूज्य बापूजी के आश्रमों द्वारा गरीबों, विधवाओं और निराश्रितों को राशन कार्ड दिया जाता है, जिसके माध्यम से उन्हें हर महीने नियमित रूप से आजीविका के लिए उनकी बुनियादी जरूरत की चीजे मिलती हैं।
(12) गुरुकुल शिक्षा: उन्नत शिक्षा के साथ आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों सहित बच्चों का पोषण करना।
(13) सत्संग का प्रसारण: कुछ टीवी चैनलों पर प्रसारित होने के अलावा, पूज्य बापूजी के सत्संग इंटरनेट पर भी उपलब्ध हैं।
(14) प्राकृतिक आपदा और आपदा प्रबंधन: आश्रम ने हमेशा आपदाओं के दौरान अपनी मानद सेवाएं प्रदान की हैं, चाहे वह करोना काल हो, लातूर में भूकंप, हो, या भुज के भूकंप, गुजरात के अकाल, ओडिशा / गुजरात में बाढ़ या सुनामी संकट के मामले में।
(15) गौ-सेवाएँ: पूज्य बापूजी द्वारा मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे कई राज्यों में सेंकडो गौशाळायें स्थापित की गयी हैं।
(16) व्यसन-मुक्ति शिविर: इन शिविरों के माध्यम से लोग लाभान्वित होते हैं और शराब पीने, धूम्रपान करने और हानिकारक पदार्थ, जैसे गुटखा आदि खाने के दोषों को छोड़ देते हैं।
(17) संकीर्तन यात्राएं और प्रभात फेरी: पर्यावरण की शुद्धता के लिए और बुरे संकल्पों से छुटकारा पाने के लिए 'हरिनाम संकीर्तन यात्रा' और प्रभात फेरी आयोजित की जाती हैं, जिसके दौरान अच्छे साहित्य का वितरण भी किया जाता है।
(18) चिकित्सा सुविधा: आदिवासियों और वंचितों को आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, प्राकृतिक चिकित्सा और एक्यूप्रेशर उपचार मुफ्त प्रदान किए जाते हैं।
(19) वीडियो-सत्संग सत्र: आध्यात्मिक जागरूकता पैदा करने के लिए 8,000 से अधिक वीडियो-सत्संग केंद्र चलाए जाते हैं और इस प्रकार जीवन को सफलतापूर्वक जीने की कला सिखाते हैं।
(20) कैदी उत्थान केंद्र: कई राज्यों में कैदी उत्थान कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक उत्थान के संबंध में विभिन्न सत्संग सत्र आयोजित किए जाते हैं। इस तरह के कार्यक्रमों से लगभग 5,00,000 से अधिक कैदी लाभान्वित होते है। उन्हें भगवान का नाम लिखने के लिए नोटबुक भी दी जाती है, ताकि वे जेलों में समय का सदुपयोग कर सकें! जेल पुस्तकालयों को आश्रम से प्रकाशित पुस्तके, सीडी और कैसेट प्रदान की जाती है।
(21) हवन और यज्ञों द्वारा पर्यावरण संरक्षण: जब आज का वातावरण धुएं, धूल आदि के कारण अत्यधिक प्रदूषित हो जाता है, तो यह स्वाभाविक रूप से महा-मृत्युंजय हवन और पूज्य बापूजी के शिष्यों द्वारा किए गए अन्य यज्ञों द्वारा शुद्ध किया जाता है।
(22) अखंड ज्योत साधको के घर सात दिन तक पूजी जाती है ।
(23) श्री आशारामायण पाठ का अनुष्ठान किया जाता है ।
(24) जप यज्ञ चलाये जाते है ।
(25) भजन करो, भोजन करो और दक्षिणा पाओ - चलाया जाता है।।

अवतरण दिवस के दौरान होनेवाली सेवा की कुछ झलकियां:
गरीबों, वंचितों और विधवाओं के बीच 11,00,000 किलो से अधिक भोजन प्रसाद वितरित किया जाता है।
1, 00 00, 000 लीटर से अधिक मक्खन-दूध वितरित किया जाता है।
4,00,000- से अधिक फल और आध्यात्मिक साहित्य रोगियों के बीच वितरित किया जाता है।
6, 00,000 से अधिक केलेन्डर वितरित किया जाता है।
8,00,000 से अधिक आध्यात्मिक और प्रेरणादायक काँपिया ओर रजिस्टर वितरित किया जाता है।

साधक जेल की "मंदिर की नाई" परिक्रमा करते है । विभिन्न आश्रमों में महा-मृत्युंजय मंत्र का जाप और यज्ञ किया जाता है। पूज्य बापूजी के स्वास्थ्य और दिर्धायु के लिए यज्ञ किया जाता है। भारत के साथ-साथ विदेशों में भी समितियों, बाल संस्कार केंद्र द्वारा श्री पादुका पूजन, श्री आशारामायण पाठ, वीडियो-सत्संग, भजन-कीर्तन जैसी परोपकारी गतिविधियों की जाती है ।

एक ब्रह्मज्ञानी संत को झूठे केस में फसाया गया है और सजा सुनाई गई है । सच्चाई एक-न-एक दिन जरुर ऊजागर होगी ।
भगवान सब को सद्बुध्दि दें ।
सब का भला - सब का मंगल ।
ॐ नारायण... नारायण... नारायण... नारायण... ।

Address

Sabarmati
Ahmedabad
380005

Opening Hours

Monday 9am - 5pm
Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
Thursday 9am - 5pm
Friday 9am - 5pm
Saturday 9am - 5pm
Sunday 9am - 5pm

Telephone

079-39877827

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