03/04/2022
Incarnation Day Of Sant Shri Asharamji Bapu Vs “Vishwa Sewa Divas”
संत श्री आशारामजी बापू के अवतरण दिवस (Incarnation Day) को पूज्य बापूजी के करोडो अनुयायियों द्वारा पूरी दुनिया में विश्व सेवा दिवस (Vishwa Sewa Diwas) के रूप में मनाया जाता है। अवतरण दिवस के अवसर पर पूज्य बापूजी के साधक विश्व भर में अनेक कल्याणकारी कार्य करते हैं।
450 आश्रमों से अधिक, 1400 से अधिक श्री योग वेदांत सेवा समितियां (SYVSS), 17,000 से अधिक बाल संस्कार केंद्र (BSK), हजारों युवा सेवा संघ (YSS), महिला उत्थान मंडल (MUM) और 8 करोड साधक परम पूज्य आशारामजी बापू का अवतरण दिवस हषॅौल्लास से मनाते हैं। अवतरण दिवस हर साल 'विश्व सेवा दिवस' के रूप में - "वसुधैव कुटुम्बकम्" यानी "पूरी दुनिया एक परिवार है" को ध्यान में रखते हुए मानवता की सेवा करने के लिए एक महान दिन है। बापूजी के अनुयायियों के बीच यह दिन जोश और उल्लास के साथ मनाया जाता है।
'विश्व सेवा दिवस' (विश्वव्यापी निःस्वार्थ सेवा दिवस) - संत श्री आशारामजी बापू का अवतरण दिवस -
"संत श्री आशारामजी आश्रम" की स्थापना 29 जनवरी 1972 को अहमदाबाद में साबरमती नदी के तट पर हुई और बाद में भारत और विदेशों में कई "संत श्री आशारामजी आश्रम" स्थापित हुए। यह महान दिन भारत में स्थित 450 से अधिक आश्रमों और न्यू जर्सी, वाशिंगटन डीसी (USA), टोरंटो (कनाडा) आदि जैसे विदेशों में स्थित विभिन्न परोपकारी गतिविधियों के साथ मनाया जाता है।
अखिल भारतीय श्री योग वेदांत सेवा समिति:
1400 से अधिक SYVSS दुनिया भर में विभिन्न परोपकारी गतिविधियों में कार्यात्मक हैं। विभिन्न भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित समितियों के अलावा, कनाडा, उत्तरी अमेरिका, दुबई, सिंगापुर, नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, हांगकांग, चिली, नैरोबी, टोरंटो, इंग्लैंड, आदि में समितियाँ और कई अन्य समितियाँ इस श्रृंखला में कार्यात्मक हैं।
पूज्य बापूजी से साधना की दीक्षा लेने से, लाखों शिष्यों ने दीक्षा के दौरान सिखाई गई विभिन्न जीवन-शैली को अपने जीवन में अपनाकर स्वयम् को लाभान्वित किया है और अपनी जीवन-शैली में सुधार किया है।
आश्रम और SYVSS के अलावा, पूज्यश्री के मार्गदर्शन में संचालित संस्थाओं द्वारा कई समाजसेवी गतिविधियाँ की जाती हैं; ऐसी कुछ संस्थाएं और उनके द्वारा की जाने वाली गतिविधियां निम्नानुसार हैं:
(1) संत श्रीआशारामजी महिला आश्रम महिलाओं के उत्थान के लिए।
(2) महिला उत्थान मंडल:- महिलाओं के उत्थान के लिए।
(3) बाल संस्कार केंद्र (BSK): नैतिक, आध्यात्मिक और भौतिक रूप से बच्चों के उत्थान के लिए।
(4) युवा सेवा संघ (YSS): नैतिक, आध्यात्मिक और भौतिक रूप से युवाओं के उत्थान के लिए।
(5) विभिन्न सत्संग द्वारा जागरूकता: सत्संग के माध्यम से, पूज्य बापूजी ने सभी को आत्मसात करके नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों और वेदांत ज्ञान को प्राप्त करने के तरीके सिखाए हैं - भक्ति योग, कर्म योग और ज्ञान योग; सरलतम तरीके से परम आनंद प्राप्त करने की ओर अग्रसर।
(6) साहित्य और मासिक पत्रिकाएँ: उनके तत्वावधान में 14 भाषाओं में लगभग 350 पुस्तकें प्रकाशित होती हैं; प्रकाशनों में ऋषि प्रसाद, लोक कल्याण सेतु आदि शामिल हैं। 27 लाख से अधिक लोग ऋषि प्रसाद मासिक पत्रिका के सदस्य हैं, जो आध्यात्मिक और सांसारिक प्रगति दोनों का मार्ग दिखाता है।
(7) ऋषि दर्शन आध्यात्मिक वीडियो:
(8) युवाधन सुरक्षा अभियान : युवाओं की सुरक्षा के लिए इस तरह के अभियानों के माध्यम से 2 करोड़ से अधिक पुस्तकें 'युवाधन सुरक्षा' और 'दिव्य प्रेरणा प्रकाश' जनता के बीच वितरित की गई हैं।
(9) विद्यार्थी उज्ज्वल भविष्य निर्माण शिविर: विद्यार्थी उत्थान शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिसके माध्यम से विद्यार्थी स्मृति शक्ति, एकाग्रता में सुधार करने की युक्ति सीखते हैं; इस प्रकार संकल्प में दृढ़ और राष्ट्र की सेवा करने में विवेकपूर्ण बनते है।
(10) वनवासी उत्थान केंद्र: आदिवासियों, वनवासियों और निराश्रितों के लिए; भोजन, आश्रय और आवश्यक चीजें प्रदान की जाती हैं।
(11) राशन कार्डों द्वारा उपयोगी सामग्री वितरण : पूज्य बापूजी के आश्रमों द्वारा गरीबों, विधवाओं और निराश्रितों को राशन कार्ड दिया जाता है, जिसके माध्यम से उन्हें हर महीने नियमित रूप से आजीविका के लिए उनकी बुनियादी जरूरत की चीजे मिलती हैं।
(12) गुरुकुल शिक्षा: उन्नत शिक्षा के साथ आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों सहित बच्चों का पोषण करना।
(13) सत्संग का प्रसारण: कुछ टीवी चैनलों पर प्रसारित होने के अलावा, पूज्य बापूजी के सत्संग इंटरनेट पर भी उपलब्ध हैं।
(14) प्राकृतिक आपदा और आपदा प्रबंधन: आश्रम ने हमेशा आपदाओं के दौरान अपनी मानद सेवाएं प्रदान की हैं, चाहे वह करोना काल हो, लातूर में भूकंप, हो, या भुज के भूकंप, गुजरात के अकाल, ओडिशा / गुजरात में बाढ़ या सुनामी संकट के मामले में।
(15) गौ-सेवाएँ: पूज्य बापूजी द्वारा मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे कई राज्यों में सेंकडो गौशाळायें स्थापित की गयी हैं।
(16) व्यसन-मुक्ति शिविर: इन शिविरों के माध्यम से लोग लाभान्वित होते हैं और शराब पीने, धूम्रपान करने और हानिकारक पदार्थ, जैसे गुटखा आदि खाने के दोषों को छोड़ देते हैं।
(17) संकीर्तन यात्राएं और प्रभात फेरी: पर्यावरण की शुद्धता के लिए और बुरे संकल्पों से छुटकारा पाने के लिए 'हरिनाम संकीर्तन यात्रा' और प्रभात फेरी आयोजित की जाती हैं, जिसके दौरान अच्छे साहित्य का वितरण भी किया जाता है।
(18) चिकित्सा सुविधा: आदिवासियों और वंचितों को आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, प्राकृतिक चिकित्सा और एक्यूप्रेशर उपचार मुफ्त प्रदान किए जाते हैं।
(19) वीडियो-सत्संग सत्र: आध्यात्मिक जागरूकता पैदा करने के लिए 8,000 से अधिक वीडियो-सत्संग केंद्र चलाए जाते हैं और इस प्रकार जीवन को सफलतापूर्वक जीने की कला सिखाते हैं।
(20) कैदी उत्थान केंद्र: कई राज्यों में कैदी उत्थान कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक उत्थान के संबंध में विभिन्न सत्संग सत्र आयोजित किए जाते हैं। इस तरह के कार्यक्रमों से लगभग 5,00,000 से अधिक कैदी लाभान्वित होते है। उन्हें भगवान का नाम लिखने के लिए नोटबुक भी दी जाती है, ताकि वे जेलों में समय का सदुपयोग कर सकें! जेल पुस्तकालयों को आश्रम से प्रकाशित पुस्तके, सीडी और कैसेट प्रदान की जाती है।
(21) हवन और यज्ञों द्वारा पर्यावरण संरक्षण: जब आज का वातावरण धुएं, धूल आदि के कारण अत्यधिक प्रदूषित हो जाता है, तो यह स्वाभाविक रूप से महा-मृत्युंजय हवन और पूज्य बापूजी के शिष्यों द्वारा किए गए अन्य यज्ञों द्वारा शुद्ध किया जाता है।
(22) अखंड ज्योत साधको के घर सात दिन तक पूजी जाती है ।
(23) श्री आशारामायण पाठ का अनुष्ठान किया जाता है ।
(24) जप यज्ञ चलाये जाते है ।
(25) भजन करो, भोजन करो और दक्षिणा पाओ - चलाया जाता है।।
अवतरण दिवस के दौरान होनेवाली सेवा की कुछ झलकियां:
गरीबों, वंचितों और विधवाओं के बीच 11,00,000 किलो से अधिक भोजन प्रसाद वितरित किया जाता है।
1, 00 00, 000 लीटर से अधिक मक्खन-दूध वितरित किया जाता है।
4,00,000- से अधिक फल और आध्यात्मिक साहित्य रोगियों के बीच वितरित किया जाता है।
6, 00,000 से अधिक केलेन्डर वितरित किया जाता है।
8,00,000 से अधिक आध्यात्मिक और प्रेरणादायक काँपिया ओर रजिस्टर वितरित किया जाता है।
साधक जेल की "मंदिर की नाई" परिक्रमा करते है । विभिन्न आश्रमों में महा-मृत्युंजय मंत्र का जाप और यज्ञ किया जाता है। पूज्य बापूजी के स्वास्थ्य और दिर्धायु के लिए यज्ञ किया जाता है। भारत के साथ-साथ विदेशों में भी समितियों, बाल संस्कार केंद्र द्वारा श्री पादुका पूजन, श्री आशारामायण पाठ, वीडियो-सत्संग, भजन-कीर्तन जैसी परोपकारी गतिविधियों की जाती है ।
एक ब्रह्मज्ञानी संत को झूठे केस में फसाया गया है और सजा सुनाई गई है । सच्चाई एक-न-एक दिन जरुर ऊजागर होगी ।
भगवान सब को सद्बुध्दि दें ।
सब का भला - सब का मंगल ।
ॐ नारायण... नारायण... नारायण... नारायण... ।