Shaikh Ahemad Khattu Ganj Baksh magrebi Rehmatullah Alayhi

Shaikh Ahemad Khattu Ganj Baksh magrebi Rehmatullah Alayhi Shaikh Ahemad Khattu Ganj baksh magrebi R. A. Sarkhej Roza Gujrat k Ahmedabad sheher me sthit he .. Rehte the .

gujrat Bhar me Sarkhej roza pratisthit he.Sarkhej Desh me Sufi Sanskrutik
program ka kendr tha Jaha prabhavsali Sant Shekh Ahemad Khattu Ganj Magrebi R.a. Aap ne Sultan ahemad Shah ko Sarkhej se kuch mil dur Apni Rajdhani ki sthapana ka suzhav Diya tha.

12/05/2020

Hazrat mehmud begda rahemtulah Alayhi

namaz time in sarkhej roza and sher ali sarkar
06/07/2016

namaz time in sarkhej roza and sher ali sarkar

Shaikh Ahemad Khattu Ganj baksh magrebi R. A. (Sarkhej Roza)587 Sandal-sharif Wednesday 29-7-2015...!!
22/07/2015

Shaikh Ahemad Khattu Ganj baksh magrebi R. A. (Sarkhej Roza)

587 Sandal-sharif

Wednesday 29-7-2015...!!

10/08/2014

today ursh mubark shaikh ahemad khattu magrebi r.a
mhefile naat 9;30pm at sarkhej

1. खुदा ने मेहबुब को मां के पेट सेपैदा किया ताकि लोग खुदा ना समझें ।2. बचपन मे बकरीया चरायी ताकि लोगखुदा ना समझें ।3. आप...
31/03/2014

1. खुदा ने मेहबुब को मां के पेट से
पैदा किया ताकि लोग खुदा ना समझें ।
2. बचपन मे बकरीया चरायी ताकि लोग
खुदा ना समझें ।
3. आप ने निकाह कीया ताकि लोग
खुदा ना समझें ।
4. आप ने खाली पेट फाके किये ताकि लोग
खुदा ना समझें ।
5. आप ने नमाजे पडी अल्लाह की तिलावत
की ताकि लोग खुदा ना समझें ।
लेकिन -
1. अल्लाह ने आप को अपना हबीब
बनाया ताकि लोग अपनी तरह ना समझें ।
2. आप के पसीने मुबारक से खुशबु
अता की ताकि लोग अपनी तरह ना समझें ।
3. आप कि हाथों कि उंगलियों से पानि के चश्मे
बहाए ताकि लोग अपनी तरह ना समझें ।
4. आप कि उंगलियों के इशारे से चांद के दो टुकडे
किये ताकि लोग अपनी तरह ना समझें ।
5. आप के जिस्मे पाक
का कभी भी शाया ना पडा ताकि लोग
अपनी तरह ना समझें ।

10/03/2014
09/03/2014

नबीए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कि हयाते तय्यबा :

नामे मुबारक :- मुहम्मद (दादा ने रखा) अहमद (वलिदाह ने रखा)

पैदाइश तारिख :- 12 रबीउल अव्वल सन 570 ई.

पैदाइश दिन :- पीर

पैदाइश का वक़्त :- सुबह सादिक़

पैदाइश का शहर :- मक्का

दादा का नाम :- शैबा-अब्दुल मुत्तलिब (कुनियत-अबुल हारिस)

दादी का नाम :- फातिमा

वालिद का नाम :- अब्दुल्लाह (कुनियत-ज़बीह)

वालिदा का नाम :- बीबी आमना (कुनियत-अबुल क़ासिम)

नाना का नाम :- वाहब बिन अब्दे मुनाफ

खानदान :- क़ुरैश

दूध पिलाने वाली ख़ादिमा :- उम्मे एयमन. हलीमा सादिया

वालिद का इंतेक़ाल :- आपकी पैदाइश से पहले

वालिदा का इंतेक़ाल :- जब आपकी उम्र 6 साल कि थी

(आपकी वालिदा का इंतेक़ाल अब्वा नाम कि जगह पर हुवा,जो मक्का और मदीना के बीच में है)

वालिद और वालिद एके इंतेक़ाल के बाद

आपक परवरिश :- दादा अब्दुल मुत्तलिब ने कि दादा के इंतेक़ाल के वक़्त आपकी उम्र 8 साल थी

दादा ने परवरिश कि :- 2 साल

दादा के बाद आपकी परवरिश कि :- चाचा अबु तालिब ने

आपके लक़ब :- अमीन (अमानतदार) और सादिक़ (सच्चा)

पहला तिजारती सफ़र :- मुल्के शाम

पहला निकाह :- हज़रते खदीजा रदियल्लाहो तआला अन्हा (मक्का के लोग ताहिरा नाम से पुकारते थे)

निकाह के वक़्त उम्र :- 25 बरस

हज़तरे खदीजा रदियल्लाहु तआला अन्हा कि उम्र :- 40 बरस

ऐलाने नुबुव्वत के वक़्त उम्र :-40 बरस

पहली वही कि जगह :- ग़ारे हिरा (ग़ारे हिरा जबले नूर पहाड़ पर है)

वही लाते थे :- हज़रते जिब्रईल अलैहिस्सलाम

पहला नाज़िल लफ्ज़ :- इक़रा (पढ़ो)

सबसे पहले औरतो में इस्लाम क़ुबूल किया :- हज़तरे खदीजा रदियल्लाहु तआला अन्हा ने

सबसे पहले मर्दो में इस्लाम क़ुबूल किया :- हज़रते अबु बक़र सिद्दीक़ रदियल्लाहो तअला अन्हु ने

सबसे पहले बच्चो में इस्लाम क़ुबूल किया :- हज़रते अली रदियल्लाहो तअला अन्हु ने

आप व आप के साथी बेठा करते थे :- दारे (दारे अकरम सफा पहाड़ पर है)

पसीना मुबारक :- मुश्क़ से ज्यादा खुशबूदार था आप जिस रास्ते से गुज़रते थे लोग पुकार उठते कि यहाँ आप का गुज़र हुवा है

साया :- आप का साया नही था

कद:- न ज्यादा लम्बे न कम दरमियानी था

भवे :- मिली हुई थी

बाल :- घने और कुछ घुमाव दार थे

आँखे:- माशा अल्लाह बढ़ी और सुर्ख डोरे वाली

कुफ्फार मक्का ने बोकात किया :- नुबुव्वत के ऐलान के 9 वे साल में

ताइफ़ का सफ़र :- शव्वाल सन 10 नबवी

हज़रते खदीजा व अबु तालिब का इंतिक़ाल :- ऐलाने नुबुव्वत के दसवे साल में (इस साल को अमूल हुजन भी कहा जाता है)

हिजरत :- ऐलाने नुबुव्वत के 13 साल बाद

हिजरत के वक़्त उम्र शरीफ :- 53 साल

मक्का से हिजरत :- मदीना कि जानिब

हिजरत के साथी :- हज़रते अबु बक़र सिद्दीक़ रदियल्लाहो तअला अन्हु

हिजरत के वक़्त आपने पनाह ली :- ग़ारे सौर यहाँ आपने तीन राते गुज़ारी

इस्लामी तारीख का आगाज़ :- आपकी हिजरत से

पहली जंग :- गजवाये बद्र इसमें मुसलमानो कि तादाद 313 और काफिरो कि 1000 थी

हज़रते ज़ैनब से निकाह : हिजरत के पांचवे साल

आपने निकाह किये :- ग्यारह (इतने निकाह आपने इस्लाम और इस्लाम कि तालीमात को फैलाने के लिए किये)

औलादे :- चार बेटी और दो बेटे

लड़कियो के नाम :- हज़रते फातिमा, हज़रते कुलसुम.हज़रते रुकैय्या ,हज़रते ज़ैनब रदियल्लाहो तअला अन्हा

लड़को के नाम :- हज़रते क़ासिम हज़रते इब्राहीम रदियल्लाहो तअला अन्हो

दन्दाने मुबारक शहीद हुवे :- जंगे उहद में

सबसे बढे दुश्मन :- अबु लहब, अबु जहल

पर्दा के वक़्त उम्र शरीफ :- 63 बरस

पर्दा किया :- मदीना मुनव्वरा में

अगर आपकी खुबिया बयान करे तो ज़िन्दगी कम है लेकिन मेने आप तक काफी चीज़े पहुंचायी है इसे खूब शेयरकारे और मेसेज भी करे हो सके तो सेव करके महफूज़ रखले ये हमारे आक़ा के मुताल्लिक़ है|ek baar darood sharif padhkar share kare.

21/11/2013

sufi festival
event : word heritage week

sufi song
sang by warsi brother and 2 other
at sarkhej roza at 22nd november 2013 at 09:00 pm

fir bhar aaya the great tank
15/07/2013

fir bhar aaya the great tank

22/06/2013

Aap hajrat ahemad Shah (RA) jinko Seher ahemedabad basana tha tab Aap Hajrat Shaikh Ahemda Khattu Ganj Baksh (RA)ki bargah me aaye aur bola muje Khijar Alyhi salam se baat karne he .
aap ne chalis din ke vajife kiya aur aap khijar alyhi slam aap ki bargah me aaye
tab aap ne bataya ye ahemad shah badsha he aap ,ko ek sheher basana he tab khijar alyhi slam ne aap ko kaha ki char ese ahemad
dhundo jinho ne bina vaju ke aasman na dekha ho aur ashar ki sunnat namaz kaza na hui ho
tab aap ne ek aap khud ahemad shah badshah (Ra) dusre shaikh ahemad khattu ganj baksh (RA) aur ek aap ke murid aur ek patan se ahemad ese char ahemad aur barah pir ki vajah se ahemadabad sheher ki sthapna hui......

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Sarkhej Ahmedabad
Ahmedabad
380051

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