02/07/2025
कान खोल कर सुनो पार्थ मैं ही त्रेता का राम हूँ,
कृष्ण मुझे ही कहते है सब द्वापर का घनश्याम हूँ।
रुप कभी नारी का घरके मैं ही के केश बदलता हूँ,
धर्म बचाने की खातिर मै अनगिनत वेश बदलता हूँ।
विष्णु जी का दशम रुप मैं परशुराम मतवाला हूँ,
नाग कालिया के फन पे मैं मर्दन करने वाला हूँ।
बकासुर और महिषासुर को मैंने जिंदा गाढ़ दिया,
नरसिंह बनकर धर्म की खातिर हिरण्यकश्यप फाड़ दिया॥
Sanatan Bharat सनातन भारत
Saurabh Singh Jadaun
Ravindra Jadeja
MYogiAdityanath