09/03/2024
मुसलमान धर्म के नबी हज़रत मुहम्मद जी के जीवन में कहर ही कहर रहा।
उनकी आँखों के सामने उनके तीनों पुत्र चल बसे, आखिर में उनकी भी असहाय पीड़ा से मृत्यु हुई। उनको भी पाप कर्म दण्ड भोगना पड़ा तो सोचिये उनके अनुयायियों का क्या होगा ? कुरान सूरत फुर्कान 25 आयत 52 से 59 तक में लिखा है कि गुनाहों को क्षमा करने वाला सिर्फ एक कबीर नामक अल्लाह है उसकी पूजा विधि किसी तत्वदर्शी (बाख़बर) से पूछ देखो। वर्तमान में बाख़बर संत रामपाल जी महाराज जी ही हैं।