18/09/2023
,,,,,,,,,,तर्पण 2,,,,,,,,
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तर्पण के माध्यम से
देव तर्पण ऋषि तर्पण दिव्य मनुष्य तर्पण तत्पश्चात चतुर्दस यम तर्पण इसके पश्चात पिता पितामह पर परपितामह
माता-पितामही परपितामही आदि को जलाअंजलि दी जाती है
*उसके पश्चात द्वितीय गोत्र नाना जी का*
नाना नानी परनाना परनानी आदि
उसके बाद हमारे बंधु बांधव, मामा ,मौसी ,गुरु ,मित्र ,ससुर सखा वह हमारे घर के नौकर को
जलाजलि दी जाती है
क्योंकि यह सभी लोग हमसे प्रेम रखते हैं
हमसे कुछ पाने की इच्छा आस रखते हैं
इसी प्रकार हमारे साथ कुल में सात जन्म में जो हमारे बंधु बांधव यहां वहां है उन्हीं सब को जला अंजलि भीष्म पितामह को जला अंजलि व सूर्य भगवान को अर्घ देकर के प्रतिदिन तर्पण किया जाता है
*शास्त्र के लेख के अनुशार*
कहा गया है कि पितृपक्ष में जिनके सगे सम्बधी द्वारा उनका तर्पण श्राद्ध नही होता तो
वहां से पितृ बिना श्राद्ध जल अन्न के लौटते है
तो पितृ सगे संबधियों का बाध्य हो कर रक्त चूसने लगते है
अतः तर्पण व श्राद्ध प्रतिदिन करना चाहिए आप लोगों से नहीं होता इसीलिए किसी ब्राह्मण से करवाना चाहिए
इसीलिए
मेरे द्वारा विगत कई वर्षों से एक पर्चा आप लोगों को वितरित किया जाता है उस पर आप मुझे आपने पितरों के नाम आदि लिख करके पहुंचा दें
मेरे द्वारा पूर्णिमा तिथि से अमावस्या तिथि तक आप सभी के पितरों के निमित्त नित्य तर्पण होता है
इस बीच किसी भी एक दिवस आप नर्मदा तट पर आकर मुझसे तर्पण करवा सकते हैं
प्रतिदिन तर्पण सेवा राशी 2100 रु
तर्पण करवाने से लाभ
पितरो की कृपा उनके होने का एहसास प्राप्त होता है
पितृ ऋण चुकता रहता है
तरक्की के मार्ग खुलते हैं
पितरों की कृपा बनी रहती है
ग्रह कलेश उपद्रव कम हो जाता है
पित्र दोष में शांति मिलती है
पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है
धन-धान्य में वृद्धि होती है
*अधिक जानकारी व पितृ तर्पण व अमावस्या तिथि पर नर्मदा तट पर त्रिपिंडी श्राद्ध पितृ तर्पण तीर्थ श्राद्ध आदि के लिए आप मुझसे संपर्क करें*
*पंडित प्रितेश अत्रे*
(पित्रकर्म कर्ता निमाड़ क्षेत्र)
*समस्त पित्रकर्मके लिए संपर्क करें 7869474702*