22/09/2025
#शिव-दुर्गा मंदिर, टांडा #धर्मापुर #निघासन की कहानी
, निघासन की पावन भूमि पर स्थित शिव-दुर्गा मंदिर आज पूरे क्षेत्र की आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। इस मंदिर के निर्माण की प्रेरणा और संकल्पना श्री #महंत मटरू दास जी महाराज ने की थी। उन्होंने अपने गुरु-वचन और जनकल्याण की भावना से प्रेरित होकर इस पवित्र कार्य का संकल्प लिया।
गाँव के सभी श्रद्धालुओं और ग्रामवासियों ने भी तन-मन-धन से सहयोग किया। धीरे-धीरे कार्य आगे बढ़ा और एक सौंदर्यपूर्ण व दिव्य मंदिर आकार लेने लगा। यहाँ एक ही स्थान पर #भगवान भोलेनाथ (शिव जी), माँ दुर्गा तथा भैरव बाबा की स्थापना की गई, जिससे संपूर्ण क्षेत्र की धार्मिक आस्था को एक ही धाम पर केंद्रित कर दिया गया।
मंदिर का प्रांगण सदा भक्तों की भक्ति-भावना से गूंजता रहता है। हर वर्ष शारदीय और चैत्र नवरात्रों में यहाँ भव्य आयोजन होते हैं। माता #दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना के साथ पूरे नौ दिनों तक जागरण, धार्मिक लीलाएँ, भजन-कीर्तन और सामूहिक भंडारे का आयोजन किया जाता है। इन आयोजनों में दूर-दूर से #भक्तगण शामिल होकर अपनी #श्रद्धा अर्पित करते हैं।
इस मंदिर के कारण न केवल धार्मिक वातावरण प्रबल हुआ है, बल्कि गाँव में एकता, सहयोग और संस्कारों का भी प्रसार हुआ है। कहा जाता है कि जो भक्त सच्चे मन से यहाँ आकर भगवान शिव और माता दुर्गा के दरबार में प्रार्थना करता है, उसकी मनोकामनाएँ अवश्य पूर्ण होती हैं।
इस प्रकार #शिव-दुर्गा मंदिर, #टांडा #धर्मापुर ग्रामवासियों की आस्था और महंत मटरू दास जी की दूरदृष्टि का जीवंत प्रतीक है, जहाँ हर व्यक्ति को दिव्यता, शांति और आनंद की #अनुभूति होती है। जय माता दी ।