Shri Vidhyasagar Ji

Shri Vidhyasagar Ji अप्रभावना न करना ही प्रभावना है।
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धर्म अत्यंत शुभ है और इसकी अनिवार्यता अहिंसा, आत्म-नियंत्रण और तपस्या है। ज्ञान और क्रिया (आचरण) की एकता वांछनीय परिणाम की ओर ले जाती है। ये रथ के दो पहिए की तरह हैं जो एक पहिए पर नहीं चल सकते। हर कोई उस लंगड़े और अंधे की कहानी को जानता है जो एक साथ मिल गया, जंगल में आग से बच गया और शहर पहुंच गया। किसी चीज की आवश्यक प्रकृति को धर्म कहा जाता है।

🎈 #शीतलधाम_विदिशा😍  #बहुतप्रतीक्षित_पंचकल्याणक_महामहोत्सव🎉 11-16 मार्च 2026आचार्य भगवन  #विद्यासागर जी महाराज के निर्देश...
28/02/2026

🎈 #शीतलधाम_विदिशा😍 #बहुतप्रतीक्षित_पंचकल्याणक_महामहोत्सव🎉 11-16 मार्च 2026

आचार्य भगवन #विद्यासागर जी महाराज के निर्देशन एवं आशीर्वाद से निर्मित ऐतिहासिक समवशरण मंदिर अपनी पूर्णता को लगभग प्राप्त कर चुका है, अतिशय क्षेत्र शीतलधाम विदिशा का सर्वांग विकास पूज्य आचार्य भगवन के निर्देशन में हुआ है और अब जिस महामहोत्सव का इंतजार वर्षों से हो रहा था वो शुभ घड़ी आगई है।

पूज्य आचार्यश्री #समयसागर जी महाराज के आशीर्वाद से , विदिशा नगर में विराजमान पूज्य निर्यापक श्रमण मुनिश्री #संभवसागर जी महाराज सासंघ के सानिध्य में 11-16 मार्च तक भव्य पंचकल्याणक महोत्सव संपन्न होगा।

 #द्वितीय_समाधि_दिवस🎉हे आचार्य भगवन.....ये  #वियोग कभी खत्म नहीं होगा🙏💔
27/01/2026

#द्वितीय_समाधि_दिवस🎉
हे आचार्य भगवन.....ये #वियोग कभी खत्म नहीं होगा🙏💔

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