Shooltankeshwar Mahadev

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Shooltankeshwar Mahadev A heritage place & Shooltankeshwar Mahadev Temple situated at Madhopur Village in Varanasi with its Ganga Ghats, and beautiful sun set vision.

Varanasi, Banares or Kashi, resting atop the trident of Lord Shiva, is the oldest living city with multi-layered heritage and beautifully architecture long string of ghats washed by the sanctifying water of the Ganges.At this holy confluence of Lord Shiva and the sacred Ganges. A few miles away from the din and bustle of the city, its marvelous river view and beautifully landscaped tropical gardens, is nestlednestled in the natural surroundings of the quiet hamlet of Madhopur Village, the site of world famous Shrine of SHOOL TANKESHWAR MAHADEVA (another name for Shiva). Besides the religion-mystical significance of this Hindu temple as mentioned in Purans.

02/06/2026
28/07/2023

॥ शिव तत्व ॥
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जो मिले, जब मिले और जितना मिले उसी में संतुष्ट रहना आपको स्वयं तो आनंद से भर ही देता है साथ ही साथ दूसरों में भी आपके प्रति सम्मान की भावना का उदय कर देता है। जीवन प्रति क्षण एक नईं चुनौती प्रस्तुत करता है। लेकिन जो इन सभी प्रतिकूलता अथवा अनुकूलता को समभाव से स्वीकार कर लेता है वह महान अथवा पूजनीय अवश्य बन जाता है।

भगवान भोलेनाथ के जीवन की यह सीख बड़ी ही अद्भुत है। कभी दूध भी मिला तो प्रसन्न हो गये कभी केवल पानी ही मिला तो भी प्रसन्न हो गये। कभी किसी ने शहद अर्पित किया तो प्रसन्न हो गये और किसी ने धतूरा भी अर्पित किया तो सहर्ष स्वीकार कर लिए।

केवल एक विल्व पत्र पर रीझने वाले भगवान भोले नाथ जीव को यह सीख देना चाहते हैं कि जरूरी नहीं कि हर बार उतना ही मिलेगा जितना आपकी इच्छा है। कभी - कभी कम मिलने पर भी अथवा जो मिले, जब मिले और जितना मिले उसी में संतुष्ट रहना तो सीखो, तुम आशुतोष बनकर अवश्य पूजे जाओगे।

🌿॥ शुभ श्रावण मास ॥ 🌿

वाराणसी। तीनों लोकों से प्यारी काशी नगरी में आज गजब का उत्साह देखने को मिला। एक तरफ काशी में देश का 74वां गणतंत्र दिवस म...
26/01/2023

वाराणसी। तीनों लोकों से प्यारी काशी नगरी में आज गजब का उत्साह देखने को मिला। एक तरफ काशी में देश का 74वां गणतंत्र दिवस मनाया गया वहीं दूसरी तरफ वाग्देवी मां सरस्वती की पूजा अराधना पूरे शहर में धूमधाम से हुई। इसके अलावा शाम होते होते बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ के तिलकोत्सव से पूरा शहर हर्ष से आह्लादित हो उठा। पूर्व महंत डॉ कुलपति तिवारी के आवास पर बाबा विश्वनाथ के रजत पंचबदन प्रतिमा का अभूतपूर्व शृंगार किया गया। इस दौरान बाबा को तिरंगे का अंगवस्त्रम भी पहनाया गया।

श्री काशी विश्वनाथ गृहस्थ रूप में काशी में विराजते हैं। यही कारण है कि यहां उनका तिलक, विवाह और गौना तीनों भव्य रूप से मनाने की परंपरा रही है। आज के दिन बसंत पंचमी भी है तो मां सरस्वती की पूजा भी होती है। साथ ही बसंत पंचमी के दिन ही होलिका भी गाड़ दी जाती है। आज के ही दिन माता गौरा के पिता हेमवान भोलेनाथ का तिलक लेकर पहुंचे थे, उसी परंपरा को काशी में सदियों से निभाया जाता है।
दुनिया में और जगहों पर शिव और इंसान का भक्त और भगवान का रिश्ता होता है, जबकि काशी के लोगों का भगवान शिव से पिता और पुत्र का रिश्ता है।
काशी में हर त्यौहार का अलग ही उत्साह होता है। उसमें भी बसंत पंचमी, महाशिवरात्रि और रंगभरी एकादशी के उत्सव के बारे में क्या पूछना। पुराणों में लिखा है कि काशीवासियों के लिए शिव साक्षात पिता हैं, मां अन्नपूर्णा हमारी माता हैं। ढुंढीराज गणेश हमारे भ्राता हैं। दंडपाणि भैरव हमारे भ्राता हैं। भगवान विष्णु हमारे मामा हैं और गंगा जी मौसी हैं। इस भाव से काशी में जो जीता है उसे ही काशी प्राप्त होती है। हम इसी भाव से इस परंपरा को निभाते आये हैं। हम सब एक परिवार की तरह ही यहां जीते हैं। काशी में हर चीज दिव्य और भव्य होती है।

*सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।**उज्जयिन्यां महाकालमोङ्कारममलेश्वरम्॥**परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमश...
18/07/2022

*सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।*
*उज्जयिन्यां महाकालमोङ्कारममलेश्वरम्॥*

*परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशङ्करम्।*
*सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥*

*वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे।*
*हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये॥*

*एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः।*
*सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति॥*

*एतेशां दर्शनादेव पातकं नैव तिष्ठति।*
*कर्मक्षयो भवेत्तस्य यस्य तुष्टो महेश्वराः॥:*

*सावन माह के प्रथम सोमवार की बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं।।*

*।।🌹 हर हर महादेव 🌹।।*

रंग भरी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं।बाबा शूलटकेश्वर महादेव आप पर सदैव आशीर्वाद बनाए रखे।
14/03/2022

रंग भरी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं।
बाबा शूलटकेश्वर महादेव आप पर सदैव आशीर्वाद बनाए रखे।

01/03/2022

हर हर महादेव

संध्या आरती
01/03/2022

संध्या आरती

शिवरात्रि पूजन कार्यक्रम
01/03/2022

शिवरात्रि पूजन कार्यक्रम

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