Sri Baba Gninath ji - Kashi Dham , Varanasi

Sri Baba Gninath ji - Kashi Dham , Varanasi Sri Baba Gninathji - Kashi Dham , Varanasi

 #चैत्र_शुक्ल_प्रतिपदा_हिन्दू_नव_वर्ष_पर*📰 काशी में आस्था का संगम: बाबा गणिनाथ भक्त मण्डल  ने शुरू की  #लाइफ_मेंबरशिप_यो...
14/04/2026

#चैत्र_शुक्ल_प्रतिपदा_हिन्दू_नव_वर्ष_पर

*📰 काशी में आस्था का संगम: बाबा गणिनाथ भक्त मण्डल ने शुरू की #लाइफ_मेंबरशिप_योजना*

*पहले 101 सदस्यों के लिए विशेष ऑफर ₹14,000 में, मई 2026 तक जुड़ने का सुनहरा अवसर*

वाराणसी। आध्यात्मिक नगरी काशी से एक बार फिर आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का प्रेरणादायक संदेश सामने आया है। बाबा गणिनाथ भक्त मंडल, वाराणसी द्वारा शुरू की गई लाइफ मेंबरशिप योजना समाज को जोड़ने और संगठन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभर रही है।
मंडल की ओर से घोषणा की गई है कि पहले 101 सदस्यों के लिए विशेष जीवन सदस्यता मात्र ₹14,000 में उपलब्ध होगी। यह सीमित समय का विशेष ऑफर मई 2026 तक मान्य रहेगा। इस घोषणा के बाद श्रद्धालुओं, समाजसेवियों और युवाओं में योजना को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और प्रसार के उद्देश्य से कार्यरत यह मंडल लंबे समय से समाज में सेवा, सहयोग और आध्यात्मिक जागरूकता का कार्य कर रहा है। अब यह सदस्यता अभियान उन सभी लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो बाबा गणिनाथ जी की शिक्षाओं से प्रेरित होकर समाजहित में अपना योगदान देना चाहते हैं।
इस पहल के पीछे एक गहरा संदेश निहित है—
“जब हम अपने धर्म और संस्कृति से जुड़ते हैं, तभी समाज में सच्ची एकता और शक्ति का निर्माण होता है।”
मंडल के पदाधिकारियों के अनुसार, यह केवल एक सदस्यता नहीं, बल्कि एक ऐसा परिवार है जहां हर व्यक्ति सेवा, संस्कार और समर्पण की भावना से जुड़ता है। यह अभियान विशेष रूप से युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
👉 इच्छुक व्यक्ति नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क कर सदस्यता प्राप्त कर सकते हैं:
📞 6389736156
📞 9235655705
📞 9307563095
काशी की पावन धरती से शुरू हुई यह पहल एक बार फिर यह संदेश देती है कि जब श्रद्धा और सेवा का संगम होता है, तो समाज में नई ऊर्जा और नई दिशा का संचार होता है।

राजेश कुमार गुप्ता
बाबा गणिनाथ भक्त मण्डल

31/01/2025

🏆 #राष्ट्रीय_युवा_सम्मान_2025🏆
*‼️ #घोषणा ‼️*

भारत एवं नेपाल के सभी स्वजातीय बंधुओ को सूचित करते हुए आपार हर्ष हो रहा है कि स्वर्गीय रतन कुमार गुप्ता के आज जन्मदिन (30 जनवरी) के पावन दिन पर * ुमार_गुप्ता - #राष्ट्रीय_युवा_सम्मान - 2025* हेतु निम्न श्रेणी में कार्य करने वाले जिनका उम्र 18 - 40 वर्ष है। आज उनके नाम के घोषणा करते हुए काफी प्रसन्नता हो रही है।
🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆
*1. युवा उद्धमी - मनीष कुमार साव* (महाराष्ट्र)
*2. स्वास्थ्य - सूरज गुप्ता* (यूपी)
*3. शिक्षा - सन्तोष कुमार*(बिहार)
*4. खेल - नेहा गुप्ता* (यूपी)
*5. समाजिक कार्य - अभिषेक कुमार गुप्ता* (यूपी)
🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆

*चयन कमेटी*
1. डॉक्टर मनोज कुमार गुप्ता जी
(वरिष्ठ ENT सर्जन) - सत्कृति हॉस्पिटल, वाराणासी
2. श्रीमती अर्चना गुप्ता Archana Gupta
(पूर्व राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष) रांची - झारखंड
3. श्री अमरजीत शाह AmarJeet Kumar Shah
(प्रदेश अध्यक्ष - गुजरात)
*कार्यक्रम संयोजक -*
राजेश कुमार गुप्ता (पूर्व राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष 2013 - 2017)
*अध्यक्ष* - आलोक कुमार गुप्ता
*महामंत्री* - विशाल कुमार गुप्ता
*कोषाध्यक्ष* - विनय कुमार गुप्ता
*आयोजक -* बाबा गणिनाथ भक्त मण्डल
*सहयोगी - MOICC, ABMVS FOUNDATION*

🏆राष्ट्रीय युवा सम्मान - 2025🏆              *‼️आमंत्रण‼️*भारत एवं नेपाल के सभी स्वजातीय बंधुओ को सूचित करते हुए आपार हर्...
24/01/2025

🏆राष्ट्रीय युवा सम्मान - 2025🏆
*‼️आमंत्रण‼️*

भारत एवं नेपाल के सभी स्वजातीय बंधुओ को सूचित करते हुए आपार हर्ष हो रहा है कि स्वर्गीय रतन कुमार गुप्ता के जन्मदिन (30 जनवरी) के पावन दिन पर *रतन कुमार गुप्ता - राष्ट्रीय युवा सम्मान - 2025* हेतु निम्न श्रेणी में कार्य करने वाले जिनका उम्र 18 - 40 वर्ष है। उन्हें अपना विवरण चयन कमेटी के पास डीजिटल कॉपी भेजने की कृपा करें।
1. युवा उद्धमी
2. स्वास्थ
3. शिक्षा
4. खेल
5. समाजिक कार्य
✅ नाम भेजने की अंतिम तिथि 28 जनवरी 2025
*चयन कमेटी*
1. डॉक्टर मनोज कुमार गुप्ता जी (वरिष्ठ ENT सर्जन) - सत्कृति हॉस्पिटल, वाराणासी
2. श्रीमती अर्चना गुप्ता (पूर्व राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष)
3. श्री अमरजीत शाह (प्रदेश अध्यक्ष - गुजरात
*कार्यक्रम संयोजक -*
राजेश कुमार गुप्ता (पूर्व राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष)
*नोट -* इस कार्यक्रम से सम्बंधित किसी भी विषय वस्तु पर जानकारी के लिए #9235655705 पर [email protected] पर संपर्क कर सकते है।

*निवेदक -*
आलोक कुमार गुप्ता - अध्यक्ष
विशाल कुमार गुप्ता - महामंत्री
विनय कुमार गुप्ता - कोषाध्यक्ष
मध्यदेशीय वैश्य महा सभा
*आयोजक -* बाबा गणिनाथ भक्त मंडल
*सहयोगी - मध्यदेशीय वैश्य महासभा, MOICC ABMVS FOUNDATION*

01/01/2025

आइये 12 जनवरी को बाबा के दरबार में

01/08/2023
* #मुस्कान_एक_राष्ट्रीय_अभियान*  के 11 वें स्थापना दिवस पर मूक बधिर बच्चों की निःशुल्क सर्जरी    आप सभी सूचित करते हुए अ...
17/02/2023

* #मुस्कान_एक_राष्ट्रीय_अभियान*
के 11 वें स्थापना दिवस पर मूक बधिर बच्चों की निःशुल्क सर्जरी
आप सभी सूचित करते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि
⚫ MOICC हर वर्ष महाशिवरात्रि को ही स्थापना दिवस के अवसर पर एक महा अभियान चलाकर स्वजातीय एकता का मिशाल कायम करता आ रहा है । अपने 11 वें स्थापना दिवस पर MOICC मध्यदेशीय वैश्य सभा पंजीयन संख्या S-3026 के बड़े बैनर तले इस वर्ष मूक बधीर बच्चों का निशुल्क आपरेशन कराकर उनके चेहरे पर नई मुस्कान लाने हेतु प्रयास रत है ।
कार्य योजना निम्नानुसार ---
⚫महाशिवरात्रि पर पंजीकरण होगा आरम्भ
मध्यदेशीय हलुवाई कानू समाज परिवारों के जन्मजात मूक बधिर बच्चे भी अब खिलखिला सकेंगे। ऐसे बच्चों को वाराणसी के वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर मनोज कुमार गुप्ता , चेयरमैन सत्कृति हॉस्पिटल में निःशुल्क कॉकलियर इंप्लांट से इलाज हो पायेगा। भारत, नेपाल और बंग्लादेश में समाज के परिवारों के जन्मजात मूक बधिर बच्चे भी अब खिलखिला सकेंगे। पूर्व ने बच्चों की दिल्ली के एम्स समेत कई बड़े निजी अस्पतालों में इंप्लांट सर्जरी के लिए लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे। इसके लिए सत्कृति फाउंडेशन वाराणसी से अंतराष्ट्रीय संस्था मध्यदेशीय ऑनलाइन इंटरनेशनल कोर कमेटी (MOICC) एवं मध्यदेशीय वैश्य महासभा (पूर्व अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य सभा) यूपी संयुक्त रूप से अंतरराष्ट्रीय राष्ट्रीय स्तर पर अनुबंध किया है। MOICC के संस्थापक एवं राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर विजय कुमार गुप्ता एवं यूपी के अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में यह पुण्य का कार्य सम्पादित किया जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक देश में करीब 40 लाख मूक बधिर बच्चे हैं। तमाम बच्चों में यह बीमारी जन्मजात होती है। ऐसे बच्चों का इलाज कॉकलियर इंप्लांट सर्जरी है। यह सुविधा देश के चुनिंदा अस्पतालों में है। सात से आठ लाख रुपये खर्च होने की वजह से गरीब लोग अस्पतालों में बच्चों का इलाज नहीं करा पाते हैं। मध्यदेशीय वैश्य महा सभा (अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य सभा) उत्तर प्रदेश (MVMS UP) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं संरक्षक रंजीत गुप्ता ने बताया कि मुस्कान प्रोजेक्ट से उन परिवारों में खुशहाली लाना मक़सद है जहाँ उम्मीद खत्म हो चुकी है। MOICC के संरक्षक राजेंद्र प्रसाद गुप्ता (मामा जी) एवं विधि सलाहकार वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी गुप्ता, आलोक गुप्ता, दिलीप गुप्ता, किशोर गुप्ता, राज किशोर, पवन गुप्ता, हेमंत गुप्ता, विनय गुप्ता, पुनीत गुप्ता, रामचन्द्र गुप्ता ने MOICC के 11 वें स्थापना दिवस की बधाई दी है।

राजेश कुमार गुप्ता
संस्थापक
मध्यदेशीय ऑनलाइन इंटरनेशनल कोर कमेटी
MOICC
17/02/2023

सभी प्रांतीय अध्यक्ष/महामंत्री से अनुरोध है इसे समाचार का रूप देते हुए अपने प्रदेश के सभी जिला/प्रखंड स्तर पर पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित कराएं ।
धन्यवाद ।
प्रफुल्ल कुमार गुप्ता
मध्यदेशीय वैश्य महा सभा

13/12/2022

*आदरणीय स्वजतीय भाइयों एवं बहनों को सादर चरण स्पर्श 🙏*

*धर्म किये धन ना घटे, नदी न घट्ट नीर।*
*अपनी आखों देखिले, यों कथि कहहिं कबीर।*

*भावार्थ: धर्म परोपकार, दान सेवा करने से धन नहीं घटना, देखो नदी सदैव बहती रहती है, परन्तु उसका जल घटना नहीं। धर्म करके स्वयं देख लो।*

जैसा कि सर्व विदित है कि 24 - 25 दिसम्बर को हमारे सन्गठन ABMVS द्वारा मध्यप्रदेश के भोपाल में कुलगुरु बाबा गणिनाथ गोविंद जी का भव्य मंदिर का निर्माण चल रहा है। उस मंदिर में बाबा की मूर्ति स्थापना के लिए पलवैया धाम से भगत लोग आ रहे है। बाबा की मूर्ति वाराणसी से बन कर जा रही है।
मगर अभी भी वहां आर्थिक सहयोग की जरूरत है। *आप को बताना चाहूंगा कि साउथ एशिया का सबसे बड़ा विश्व विद्यालय वाराणसी में सर सुंदरलाल BHU की स्थापना करने वाले पण्डित मदन मोहन मालवीय जी ने एक रुपये की चंदे से आरम्भ किया था। मगर देखते ही देखते दान दाताओं की लाइन लग गई और आज BHU भारत ही नही अपितु साउथ एशिया की सबसे बड़ी धरोहर शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में बन गई।*

अब बात आती है कि दान/सहयोग किस रूप में दिया जाय ?

*बहुत ही सिंपल है। उस कार्यक्रम में मन्दिर निर्माण में सहयोग इकट्ठा करने के लिए एक स्मारिका/पत्रिका जो की समाज का आईना/दर्पण होता है। उसके माध्यम से हम मन्दिर निर्माण में सहयोग भेज सकते है।*

उदाहरण - 1 हमारे घर मे बेटे और बेटियों की शादी करनी है। यह उसके लिए सबसे बढ़िया माध्यम होता है की हम अपने परिवार की फैमिली फोटो प्रकाशित करवाते है। इससे रिश्ते जल्दी तय होते है।

उदाहरण - 2 हम अपने प्रतिष्ठान/व्यपार का भी प्रचार प्रसार इस माध्यम से कर सकते है। इसका फ़ायदा यह होता है कि दूसरे प्रदेश में रहने वाला स्वजतीय भी आप ही काम अगर छोटे स्तर पर कर रहा है तो उसे आप बड़ा करने का टिप्स और अपना व्यपार बढ़ाने का सुगम अवसर पा सकते है।

उदाहरण 3 अगर आप राजनैतिक व्यक्ति है। या आप अपने क्षेत्र के मानिंद है। तो भी स्मारिका में अपना सहयोग भेज कर मन्दिर निर्माण कार्य ने मदद कर सकते है।

उदाहरण - 4 अगर आप किसी राजकीय या राष्ट्रीय सरकारी पद पर है तो समाज के लिए एक प्रेरक प्रसंग लिख कर भेजते हुए अपना सहयोग मन्दिर निर्माण के लिए भेज सकते है।

उदाहरण - 5 अगर आप नगर पालिका/नगर निगम/नगर पंचायत के अध्यक्ष/पार्षद/सभासद/सदस्य है तो अपना कार्यकाल के बारे में अभी तक आप ने उस पद पर रहते हुए क्या क्या उत्थान किया है इसकी जानकारी भेजते हुए भी मन्दिर निर्माण में अपना आर्थिक सहयोग भेज सकते है।

आप सभी से सहयोग के आकांक्षी :-

*राजेश कुमार गुप्ता*

राष्ट्रीय कार्यलय मंत्री
राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष
2013 - 2017
अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य सभा
संस्थापक
MOICC

*आप के द्वरा दिया गया 1 ईंट और 10 रुपया भी स्वीकार है।*
आर्थिक सहयोग हेतु विवरण
🕉️ *विज्ञापन/आर्थिक सहयोग हेतू एकाउंट डिटेल्स*
A/c name: Akhil Bhartiya Madhyadeshiy Vaishya Sabha, Madhya Pradesh
A/c no. : 881510110013679
IFSC code: BKID0008815
Brach. : Manglia, Indore - 453771 (M. P.)

13/12/2022

Everyone

*आदरणीय स्वजतीय भाइयों एवं बहनों को सादर चरण स्पर्श 🙏*

*धर्म किये धन ना घटे, नदी न घट्ट नीर।*
*अपनी आखों देखिले, यों कथि कहहिं कबीर।*

*भावार्थ: धर्म परोपकार, दान सेवा करने से धन नहीं घटना, देखो नदी सदैव बहती रहती है, परन्तु उसका जल घटना नहीं। धर्म करके स्वयं देख लो।*

जैसा कि सर्व विदित है कि 24 - 25 दिसम्बर को हमारे सन्गठन ABMVS द्वारा मध्यप्रदेश के भोपाल में कुलगुरु बाबा गणिनाथ गोविंद जी का भव्य मंदिर का निर्माण चल रहा है। उस मंदिर में बाबा की मूर्ति स्थापना के लिए पलवैया धाम से भगत लोग आ रहे है। बाबा की मूर्ति वाराणसी से बन कर जा रही है।
मगर अभी भी वहां आर्थिक सहयोग की जरूरत है। *आप को बताना चाहूंगा कि साउथ एशिया का सबसे बड़ा विश्व विद्यालय वाराणसी में सर सुंदरलाल BHU की स्थापना करने वाले पण्डित मदन मोहन मालवीय जी ने एक रुपये की चंदे से आरम्भ किया था। मगर देखते ही देखते दान दाताओं की लाइन लग गई और आज BHU भारत ही नही अपितु साउथ एशिया की सबसे बड़ी धरोहर शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में बन गई।*

अब बात आती है कि दान/सहयोग किस रूप में दिया जाय ?

*बहुत ही सिंपल है। उस कार्यक्रम में मन्दिर निर्माण में सहयोग इकट्ठा करने के लिए एक स्मारिका/पत्रिका जो की समाज का आईना/दर्पण होता है। उसके माध्यम से हम मन्दिर निर्माण में सहयोग भेज सकते है।*

उदाहरण - 1 हमारे घर मे बेटे और बेटियों की शादी करनी है। यह उसके लिए सबसे बढ़िया माध्यम होता है की हम अपने परिवार की फैमिली फोटो प्रकाशित करवाते है। इससे रिश्ते जल्दी तय होते है।

उदाहरण - 2 हम अपने प्रतिष्ठान/व्यपार का भी प्रचार प्रसार इस माध्यम से कर सकते है। इसका फ़ायदा यह होता है कि दूसरे प्रदेश में रहने वाला स्वजतीय भी आप ही काम अगर छोटे स्तर पर कर रहा है तो उसे आप बड़ा करने का टिप्स और अपना व्यपार बढ़ाने का सुगम अवसर पा सकते है।

उदाहरण 3 अगर आप राजनैतिक व्यक्ति है। या आप अपने क्षेत्र के मानिंद है। तो भी स्मारिका में अपना सहयोग भेज कर मन्दिर निर्माण कार्य ने मदद कर सकते है।

उदाहरण - 4 अगर आप किसी राजकीय या राष्ट्रीय सरकारी पद पर है तो समाज के लिए एक प्रेरक प्रसंग लिख कर भेजते हुए अपना सहयोग मन्दिर निर्माण के लिए भेज सकते है।

उदाहरण - 5 अगर आप नगर पालिका/नगर निगम/नगर पंचायत के अध्यक्ष/पार्षद/सभासद/सदस्य है तो अपना कार्यकाल के बारे में अभी तक आप ने उस पद पर रहते हुए क्या क्या उत्थान किया है इसकी जानकारी भेजते हुए भी मन्दिर निर्माण में अपना आर्थिक सहयोग भेज सकते है।

आप सभी से सहयोग के आकांक्षी :-

*राजेश कुमार गुप्ता*

राष्ट्रीय कार्यलय मंत्री
राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष
2013 - 2017
अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य सभा
संस्थापक
MOICC

*आप के द्वरा दिया गया 1 ईंट और 10 रुपया भी स्वीकार है।*
आर्थिक सहयोग हेतु विवरण
🕉️ *विज्ञापन/आर्थिक सहयोग हेतू एकाउंट डिटेल्स*
A/c name: Akhil Bhartiya Madhyadeshiy Vaishya Sabha, Madhya Pradesh
A/c no. : 881510110013679
IFSC code: BKID0008815
Brach. : Manglia, Indore - 453771 (M. P.)

*अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य सभा*      *"आवश्यक सूचनार्थ"*                               *अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य सभ...
17/11/2022

*अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य सभा*

*"आवश्यक सूचनार्थ"*

*अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य सभा के राष्ट्रीय अधिवेशन देवघर, झारखंड में 10 अप्रैल 2021 को विधिवत चुने गए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार गुप्ता की राष्ट्रीय समिति में दूसरी धारा के स्वघोषित अध्यक्ष श्री मनोज मद्देशिया को विलय कराने के उद्देश्य से अपने राष्ट्रीय समिति के संरक्षक श्री प्रेमचन्द साव द्वारा दिनांक 6-11-2022 को सिलीगुड़ी में एकीकरण का प्रयास किया गया, जिसके बाद की समुचित स्थितियों/परिस्थितियों के आकलन के लिए दिनांक: 16 नवम्बर 2022 को समिति के संरक्षकगण/पदाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक आयोजित की गई।*

*बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों के बीच परिस्थितियों के आकलन एवं विश्लेषण में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य सभा की दूसरी धारा में समरसता का अभाव, अन्तर्द्वन्द्व, अविश्वास, अंतर्विरोध, अस्पष्ट कार्य शैली, त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया एवं अहंकारी व्यक्तित्व ने समन्वय एवं एकीकरण को प्रयास को नष्ट कर दिया।*

*बैठक में सभी ने एक मत से दूसरी धारा द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित अनावश्यक चित्रों/सन्देशों की घोर निंदा की। बैठक में किसी भी पदाधिकारी द्वारा समन्वय/एकीकरण के समर्थन में विचार तक व्यक्त नहीं किया गया जिससे हमारा संगठन और मजबूती के साथ उभर कर सामने आया है।*

*एक संगठन के दो कमेटी के कुत्सित प्रयास के अंतर्गत स्वयमेव बनाई गई दूसरी धारा के अस्तित्व को सिरे से खारिज किया गया और सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हम 6 नवम्बर 2022 के पूर्व की स्थिति के अनुसार समाज में और सजगता के साथ सेवा भावना एवं समर्पण के दृष्टिकोण को परिभाषित करेगें।*

*डॉ. विजय कुमार गुप्ता,*
*राष्ट्रीय अध्यक्ष, अ.भा.म.वैश्य सभा*

*प्रफुल्ल गुप्ता,*
*राष्ट्रीय महामंत्री,अ.भा.म.वैश्य सभा*

*सुरेश कुमार गुप्ता,*
*राष्ट्रीय महामंत्री, (संगठन) अ.भा.म.वैश्य सभा*

*संजय गुप्ता*
*राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, अ.भा.म.वैश्य सभा*

*उमेश कुमार गुप्ता,*
*राष्ट्रीय प्रवक्ता, अ.भा.म.वैश्य सभा*

*गुवाहाटी,*
*17 नवम्बर 2022*

महाकवि जयशंकर प्रसाद जी की जीवनीआप का जन्‍म काशी के एक सुप्रसिद्ध वैश्‍य परिवार में 30 जनवरी सन् 1889 ई. में हुआा था। का...
10/11/2022

महाकवि जयशंकर प्रसाद जी की जीवनी
आप का जन्‍म काशी के एक सुप्रसिद्ध वैश्‍य परिवार में 30 जनवरी सन् 1889 ई. में हुआा था। काशी में इनका परिवार ‘सुँघनी साहू’ के नाम से प्रसिद्ध था। इसका कारण यह था कि इनके यहाँ तम्‍बाकू का व्‍यापार होता था। प्रसाद जी के पितामह का नाम शिवरत्‍न साहू और पिता का नाम देवीप्रसाद था। प्रसाद जी के पितामह शिव के परम भक्‍त और दयालु थे। इनके पिता भी अत्‍यधिक उदार और साहित्‍य-प्रेमी थे।

प्रसाद जी का बाल्‍यकाल सुख के साथ व्‍यतीत हुआ। इन्‍होंने बाल्‍यावस्‍था में ही अपनी माता के साथ धाराक्षेत्र,ओंकारेश्वर, पुष्‍कर, उज्‍जैन और ब्रज आदि तीर्थों की यात्रा की। अमरकण्‍टक पर्वत श्रेणियों के बीच , नर्मदा में नाव के द्वारा भी इन्‍होंने यात्रा की। यात्रा से लौटने के पश्‍चात् प्रसाद जी के पिता का स्‍वर्गवास हो गया। पिता की मृत्‍यु के चार वर्ष पश्‍चात् इनकी माता भी इन्‍हें संसार में अकेला छोड़कर चल बसीं।

प्रसाद जी के पालन-पोषण और शिक्षा-दीक्षा का प्रबन्‍ध उनके बड़े भाई शम्‍भूरत्‍न जी ने किया। सर्वप्रथम प्रसाद जी का नाम ‘क्‍वीन्‍स कॉलेज’ में लिखवाया गया, लेकिन स्‍कूल की पढ़ाई में इनका मन न लगा, इसलिए इनकी शिक्षा का प्रबन्‍ध घर पर ही किया गया। घर पर ही वे योग्‍य शिक्षकों से अंग्रेजी और संस्‍कृत का अध्‍ययन करने लगे। प्रसाद जी को प्रारंभ से ही साहित्‍य के प्रति अनुराग था। वे प्राय: साहित्यिक पुस्‍तकें पढ़ा करते थे और अवसर मिलने पर कविता भी किया करते थे। पहले तो इनके भाई इनकी काव्‍य-रचना में बाधा डालते रहे, परन्‍तु जब इन्‍होंने देखा कि प्रसाद जी का मन काव्‍य-रचना में अधिक लगता है, तब इन्‍होंने इसकी पूरी स्वतंत्रता इन्‍हें दे दी। प्रसाद जी के हदय को गहरा आघात लगा। इनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई तथा व्‍यापार भी समाप्‍त हो गया। पिता जी ने सम्‍पत्ति बेच दी। इससे ऋण के भार से इन्‍हें मुक्ति भी मिल गई, परन्‍तु इनका जीवन संघर्षों और झंझावातों में ही चक्‍कर खाता रहा ।

यद्यपि प्रसाद जी बड़े संयमी थे, किन्‍तु संघर्ष और चिन्‍ताओं के कारण इनका स्‍वास्‍थ्‍य खराब हो गया। इन्‍हें यक्ष्‍मा रोग ने धर दबोचा। इस रोग से मुक्ति पाने के लिए इन्‍होंने पूरी कोशिश की, किन्‍तु सन् 1937 ई. की 15 नम्‍बर को रोग ने इनके शरीर पर अपना पूर्ण अधिकार कर लिया और वे सदा के लिए इस संसार से विदा हो गए।

कृतियाँ

काव्‍य- आँसू , कामायनी, चित्राधर, लहर, झरना
कहानी- आँधी, इन्‍द्रजाल , छाया, प्रतिध्‍वनि (प्रसाद जी की अंतिम कहानी ‘सालवती‘ है।)
उपन्‍यास- तितली, कंकाल, इरावती
नाटक- सज्‍जन, कल्‍याणी-परिणय, चन्‍द्रगुप्‍त, स्कन्दगुप्त, अजातशत्रु, प्रायश्चित, जनमेजय का नागयज्ञ, विशाख, ध्रुवस्‍वामिनी
निबन्‍ध- काव्‍यकला एवं अन्‍य निबन्‍ध

भाषा-शैली

जिस प्रकार प्रसाद जी के साहित्‍य में विविधता है, उसी प्रकार उनकी भाषा ने भी कई स्‍वरूप धारण किए है। इनकी भाषा का स्‍वरूप विषयों के अनुसार ही गठित हुआ है। प्रसाद जी ने अपनी भाषा का श्रृंगार संस्‍कृत के तत्‍सम शब्‍दों से किया है। भावमयता इनकी भाषा शैली प्रधान विशेषता है। भावों ओर विचारों के अनुकूल शब्‍द इनकी भाषा में सहज रूप से आ गए है। प्रसाद जी की भाषा में मुहावरों और लोकोक्तियों के प्रयोग नहीं के बराबर है।/ विदेशी शब्‍दों के प्रयोग भी इनकी भाषा में नहीं मिलते।

शैली- प्रसाद जी की शैली को पाँच भागों में विभक्‍त है

विचारात्‍मक शैली
अनुसन्‍धानात्‍मक शैली
इतिवृत्‍तात्‍मक शैली
चित्रात्‍मक शैली
भावात्मक शैली
हिन्‍दी साहित्‍य में स्‍थान

बॉंग्‍ला-साहित्‍य में जो स्‍थान रवीनद्रनाथ ठाकुर का है, रूसी-साहित्‍य में जो स्‍थान तुर्गनेव का है, हिन्‍दी साहित्‍य में वही स्‍थान प्रसाद जी का है। रवीन्‍द्रनाथ ठाकुर और तुर्गनेव की भॉंति प्रसाद जी ने साहित्‍य के विभिनन क्षेत्राों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। प्रसाद जी कवि भी थे और नाटककार भी, उपन्‍यासकार भी थे और कहानीकार भी। इसमें सन्‍देह नहीं कि जब तक हिन्‍दी-साहित्‍य का अस्तित्‍व रहेगा, प्रसाद जी के नाम को विस्‍मृत किया जाना संभव नहीं हो सकेगा।

इस पोस्ट में हमने जयशंकर प्रसाद (Jaishankar Prasad Jeevan Parichay) जी का जीवन परिचय के बारे में जाना । उम्मीद करती हूँ कि आपको हमारा यह पोस्ट पसंद आया होगा। पोस्ट अच्छा लगा तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूले। किसी भी तरह का प्रश्न हो तो आप हमसे कमेन्ट बॉक्स में पूछ सकतें हैं।

साभार :- गूगल

* #गणिनाथ  #बाबा काशी से चले भोपाल*मूर्ति हेतु दानदाता :- काशी रत्न  #स्वर्गीय_रतन_गुप्ता_जी (कृष्णा भंडार) के प्रेरणा स...
01/11/2022

* #गणिनाथ #बाबा काशी से चले भोपाल*
मूर्ति हेतु दानदाता :- काशी रत्न #स्वर्गीय_रतन_गुप्ता_जी (कृष्णा भंडार) के प्रेरणा से राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री Rajesh Kumar Gupta जी के देख रेख में #आशुतोष गुप्ता जी (रोहन), युवा आर्किटेक्ट Ar Rohit Gupta जी #सुपौत्र #स्व. #लालजी #साव के माध्यम से बाबा की शानदार संगमरमर की मूर्ति भोपाल मध्यप्रदेश के मन्दिर में प्राण प्रतिष्ठा के लिए काशी में निर्माण हो रहा है।
अखिल भारतीय मध्यदेशीय वैश्य सभा, मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित भोपाल में 24, 25 दिसम्बर 2022 को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक, मध्यप्रदेश का सम्मेलन, मध्यप्रदेश का चुनाव, राष्ट्रीय युवा चिंतन मंथन महा सम्मेलन, वैवाहिक परिचय सम्मेलन आयोजित किया गया है।
बाबा की मूर्ति उसी दिन प्राण प्रतिष्ठा के साथ स्थापित किया जायेगा।
इस नेक और उदारता भरी कार्य को सम्पादित करने के लिए स्व. लालजी साव के सुपौत्र एवं काशी रत्न स्व. रतन गुप्ता जी (कृष्णा भंडार) को सन्गठन हृदय के अनन्त गहराइयों से साधुवाद देती है।
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