24/07/2026
आंदोलनों से कुछ नहीं होगा -
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◾परम पूज्य बाबा जयगुरुदेव जी महाराज जब भविष्यवाणियां करते थे तब आगे भविष्य के खराब समय का संकेत करते थे। कि आगे कितना खराब समय देश पर आ जायेगा।
◾उसी परिप्रेक्ष्य में बाबाजी ने कहा कि -
📌होगी जन जन में क्रांति, हम तुम्हें दिखा देंगे।
📌सब धर्म लड़ेंगे आपस में, हम तुम्हें दिखा देंगे।
📌राजा रैयत लड़ जाएंगी, हिन्दू मुस्लिम लड़ जाएंगे।
📌पिता पुत्र लड़ जाएंगे, गुरु शिष्य लड़ जाएंगे।
📌सब पार्टियां लड़कर खत्म हो जाएंगी, हम तुम्हें दिखा देंगे।
◾तब बाबाजी की बातों को सुनकर सब हंसते थे। आज जहां नज़र डालिए वहीं बाबाजी की वाणी सिद्ध होती नजर आ रही है। महात्मा कभी किसी का अहित नहीं चाहते हैं । वे समस्या भी बताते हैं और निदान भी बताते हैं। और जब उनकी कोई बात नहीं मानता तो वो नगर देश प्रांत वीरान हो जाता है।
◾"साधु अवज्ञा का फल ऐसा, जले नगर अनाथ कर जैसा।" आज पूरा विश्व जल रहा है, भारत जैसा धार्मिक देश जल रहा है। किससे? भ्रष्टाचार से, अनाचार व्यभिचार कुविचार से, मांसाहार से, काम क्रोध लोभ मोह अहंकार से, हिंसा कत्ल बलात्कार भ्रूण हत्या से, बेरोजगारी, बीमारी, महामारी, महंगाई, गरीबी से, लूट तंत्र से, ऐसी दावानल देश में धधक रही है जिसको कोई नहीं बुझा पा रहा है।
◾भारत के लोगों ने अपने संतों महात्माओं फकीरों ईश्वर परमात्मा प्रभु की कोई बात नहीं मानी, बाबाजी की कोई बात नहीं सुनी तो आज उनकी कौन सुन लेगा?
◾महात्माओं के सिवा आपकी फरियाद को कोई नहीं सुन सकता है। क्योंकि इस देश का अब कोई जिम्मेवार नहीं रहा जो इस देश की कोई जिम्मेवारी ले सके। इस देश का अब कोई रखवाला नहीं रहा, कोई मालिक नहीं रहा। प्रजातंत्र ही नहीं रहा। कौन आपकी सुनेगा?
◾ऐसे रोते रोते सब विनाश के मुख में चले जा रहे हैं। रोज लाखों लोग मर रहे हैं। पर बचने के रास्ते पर कोई नहीं जाता। जहां कोई नहीं सुनने वाला, वहां फरियाद करते हो, यही आपके अज्ञानता का परिचय है।
◾याद करो, जब 23 जनवरी 1975 को फूलबाग कानपुर में बाबाजी ने 45 मिनट संदेश दिया। आप सबने उनका विरोध किया। किसलिए? क्योंकि उन्होंने बच्चों के लिए, नवजवानों के लिए आवाज लगाई थी। क्या कहा था -
ऐ देश के कर्णधारों! जिम्मेवारों!
📌राशन दो तब भाषण दो, नहीं तो अपना आसन दो
📌अगर बाबाजी की मौज हो गई तो इन बच्चों को सिंहासन दो।
📌सुख धर्म कर्म यदि लाना है, तो हिजड़ों का राज्य हटाना है।
◾बाबाजी तो भारत की गद्दी पर नौजवानों को बैठाना चाहते हैं। क्योंकि इनकी काम करने की उम्र है। इतिहास उठाकर देख लीजिए कि परिवर्तन सदैव गुरु के द्वारा हुआ, और उन्होंने छोटे छोटे बच्चों से परिवर्तन करके दिखा दिया।
◾सतयुग में भक्त प्रहलाद और ध्रुव का राज्य रहा, वे बच्चे ही तो थे। त्रेतायुग में राम लक्ष्मण के द्वारा गुरु ने परिवर्तन कराया। वे 24 साल के बच्चे ऐसी भक्ति करके दिखाए जिनकी आज भी पूजा हो रही है।
◾द्वापर युग का कृष्ण भी बालक ही था, जिसके द्वारा गुरु सांदीपनि ने परिवर्तन करके दिखाया। अभी इसी कलियुग में गुरुओं का इतिहास देख लीजिए। गुरु रामदास ने वीर शिवाजी से परिवर्तन कराया, गुरु गोविंद ने अपने चारों बच्चों से परिवर्तन कराया, नेता सुभाष, भगत सिंह इन सबने गुरुभक्ति की, तब जाकर कुछ परिवर्तन हुआ।
◾लेकिन आज का नौजवान गुरु वुरु कुछ नहीं मानता है। वो अपने आप को ही गुरु समझता है। उसे लगता है वो जो कुछ कर रहा है, वो ही सही है। परिवर्तन ऐसे नहीं होता है। बिना गुरु के आप सब हार का मुख देखते ही रहेंगे।
◾अगर आप देश समाज परिवार में, अपने आंतरिक भाव विचारों में, अपने कर्मों में परिवर्तन करना चाहते हैं तो समय के पूरे गुरु की तलाश कीजिए। यदि वो मिल गए तो आपका सारा काम कर देंगे।
◾इतिहास गवाह रहा है कि इस भारत भूमि पर ऋषियों मुनियों ने, त्यागी तपस्वी शाकाहारी सदाचारी ब्रह्मचारियों ने राज्य किया, अवतारी शक्तियों ने राज्य किया, वे सब बच्चे ही थे बालक ही थे। क्योंकि उनका कोई गुरु था, उनका कोई पिता था, उनका कोई रक्षक था, उनका कोई मालिक था, उनका कोई मार्गदर्शक था। आपका मार्गदर्शक कौन है? आपका लीडर कौन है? विचार कीजिए।
◾बाबाजी ने कहा है वो सब सामने हो रहा है। और जो कुछ बचा है वो होने वाला है। उनके वाणी के सिवा किसी का कुछ नहीं होगा।
◾बाबाजी ने कहा कि आगे सरकार नाम नहीं रहेगी। सारी पार्टियां लड़कर आपस में खत्म हो जाएंगी। सारी धर्म जातियां खत्म होकर हिंदू धर्म - मानव धर्म - सनातन धर्म में विलीन हो जायेंगी। सारे गुरु, समय के सतगुरु में विलीन हो जाएंगे। सारे राजनीतिक संगठन , दूरदर्शी में विलीन हो जाएंगे।
◾आगे संतों का राज्य होगा। संतों का कानून होगा। देश की पतवार बालकों के हाथ में चली जाएगी। वे बच्चे बड़े सख्त होंगे, न्याय के तख्त पर बैठकर वे सगे मां बाप को भी माफ नहीं करेंगे। वे बच्चे सच्चे ईमानदार त्यागी तपस्वी शाकाहारी सदाचारी ब्रह्मचारी चरित्रवान होंगे। वे सतगुरु के आदेश पर कुर्बान होंगे।
◾संत जब उन बच्चों का आवाहन करेंगे तब जाकर वे चुटकियों में परिवर्तन करके दिखा देंगे। इसलिए प्रेमियों को घबराना नहीं चाहिए, अपने समय का इंतजार करना चाहिए। जिन लोगों ने गंदगी फैलाई है वे लोग अपना अपना उठा रहे हैं। हमको आदेश है केवल भजन करने का, और गुरु के अग्रिम आदेश का इंतजार करने का।
◾गुरु पूर्णिमा 2026, 27 जुलाई से 31 जुलाई तक सतगुरु धाम नैमिषारण्य जरूर आइए। वहां आपकी सारी शंका का समाधान हो जाएगा। "अरे मन ये दो दिन का मेला रहेगा, गुरु के बिना तू अकेला रहेगा।"
अर्जी हमारी, मर्जी आपकी 🙏
जयगुरुदेव नाम प्रभु का 🙏
Jaigurudev Satguru Dham