09/03/2026
� भगवद गीता ज्ञान – अध्याय 2 श्लोक 15 �
जो व्यक्ति सुख और दुख दोनों में समान रहता है, और परिस्थितियों से विचलित नहीं होता, वही सच्चा धीर पुरुष है और वही मोक्ष के योग्य बनता है।
जीवन में कठिनाइयाँ और खुशियाँ दोनों आती हैं, लेकिन जो व्यक्ति संतुलित रहता है वही वास्तव में मजबूत होता है।
� जय श्री कृष्ण �
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