Shri Ram leela Club Reg. Sujanpur

Shri Ram leela Club Reg. Sujanpur Shri Ram ji ki Leela का मंचन

04/04/2026
25/03/2026

🙏 जय श्रीराम, जय श्रीराम 🙏

🌸 राम नवमी के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक आमंत्रण 🌸
सभी शहरवासी बढ़-चढ़कर प्रभु श्रीराम जी की शोभा यात्रा में भाग लें।
और सनातन धर्म का प्रचार करें।
आइए, हम सब मिलकर धर्म, एकता और भाईचारे का संदेश फैलाएं।
🙏 जय श्रीराम 🙏

25/03/2026

🙏 जय श्रीराम, जय श्रीराम 🙏

🌸 राम नवमी के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक आमंत्रण 🌸
सभी शहरवासी बढ़-चढ़कर प्रभु श्रीराम जी की शोभा यात्रा में भाग लें।
और सनातन धर्म का प्रचार करें।
आइए, हम सब मिलकर धर्म, एकता और भाईचारे का संदेश फैलाएं।
🙏 जय श्रीराम 🙏
Anuradha

25/03/2026

🙏 जय श्रीराम, जय श्रीराम 🙏

🌸 राम नवमी के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक आमंत्रण 🌸
सभी शहरवासी बढ़-चढ़कर प्रभु श्रीराम जी की शोभा यात्रा में भाग लें।
और सनातन धर्म का प्रचार करें।
आइए, हम सब मिलकर धर्म, एकता और भाईचारे का संदेश फैलाएं।
🙏 जय श्रीराम 🙏
Surinder Manhas

25/03/2026

🙏 जय श्रीराम 🙏

🌸 राम नवमी के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक आमंत्रण 🌸
सभी शहरवासी बढ़-चढ़कर प्रभु श्रीराम जी की शोभा यात्रा में भाग लें।
और सनातन धर्म का प्रचार करें।
आइए, हम सब मिलकर धर्म, एकता और भाईचारे का संदेश फैलाएं।
🙏 जय श्रीराम 🙏

25/03/2026

🙏 जय श्रीराम, जय श्रीराम 🙏

🌸 राम नवमी के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक आमंत्रण 🌸
सभी शहरवासी बढ़-चढ़कर प्रभु श्रीराम जी की शोभा यात्रा में भाग लें और इस पावन अवसर को भक्ति, उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाएं।
आइए, हम सब मिलकर धर्म, एकता और भाईचारे का संदेश फैलाएं।
🙏 जय श्रीराम 🙏

03/03/2026

हनुमानजी ही एकमात्र देवता हैं...जिनकी आलोचना नहीं की जाती या जिन्हें कभी कोई दोष नहीं दिया जाता है...

यहाँ तक कि उनके आराध्य देव... श्री रामचंद्रजी की भी आलोचना की जा सकती है और कई लोग करते भी हैं...लेकिन हनुमानजी का एक भी आलोचक नहीं है...

इस चिरंजीवी देवता की यह उपलब्धि इस कलियुग में बहुत बड़ी बात है और केवल यही तथ्य उन्हें कलियुग का सबसे लोकप्रिय देवता सिद्ध करने के लिए पर्याप्त है...

हनुमानजी प्रत्यक्ष देवता हैं...जो पृथ्वी पर साक्षात मौजूद रहते हैं और उन्हें सहायता के लिए बुलाने के लिये उनकी स्तुति के साथ ही रामकथा या रामस्तुति या राम नाम का जप ही पर्याप्त है...

हनुमानजी को प्रसन्न करना सबसे आसान कहा गया है और सबसे हितकारी भी...क्योंकि हनुमानजी अपने भक्तों की सारी इच्छाएँ व कामनाएँ पूरी कर सकते हैं...

नीम करोली बाबा ने स्वयं कहा है...
‘लोगों को पता नहीं है कि हनुमान चालीसा की हर पंक्ति महामंत्र है...’

‘हनुमान चालीसा’ में पवनपुत्र हनुमानजी की स्तुति है और इसे चालीसा इसलिए कहा गया...क्योंकि इसमें 40 चौपाइयाँ हैं...प्रारंभ में दो और अंत में एक छंद अतिरिक्त हैं...

हम हिन्दू लोग मानते हैं कि ग्रहो की स्तिथि मानव भाग्य पर प्रभाव डालती है... जिसकी भविष्यवानी ज्योतिषी करते हैं....

इसी संधर्भ में बता दूँ कि जब हनुमानजी बालपन में सूर्य को निगलने जा रहे थे...तो रास्ते में उन्होंने ग्रहों और नक्षत्रों को खिलौनों की तरह उनके स्थान से तितर-बितर कर दिया...
इससे सिद्ध होता है कि हनुमानजी में इन ग्रहों की स्थिति को बदलने की शक्ति है...और अगर बजरंगबली इनकी स्तिथि बदल सकते हैं.... तो इन ग्रहों के परिणाम यानी मानव भाग्य को बदलने की शक्ति भी है...

इसीलिए हनुमानजी की ग्रहों पर शक्ति है और उनकी भक्ति से हम ग्रहों के बुरे प्रभाव को भी दूर कर सकते हैं...

कम से कम मैं तो ऐसा मानता हूँ...
🙏🙏🙏
्री_राम_मित्तरोंओंओं
❤️❤️❤️

27/02/2026

आज मैं एक बहुत सरल बात कहने जा रहा हूं...इतनी सरल कि आप लोग शायद हंसोगे... कहोगे कि ये क्या नई बात बताई...
लेकिन याद रखना सबसे गहरे सत्य हमेशा सरल होते हैं...

तो...मैं कहता हूं मस्त रहना सीख लो...सब अपने आप ठीक हो जाएगा...

अब तुम पूछोगे....
"यह कैसे संभव है? मेरी जिंदगी में इतनी में इतनी समस्याएं हैं...नौकरी की चिंता... पैसे की समस्या...रिश्तों में परेशानी है...मैं कैसे मस्त रहूं....???"

और यही मैं तुमसे कहता हूं...
तुम्हारी पूरी जिंदगी उलटी चल रही है...तुम सोचते हो पहले सब ठीक हो जाए...फिर मैं खुश हो जाऊंगा...पहले बैंक में लाखों आ जाए...फिर मैं मस्त रहूंगा... ये समस्या खत्म होजाये... फिर मैं मस्त रहूंगा...

लेकिन देखो... यह कभी नहीं होने वाला...क्योंकि जब लाखों आएंगे तो तुम करोड़ों की चिंता में होगे... एक समस्या खत्म होगी.. तो दूसरी तैयार खड़ी होगी...यह मन का खेल है...यह कभी खत्म नहीं होता...

जीवन का एक बहुत बुनियादी नियम है जो हमें कभी नहीं बताया गया... स्कूलों में नहीं सिखाया जाता...कॉलेजों में नहीं पढ़ाया जाता...मांबाप भी नहीं जानते इसलिए वे भी नहीं बता सकते...
वह नियम यह है कि
"खुशी एक परिणाम नहीं है...खुशी एक कारण है..."

हम जो भी पाना चाहते हो वह हमारी ऊर्जा से... हमारे भाव से... हमारी चेतना से हमारे सामने आता है...

अगर हम दुखी हैं... परेशान हैं... तनाव में हैं... तो जिंदगी में और दुख आएगा... क्यूंकि हम खुद ही दुख को तनाव को जिंदगी में जगह दे रहे हैं... यही तो manifestation... या Law of attraction है...

और अगर हम मस्त हैं... आनंदित हैं... तो ख़ुशी खुद ही खींची चली आएगी...

यही अस्तित्व का नियम है...
जैसा तुम हो, वैसा ही तुम्हारे पास आता है...
इसलिए...मैं कहता हूं पहले मस्त रहो बिना किसी शर्त के... बिना किसी कारण के...

अब आप कहोगे...बिना कारण के कैसे खुश रहें...?

मैं कहता हूं बिना कारण के ही खुश रहना असली खुशी है...अगर कोई कारण है...तो क्या कन्फर्म है कि वो कारण कल भी रहेगा...वह कारण कल खो जाएगा और तुम्हारी खुशी भी खो जाएगी... क्यूंकि परिवर्तन संसार का नियम है...
अगर दुख को अस्थाई कह कर मन को तस्सली देते हो... तो सुख भी तो अस्थाई है... उसे शाश्वत क्यों मान रहे हो...

लेकिन अगर तुम बिना कारण के मस्त हो तो कोई तुम्हारी मस्ती नहीं छीन सकता...

अब समझो कि मस्ती का अर्थ क्या है... मस्ती का मतलब यह नहीं है कि पागलों की तरह नाचो...मस्ती का मतलब यह भी नहीं है कि जिम्मेदारियों से भाग जाओ...

मस्ती का अर्थ है इस क्षण में पूरी तरह जीना...इस क्षण में जो भी हो रहा है उसे पूरी तरह से स्वीकार करना...संघर्ष छोड़ देना... लड़ना बंद कर देना...

वैसे भी हम सुबह से शाम तक लड़ रहे हैं... ट्रैफिक से...बॉस से...पत्नी से...बच्चों से.... खुद से भी लड़ रहे हैं....
यह लड़ाई ही तो मार डालेगी...

मस्ती का मतलब है यह लड़ाई छोड़ दो...जो आरहा है उसे स्वीकार करो... जिस दिन मस्त रहना सीख लिया...तुम्हे दुख होना बंद हो जायेगा... लोगों को लगेगा भारी दुख है... पर तुम्हारी मस्ती तुम्हे आंनद से बाहर नहीँ निकलने देगी... दुख तुम्हे अनुभव ना होगा... छू भी ना पयेगा...

और ज़ब मस्त हो जाओगे...तो सारी दुनिया की ख़ुशी...ब्रह्माण्ड का आनंद... तुम्हारे कदमों में होगा...

एवमस्तु
🙏🙏🙏
्री_राम
रजत सतीजा
❤️❤️❤️

21/02/2026

बच्‍चे का नाम विशिष्‍ट होना ही चाहिए...

ऐसा भी नहीं होना चाहिए कि कोई अपने बच्‍चे का नाम विशिष्‍ट समझकर रख दे और बाद में पता चले कि उसका अर्थ नाक की मैल या कब्‍जी जैसी संज्ञाओं पर जा टिक रहा है। संस्‍कृतनिष्‍ठ होने से ही नाम विशिष्‍ट नहीं हो जाता है। अगर सावधानी भी रखनी है और बढि़या नाम भी रखना है तो एक छोटी सी कुंजी बताता हूं।

एक सहस्रनामावली ले आएं। बालक का नाम रखना है कि विष्‍णुसहस्रनाम और बालिका का नाम रखना है कि ललिता सहस्रनाम, कोई दूसरा सहस्रनाम भी आप सोच सकते हैं। अगर गीताप्रेस से प्रकाशित हो तो सर्वश्रेष्‍ठ है, दूसरे विकल्‍प में वेंकटेश प्रेस का सुझाव दूंगा, अन्‍य की मुझे जानकारी नहीं है।

अगर बालिका है तो भी विष्‍णुसहस्रनाम से सहायता मिल जाएगी। हरि के नाम के आगे प्रिया लगाने से बालिका का नाम हो जाएगा और ललिता सहस्रनाम में लक्ष्‍मी के आगे पति या ईश लगाने से बालक का नाम मिल जाएगा। ये नाम विशिष्‍ट भी होंगे और कल्‍याणकारी भी।

इतना तय है कि जगहंसाई नहीं होगी और नाम विशिष्‍ट होगा।

#सिद्धार्थ_जगन्नाथ_जोशी जी की पोस्ट

ਜੈ ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਮ ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਮ ਲੀਲਾ ਕਲੱਬ ਸੁਜਾਨਪੁਰ ਵੱਲੋਂ 22 ਸਤੰਬਰ ਤੋਂ ਪ੍ਰਭੂ ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਮ ਜੀ ਦੀ ਲੀਲਾ ਦਾ ਮੰਚਨ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ
16/09/2025

ਜੈ ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਮ
ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਮ ਲੀਲਾ ਕਲੱਬ ਸੁਜਾਨਪੁਰ ਵੱਲੋਂ 22 ਸਤੰਬਰ ਤੋਂ ਪ੍ਰਭੂ ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਮ ਜੀ ਦੀ ਲੀਲਾ ਦਾ ਮੰਚਨ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ

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