Prabhu jaigurudev

Prabhu jaigurudev #जीवित है #बाबा_जयगुरूदेव जी महाराज
#भारत_होगा_विश्व_विजेता
#शाकाहारी_बनना_ही_होगा
#वक्त_है_सभल_जाओ_नही_तो_कुदरत_चंद_सेकेंड_और_मिनट_मे_लाश_बिछा_देगी।

01/02/2026

जयगुरुदेव नाम प्रभु का
जीवित है‌ प्रभु बाबा जयगुरूदेव जी महाराज
@ [418380757367116:49210:] Prabhu jaigurudev Jaigurudev Mathuragurudwara Kailash Sing फार्मासिस्ट विवेक हिन्दुस्तानी Bhure Singh Yadav JAIGURUDEV DAYAL Baba Jaigurudev

31/01/2026
https://youtu.be/wg_5nGueTUk?si=8CDDx7C2OPVWAF2dसंतमत में किसी को भी घर छोड़ने का आदेश नहीं है। घर गृहस्थी में ही रहकर प...
31/01/2026

https://youtu.be/wg_5nGueTUk?si=8CDDx7C2OPVWAF2d

संतमत में किसी को भी घर छोड़ने का आदेश नहीं है। घर गृहस्थी में ही रहकर प्रभु प्राप्ति का सरल रास्ता बताया गया है। क्योंकि जब विषयों की आंधी चलती है तो बड़े बड़े देवदार वृक्ष भी स्वयं को सम्हाल नहीं पाते।

इसलिए अगर इन विषयों से मुक्त होना है तो आपका संबंध करा दिया जाता है और उसी गृहस्थ में रहकर प्रभु प्राप्ति की साधना करा दी जाती है बशर्ते तुम गुरु वचनों पर कुर्बान रहो तो। और जो गृहस्थ जैसे सुगम माहौल में भी नाम कमाई नहीं किए फिर उनका कौन उद्धार करेगा?

और जिन्होंने गृहस्थ के डर से भागकर साधु बन गए या किसी आश्रम में शरण ले लिए और प्रभु प्राप्ति का रास्ता पा गए, अगर उन्होंने ने भी नाम कमाई नहीं की तो गृहस्थ से ज्यादा दोष लगेगा। इसलिए इस जीवन के सार को पकड़ो। और उधर की तरफ चलो।

जयगुरुदेव नाम प्रभु का 🙏
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संबंध जोड़कर विषयों से मुक्त कराया जाता है। बिना गृहस्थ के प्रभु प्राप्ति सरल नहीं है। जयगुरुदेव@SaharaSatguruKa चैनल पर पर....

सत्संग सुनना -▪️सत्संग तो कोई भी सुन सकता है, जैसे पेड़ पौधे पशु पक्षी भी सतगुरु का सत्संग सुनते हैं लेकिन वो सत्संग पर ...
30/01/2026

सत्संग सुनना -

▪️सत्संग तो कोई भी सुन सकता है, जैसे पेड़ पौधे पशु पक्षी भी सतगुरु का सत्संग सुनते हैं लेकिन वो सत्संग पर विचार करके कुछ जीवन में अपना नहीं सकते, सुनने का लाभ तो है ही। जैसे तपता पत्थर, सत्संग रूपी जल में डाल दिया जाए तो जब तक जल में रहेगा, जल की शीतलता के कारण वो भी शीतल रहेगा किंतु ज्योंहि उसे जल से दूर कर दिया जाए तो वो पुनः तपने लगेगा।

▪️इसी प्रकार हम सब सत्संग रूपी सरिता में स्नान करके ठंडक तो महसूस करते हैं किंतु ज्योंहि सत्संग से घर गृहस्थ को आते हैं वो ठंडक कुछ समय बाद गायब हो जाती है। फिर हम दुनिया के काम क्रोध लोभ मोह की गर्मी से तपने लगते हैं। ऐसा क्यों होता है?

▪️क्योंकि हमने केवल सतगुरु का सत्संग सुना था। किया नहीं, करने का मतलब जो वचन हमारे लिए सरल मालूम पड़े उस पर गहनता से विचार करके उस वचन को जब जीवन में अपनाएंगे तब हम सदा के लिए अमुक गर्मी से छुट्टी पा जाएंगे। फिर हम संसार में रहे या कहीं भी, वो गर्मी हमको नहीं सताएगी। इसलिए वचनों पर विचार करना बहुत आवश्यक है।

▪️जीवों का अपना अपना सामर्थ्य होता है, जिसके पास जैसी क्षमता होती है उसको उतना ही वचनों की सेवा करनी चाहिए। दूसरे के देखा देखी अगर ज्यादा भार उठा लिए तो खुद चल भी नहीं पाएंगे और सत्संग वचनों से कुभाव भी पैदा हो जाएगा। इसलिए जो जैसे वचनों की सेवा कर सकता है, करे। खुद विचार करें और जीवन में हम सब उतारें ।

▪️कुछ ऐसे भी जीव हैं जो वचनों को रट लेते हैं, किसलिए? दूसरों को सुनाने के लिए। अपने जीवन में उतारने के लिए नहीं। सुनाने से क्या मिलेगा? मान सम्मान सामान। कि ये तो स्वामीजी के बहुत बड़े भक्त हैं, साधक हैं, मालिक के वचनों को याद कराते हैं, इनसे अच्छा कौन है। ऐसे जीवों से सावधान रहना चाहिए, ये हमको कभी भी परमार्थ से हटा सकते हैं।

▪️73 साल सत्संग सुनें हम, लेकिन वचन कोई याद नहीं है। क्यों? क्योंकि वचनों पर विचार करके जीवन में उतारा नहीं। जो सुनेंगे वो भूल जाएंगे, जो करेंगे वो सदैव याद रहेगा और अंत तक साथ देगा। हम सबको इस पर विचार करना चाहिए।

जयगुरुदेव नाम प्रभु का 🙏

Sahara Satguru Ka

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क्रान्ति करूं या शान्त रहूं -वर्तमान मनुष्य दो भागों में पूर्णतया बंट चुका है। और जब दो पक्ष आमने सामने खड़े हो जाते हैं...
30/01/2026

क्रान्ति करूं या शान्त रहूं -

वर्तमान मनुष्य दो भागों में पूर्णतया बंट चुका है। और जब दो पक्ष आमने सामने खड़े हो जाते हैं तो क्या होता है? महाभारत । इन दो पक्षों में एक अपने को सत्यवादी कहता है तो दूसरा अधर्म करने में कोई कसर नहीं छोड़ता । तो जो सत्यवादी हैं उनमें क्रांति करने की फुर्ना पैदा हो रही है। कि अब सहन नहीं हो रहा, अब तो कुछ करना ही होगा बाकी जो होगा देखा जाएगा।

दूसरा पक्ष कहता है कि तुम मेरा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकते, मेरा ही राज्य हर जगह है। अब इन दो पक्षों में महायुद्ध प्रारंभ हो चुका है, देखने वाले देख रहे हैं। और युद्ध करने वाले युद्ध कर रहे हैं। जो शक्तियां जिस काम के लिए आईं हुईं हैं उनका जब समय आ जाएगा तो गुरु के प्रेरणा अनुसार स्वयं वे काम में लग जाएंगी। कितनी लग गई और कितनी लग जाएंगी। पूरे देश और विश्व में परिवर्तन का माहौल बाबाजी ने बना दिया है। अब देखना ये है कि कौन कौन परिवर्तन करने आया है।

तीसरा पक्ष है - शान्त पक्ष । उसको इन दोनों पक्ष से कोई मतलब नहीं, क्योंकि वो इस पराए देश के झगड़े को अपना झगड़ा नहीं मानता और समय के सतगुरु के वचनों पर विश्वास करने नाम योग की साधना करता है और अपने घर जाने की तैयारी करता है। चूंकि आग दुनिया में लगी ही हुई है तो साधकों पर भी आंच आएगी ही। तथापि उस साधक के मन में भी बार बार ये विचार पैदा हो रहा है कि मेरे पास भी शक्ति, भक्ति, ज्ञान और बल है । मेरे साथ भी अन्याय हो रहा है। मैं भी गरीबी, बीमारी, बेरोजगारी झेल रहा हूं, मुझे भी सुधार के लिए कुछ न कुछ क्रांति में सहयोग करना चाहिए।

किंतु फिर उसे गुरु के वचन याद आते हैं जो इस प्रकार हैं -

▪️बच्चा! जिन लोगों ने गंदगी फैलाई है, मैं उन्हीं लोगों से उठवा लूंगा, तुम इस पचड़े में मत पड़ना। तुम भजन करो, तुम्हारा काम कुछ और है।

▪️जीवों को पार करने के लिए मैं हर प्रकार का खेल खेलूंगा, ये बनाऊंगा वो बनाऊंगा फिर सब खत्म कर दूंगा और केवल सत्संग सुनाऊंगा कराऊंगा। तुम मेरे किसी भी खेल को देखकर भ्रमित मत होना। और न बीच में आकर कूदना। मैं समय से अपने समस्त वादों को पूरा करूंगा और देश समाज की सारी व्यवस्था बन जाएगी तो अंतिम काम जीवात्मा का उद्धार वो भी कर दूंगा।

▪️युग परिवर्तन के लिए और जीवात्माओं को पार करने के लिए मुझे कोई खेल करना पड़े, मैं करूंगा लेकिन तुम शंका मत करना और भजन करते हुए मेरा इंतजार करना। परिवर्तन करने के लिए शंकराचार्य का भी कायाकल्प लीला करना पड़े तो मैं करूंगा। पर तुम कुछ बोलना नहीं। चुपचाप नाम योग की साधना करना।

इन वचनों को याद करके तीसरा पक्ष शांत हो जाता है और दुनिया की क्रांति से ध्यान हटाकर अपने सतगुरु में ध्यान लगाता है। क्योंकि उसको पता है कि - काल जाल से वही बचेगा, जो सतगुरु का ध्यान धरेगा।

अंततः परिणाम यही निकल के आता है कि जिन लोगों को अपने घर जाना है उनको नित्य सत्संग करते रहना चाहिए, गुरु दरबार में आते जाते रहना चाहिए ,वचनों को याद करके जीवन में उतारते रहना चाहिए और प्रेमियों को भी समय समय से वचनों से अवगत कराते रहना चाहिए। जयगुरुदेव नाम प्रभु का 🙏

 #जयगुरुदेव_नाम_प्रभु_का तुम्हें सुख शांति नहीं मिलेंगे  Jaigurudev Mathuragurudwara Prabhu jaigurudev फार्मासिस्ट विवेक...
28/10/2025

#जयगुरुदेव_नाम_प्रभु_का
तुम्हें सुख शांति नहीं मिलेंगे
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सतयुग आना बाकी है बाबा जयगुरूदेव जी फिर कैसे चले गये
25/10/2025

सतयुग आना बाकी है बाबा जयगुरूदेव जी फिर कैसे चले गये

चलों चलें हरिद्वार  #जयगुरुदेव      Prabhu jaigurudev JAIGURUDEV OFFICIAL RANCHI jai guru dev news | jaigurudev news | J...
28/09/2025

चलों चलें हरिद्वार
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26/09/2025
जयगुरूदेव नाम प्रभु का
19/09/2025

जयगुरूदेव नाम प्रभु का

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