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02/10/2026

Ankurnarula

01/10/2026

धीरेंद्र शास्त्री को परमेश्वर का मजाक उड़ाना पड़ा भारी। लुधियाना में उनके एक बयान को लेकर विवाद लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। दरअसल, लुधियाना में चल रही श्री हनुमंत कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्म और धार्मिक समुदायों के संदर्भ में कुछ टिप्पणियां कीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने हली-उल्लाह वालों” का जिक्र किया और इसके साथ ही ऐसी टिप्पणी भी की, जिसमें “भैया को भी सैया बना लेते हैं” जैसे शब्द बोले गए। इन्हीं टिप्पणियों को लेकर धार्मिक संगठनों की ओर से आपत्ति जताई गई है। अब इस मामले में ईसाई समुदाय की ओर से भी नाराजगी सामने आई है। पंजाब क्रिश्चियन यूनाइटेड फेडरेशन के अध्यक्ष अल्बर्ट दुआ ने बयान पर आपत्ति जताई है और समुदाय के लोगों से लुधियाना में एकजुट होने की अपील की है। उपलब्ध रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि संगठन आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला करेगा। वहीं, सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि किसी भी धर्म या उसकी आस्था से जुड़े शब्दों को लेकर इस तरह की टिप्पणी क्यों की जाए? हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि “परमेश्वर का मजाक उड़ाया” कहना एक आरोप या व्याख्या है; उपलब्ध रिपोर्टों में विवाद का केंद्र धीरेंद्र शास्त्री की कथित टिप्पणियां और उनके संदर्भ को लेकर उठी आपत्तियां हैं। अब देखना यह है कि इस विवाद पर धीरेंद्र शास्त्री की ओर से आगे कोई स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया आती है या नहीं।bआपको क्या लगता है—धार्मिक मंच से दूसरे धर्म की आस्था को लेकर इस तरह की भाषा इस्तेमाल करना उचित है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।
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30/09/2026

ईसाइयों पर हमला करने वाला बजरंग दल का व्यक्ति गिरफ्तार

26/09/2026

23/09/2026

पश्चिम बंगाल में क्रॉस तोड़ने की कोशिश! फिर चंद पलों में जो हुआ, सब रह गए हैरान
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर के सुभाषग्राम क्षेत्र में 5 जुलाई 2026 को एक घटना सामने आई। इसके बाद 22 सितंबर को भी इस मामले से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्ट सामने आने की बात कही गई।निर्माणाधीन चर्च में तोड़फोड़ का मामला सामने आया। रिपोर्टों के अनुसार, भीड़ चर्च परिसर में पहुंची और चर्च की संरचना को नुकसान पहुंचाया गया। इस दौरान कुछ लोग छत पर चढ़े और वहां लगाए गए क्रॉस को भी क्षतिग्रस्त किया गया। इस वीडियो में देखिए सुभाषग्राम चर्च मामले में आखिर क्या हुआ, क्रॉस को कैसे नुकसान पहुंचाया गया और पुलिस जांच में अब तक क्या सामने आया है। घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए। स्थानीय प्रदर्शनकारियों की ओर से चर्च निर्माण और कथित धर्मांतरण को लेकर सवाल उठाए गए, जबकि चर्च से जुड़े लोगों ने धर्मांतरण के आरोपों को खारिज किया।
ऐसे समय में बाइबल हमें बदले की भावना नहीं, बल्कि शांति और प्रेम का मार्ग दिखाती है। प्रभु यीशु ने कहा:
अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सतानेवालों के लिये प्रार्थना करो।” — मत्ती 5:44 पुलिस ने मामले में तोड़फोड़, आपराधिक अतिक्रमण और धमकी सहित धाराओं में मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। बाद की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में छह संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई थी और उन्हें बाद में जमानत मिल गई।
ऐसी परिस्थितियों में बाइबल यह भी कहती है:
बुराई से न हारो, परन्तु भलाई से बुराई को जीत लो।” — रोमियों 12:21 और जब विश्वास रखने वाले लोग कठिन परिस्थितियों से गुजरते हैं, तो भजन संहिता में लिखा है: “टूटे मन वालों के समीप यहोवा रहता है।” — भजन संहिता 34:18 इसलिए इस घटना को लेकर हम किसी के विरुद्ध घृणा नहीं, बल्कि सत्य, न्याय और शांति के लिए प्रार्थना करें।

22/09/2026

ईसाइयों के लिए हाई कोर्ट का बड़ा फैसला | घर में प्रार्थना के लिए परमिशन जरूरी नहीं
आज छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से ईसाई समुदाय से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अपने निजी घर में प्रार्थना सभा करने के लिए पहले से सरकारी अनुमति लेना जरूरी नहीं है, बशर्ते सभा किसी कानून का उल्लंघन न करे। यह मामला छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले का था, जहाँ एक परिवार कई वर्षों से अपने घर में प्रार्थना सभा आयोजित कर रहा था। स्थानीय स्तर पर उन्हें नोटिस दिए गए, जिसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुँचा। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ऐसा कोई सामान्य कानून नहीं है जो किसी व्यक्ति को अपने घर में प्रार्थना करने या प्रार्थना सभा आयोजित करने से रोकता हो। इसलिए केवल इस आधार पर अनुमति माँगना उचित नहीं माना गया। लेकिन यहाँ एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी सभा से ध्वनि प्रदूषण, सार्वजनिक शांति या कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होती है, तो प्रशासन संबंधित कानूनों के अनुसार कार्रवाई कर सकता है। यानी यह फैसला धार्मिक स्वतंत्रता और कानून—दोनों के संतुलन की बात करता है। दोस्तों, यह निर्णय भारत के संविधान में दिए गए धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की भी याद दिलाता है। इसलिए इस खबर को सही संदर्भ में समझना बहुत आवश्यक है। आप इस फैसले के बारे में क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर लिखिए। ऐसी ही सत्य और महत्वपूर्ण मसीही खबरों के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें।
धन्यवाद, परमेश्वर आपको आशीष दे।

16/09/2026

खंभरा चर्च पर बुलडोजर चलेगा? 😱 CBI जांच के बीच अंकुर नरूला का बड़ा जवाब | 6 अक्टूबर को क्या होगा?

खंभरा चर्च को लेकर इस समय सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें तेजी से वायरल हो रही हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या खंभरा चर्च पर बुलडोजर चलने वाला है? क्या चर्च को लेकर कोई बड़ा फैसला हो चुका है? क्या प्रशासन की तरफ से कार्रवाई होने वाली है? या फिर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों में कुछ ऐसी बातें भी हैं, जिनकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है आज के इस वीडियो में हम इसी पूरे मामले को समझने की कोशिश करेंगे। सबसे पहले एक बात बिल्कुल साफ कर दें—अभी यह कहना सही नहीं होगा कि खंभरा चर्च पर बुलडोजर चलाने का आदेश हो चुका है। उपलब्ध जानकारी में ऐसी किसी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि खंभरा चर्च और पास्टर अंकुर नरूला से जुड़े विवाद में अब जांच एजेंसियों और अदालत की भूमिका सामने आई है।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, मामले में ED की रिपोर्ट अदालत के सामने सीलबंद लिफाफे में पेश की गई है, जबकि CBI को भी मामले की प्रारंभिक जांच करने और अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। और सबसे महत्वपूर्ण बात—अदालत ने फिलहाल मामले से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक रूप से साझा करने पर रोक लगाई है। इसलिए इस समय सोशल मीडिया पर सामने आ रही हर बात को अंतिम सच मान लेना ठीक नहीं होगा। अब सवाल आता है—6 अक्टूबर इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
क्योंकि अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को निर्धारित बताई जा रही है। उस समय मामले में आगे की कानूनी स्थिति क्या बनती है, CBI की जांच में क्या सामने आता है और अदालत आगे क्या निर्देश देती है—इन सब पर लोगों की नजर रहेगी। अब बात करते हैं अंकुर नरूला की। अंकुर नरूला का खंभरा स्थित Church of Signs and Wonders काफी समय से सार्वजनिक चर्चा में रहा है। इससे पहले भी 2023 में आयकर विभाग ने उनके चर्च और उनसे जुड़े कई ठिकानों पर कार्रवाई की थी। उस समय मीडिया रिपोर्टों में वित्तीय लेन-देन से जुड़ी जांच का उल्लेख किया गया था। लेकिन आज की स्थिति को 2023 की कार्रवाई के साथ मिलाकर देखना भी सही नहीं होगा। हर जांच और हर कानूनी कार्रवाई की अपनी अलग प्रक्रिया होती है।
इसलिए इस समय सबसे बड़ा सवाल यह नहीं होना चाहिए कि “बुलडोजर कब चलेगा?”, बल्कि यह होना चाहिए कि अदालत के सामने जांच में आखिर क्या तथ्य सामने आते हैं? अगर 6 अक्टूबर की सुनवाई में कोई महत्वपूर्ण आदेश या आधिकारिक जानकारी सामने आती है, तो उससे इस पूरे मामले की दिशा और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि मामला गंभीर कानूनी प्रक्रिया में है, CBI की जांच का जिक्र सामने आया है और अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को बताई जा रही है। लेकिन खंभरा चर्च पर बुलडोजर चलने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए वायरल दावों को शेयर करने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है। अब आपकी नजर में क्या लगता है—6 अक्टूबर की सुनवाई के बाद इस मामले में क्या बड़ा फैसला सामने आ सकता है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए। और इस मामले में जैसे ही कोई आधिकारिक और विश्वसनीय अपडेट सामने आएगा, हम आपको उसकी जानकारी देंगे।

Thanks Yeshu Prayer

15/09/2026

प्रोफेट बजिंदर सिंह कब आएंगे जेल से बाहर? 😢 पत्नी अनिका के खुलासे ने चौंकाया | P. Bajinder Singh

12/09/2026

अंकुर नरुला जी के घर CBI टीम पहुंची ? फिर ये क्या हुआ देखकर दुनिया हैरान 😱

आज की खबर अंकुर नरुला से जुड़े एक ऐसे मामले को लेकर है, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर काफी तेजी से हो रही है।
आखिर क्या सच में अंकुर नरुला जी के घर CBI टीम पहुंची है? और अगर पहुंची है, तो वहां ऐसा क्या हुआ, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए?

दरअसल, अंकुर नरुला मिनिस्ट्री सोसाइटी से जुड़ा मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है। हाल ही में अदालत में इससे संबंधित याचिका पर सुनवाई हुई थी। उपलब्ध अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को अंकुर नरुला मिनिस्ट्री सोसाइटी की ओर से दायर एक याचिका वापस लेने की अनुमति दी गई, साथ ही कुछ कानूनी मुद्दों को नई याचिका में उठाने की स्वतंत्रता दी गई।

लेकिन इसी बीच सोशल मीडिया पर CBI टीम के घर पहुंचने जैसी बातें तेजी से वायरल हो रही हैं।

तो सवाल है—वायरल दावे में कितनी सच्चाई है? क्या वास्तव में CBI की कोई कार्रवाई हुई है, या फिर बात को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है?
पूरी बात समझने के लिए अब आप यह वीडियो ध्यान से देखिए।

⏸️ [यहाँ लगभग 1 मिनट का वीडियो दिखाएँ]

तो दोस्तों, आपने अभी जो वीडियो देखा, उसके बाद सबसे जरूरी बात यह है कि वायरल दावे और आधिकारिक जानकारी में फर्क समझना बेहद जरूरी है।

अभी उपलब्ध विश्वसनीय जानकारी के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि CBI ने अंकुर नरुला जी के घर पहुंचकर छापा मारा या कोई कार्रवाई की। ऐसी बात की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि मुझे नहीं मिली है।

हाँ, इतना जरूर है कि अंकुर नरुला मिनिस्ट्री सोसाइटी से संबंधित मामला हाई कोर्ट में पहुंचा है, और 24 अगस्त की अदालत की कार्यवाही में सोसाइटी की याचिका को वापस लेने की अनुमति दी गई थी।

इसलिए दोस्तों, इस पूरे मामले में हमें किसी भी वायरल वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट को देखकर तुरंत निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।

आने वाले समय में अदालत की कार्यवाही या जांच से अगर कोई आधिकारिक जानकारी सामने आती है, तो तस्वीर और साफ हो सकती है।

आपको क्या लगता है—वायरल हो रही यह खबर सच है या सिर्फ सोशल मीडिया की चर्चा? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।

वीडियो पसंद आया हो तो **लाइक करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें।**

12/09/2026

क्रॉस तोड़ने की कोशिश और चंद पलों में कुछ ऐसा हुआ की | Pastor Man Chandra Bharti

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Utter Pradesh
Sirathu
212217

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09559356727

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