15/08/2026
आज तिरंगा हर जगह दिखाई देगा, देशभक्ति के नारे गूंजेंगे और सोशल मीडिया भारत माता की जय से भर जाएगा। लेकिन एक सवाल हमें खुद से भी पूछना चाहिए क्या देश की तरक्की सिर्फ बड़े-बड़े आंकड़ों और भाषणों में दिखाई देनी चाहिए, या फिर उस आम आदमी की जिंदगी में भी महसूस होनी चाहिए जो महंगाई से जूझ रहा है, वह युवा जो रोजगार की तलाश में है, वह किसान जो अपनी मेहनत का उचित मूल्य चाहता है और वह मध्यमवर्गीय परिवार जो बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य का सपना देखता है?
देशभक्ति का अर्थ केवल तिरंगा लहराना नहीं है। देशभक्ति का अर्थ है अपने देश के लिए ईमानदार सवाल पूछना, गलत व्यवस्था पर आवाज उठाना और ऐसी व्यवस्था की मांग करना जिसमें विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।
हम अंग्रेजों से आज़ाद हुए, लेकिन आज भी हमें भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई, अन्याय और दिखावे की राजनीति से आज़ादी की जरूरत है। क्योंकि सच्ची आज़ादी तब होगी, जब भारत सिर्फ दुनिया के �