यह स्थान प्रतापगढ़ (जिला मुख्यालय ) से ६ किमी . की दूरी पर स्तिथ है ,यहाँ पिछले ३ वर्षो से मंदिर निर्माण का कार्य चल रहा है जिसकी लागत लगभग १ करोड़ ५० लाख की है यहाँ मंदिर निर्माण मैं कही भी लोहे का उपयोग नहीं किया गया है पूरा मंदिर मार्बल से बनाया गया है यहाँ धरमशाला और ,गार्डेन का कार्य भी प्रस्तावित है
रोकडिया हनुमान नाम के पीछे एक दिलचस्प कथा है हनुमान जी महाराज की प्रतिमा म
ैं दो जेब है जिनमे से पूर्व मैं रोकड़ निकलती थी जो कोई भक्त सचे मन से प्रार्थना करके मांगता था तो उसे जेब मैं से रुपये मिलते थे जिन्हें वो उसका काम होने के बाद वापिस भेट कर जाता लेकिन जब किसी व्यक्ति ने चोरी की नीयत से पैसे लिए तब से यह चमत्कार बंद हो गया ,लेकिन आज भी सचे मन से मांगी गयी मुराद यहाँ पूरी होती है और
इसीलिए यह स्थान '' रोकडिया हनुमान '' और मिनी रिजर्व बैंक के नाम से भी पुरे शेत्र मैं जाना जाता है गया ,यहाँ की जो हनुमान जी की प्रतिमा है जिसकी ऊँचाई ८ फीट की है और वो कितनी अंदर तक है है ये कोई नहीं जानता ऐसी हनुमान जी की दुर्लभ और भव्य प्रतिमा आस पास के पुरे शेत्र मैं और कही नहीं है , वर्तमान मैं यह स्थान आस पास के पुरे शेत्र मैं बहुत प्रसिद्ध हो चूका है यहाँ राजस्थान ,मध्यप्रदेश और ,गुजरात के भक्तजन आते है यहाँ हर मंगलवार और शनिवार को भक्तो का तांता लगा रहता है
यहाँ प्रति वर्ष हनुमान जयंती पर ३ दीव्सीय मेले का आयोजन होता है जीसमे अपार श्रधालु आते है और मेले मैं कवी सम्मलेन ,भजन संध्या तथा कही सांस्क्रतिक कार्यक्रमओ का आयोजन किया जाता है