लघुत्तम-Laghuttam

लघुत्तम-Laghuttam कार्य-रूपांतरकारी लेखन, आध्यात्मिक चिंतन।

24/05/2026
Geet hi text hai
21/05/2026

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11/05/2026

Kab se nahi suni yah aawazen

ज़िला मंडला मध्यप्रदेश। घाट बकछेरा-दोना। आश्रम भोला भारती जी महाराजजी जिन्होंने आजीवन नर्मदा तट नहीं छोड़ा। दण्डवत करके ...
11/05/2026

ज़िला मंडला मध्यप्रदेश। घाट बकछेरा-दोना। आश्रम भोला भारती जी महाराजजी जिन्होंने आजीवन नर्मदा तट नहीं छोड़ा। दण्डवत करके 38 किलोमीटर की नर्मदा परिक्रमा की। गुजरात बापी के रहने वाले दादा जी भोला भारती जी को सब सरों वाले दादाजी बुलाते हैं।
नर्मदे हर

NindakNiyre:  भाजपा के लिए जश्न का कम सावधानी का वक्त ज्यादा हैबरुण सखाजी श्रीवास्तवबंगाल को चुनावी रूप से जीतकर भाजपा न...
09/05/2026

NindakNiyre: भाजपा के लिए जश्न का कम सावधानी का वक्त ज्यादा है

बरुण सखाजी श्रीवास्तव

बंगाल को चुनावी रूप से जीतकर भाजपा ने देशभर में यह सिद्ध कर दिया कि वह एक पेशेवर, समर्पित, लक्ष्य केंद्रित वैचारिक के साथ ही साथ चुनावी राजनीतिक दल है। बंगाल में 2021 से क्रमांक-2 की पार्टी बनी भाजपा का आज नहीं तो कल सत्ता में आना तय था, लेकिन स्थानीय स्तर पर सियासी विल पावर की पक्की, मजबूत इरादों वाली ममता के रहते यह आसान नहीं था। ममता बैनर्जी का एक चेहरा मुस्लिम परस्ती वाला है, लेकिन राजनीतिक स्तर पर देखें तो वह देश के चुनिंदा जन-नेताओं में शुमार हैं। इसलिए ममता की हार असल में ऐसी हार नहीं है, जिसे बंगाल से बेदखली के रूप में देखा जा सके। वह अब भी सीटों में जिधर भी हों, लेकिन वोट परसेंट में 40 के पार हैं। इसका अर्थ है आधा बंगाल अभी ममता का पैरोकार है। कह सकते हैं इसमें 20-22 परसेंट मुस्लिम होंगे, लेकिन अब भी भाजपा को शत-प्रतिशत हिंदुओं ने वोट नहीं दिया। जबकि ममता को सौ फीसद गैरहिंदुओं ने मिलकर वोट दिया और कुछ उदार हिंदुओं से भी डलवाया। यह काम सनातनी हिंदुओं के बसका नहीं है। वे खुद ही वोट दे दें यही बड़ी बात है। दूसरों से डलवाना तो भूल ही जाइए।

भाजपा अपने उरूज पर है। इस वक्त उसकी सोच का दायरा और बड़ा और ऊंचा होना चाहिए। बंगाल से गुजरात तक, हरियाणा से एमपी तक भाजपा के मुख्यमंत्री या उसके समर्थकों की सरकारें हैं, लेकिन सारे मुख्यमंत्री मोदी नहीं हैं, सारे प्रदेश अध्यक्ष अमित शाह नहीं हैं, सारी जनता हिंदू नहीं है। ऐसे में जरा भी गलत चयन भाजपा को फट्ट से नीचे ला सकता है। मंत्रिमंडल, विधायकों में जरा भी नकारात्मकता भाजपा की आलोचना शुरू करवा सकती है। कार्यकर्ताओं का व्यवहार असहज कर सकता है। इसलिए भाजपा के लिए यह जश्न का दिन तो है, लेकिन उससे ज्यादा सावधानी का कालखंड भी है।

भाजपा को हर मोर्चे, माहौल, मोड़ पर सावधानी से कदम उठाने होंगे। कमजोर मुख्यमंत्रियों के सहारे चल रहे कई सारे राज्यों पर पैनी नजर रखना होगी। मंत्रियों के मनमानेपन को भी आंकते रहना होगा। मोदी ने 2014 में राम-राम जपते हुए नहरें, सड़कें बनवाईं हैं, जबकि मौजूदा भाजपा में ज्यादा संख्या सिर्फ राम-राम जपने वालों की हो गई है, सड़क, नहर, नाली पर फोकस नहीं है। ऐसे में भाजपा को यह सदा ही समझना होगा कि वह किसी राज्य में या देश में एक-दो बार सरकारों में आकर ही बेफिक्र नहीं हो सकती। क्योंकि उसके काम का दायरा व्यक्ति, समय, कार्यकाल से ऊपर का है। उसके मंतव्यों को न एक व्यक्ति के सरकार में आने से पूरा किया जा सकता न किसी एक कार्यकाल से। भाजपा को चाहिए स्थायी सरकारों की ओर बढ़े, इसके लिए सावधानीपूर्वक व्यक्तियों का चयन हो, सावधानीपूर्वक हार-जीत का जश्न हो, सावधानीपूर्वक लेअर बाय लेअर काम और नाम हो। इसलिए यह वक्त जश्न से ज्यादा सावधानी का है। अपेक्षाओं को समझने का है। उपेक्षाओं से बचने का है। सत्ता एक बार मिलना गुस्सा है, दूसरी बार मिलना प्यार, तीसरी बार मिलना विश्वास है। मोदी सरकार अभी विश्वास के कालखंड में प्रवेश कर पाई है। चौथी बार मिलना अपेक्षा है, पांचवी बार मिला अपनापन, छठवीं बार आना जनता का अक्स दिखना है, सातवीं, आठवीं बार मिला अटूट प्रेम, विश्वास, अपेक्षा, अर्पण, समर्पण आदि सब है।

बंगाल के नतीजे गुस्से के नतीजे हैं, इन्हें प्यार में बदलने के लिए सुवेंदु को 2031 में जीतना होगा, उससे पहले 2029 में सारी सीटों पर भाजपा का झंडा लहरवाना होगा। हंसिए कि आप सत्ता में हैं, खुश होइये आप जीते हैं, डरिये मत आप आगे हैं, आशंका में मत जीइए आपके पास 46 परसेंट बंगाल है, किंतु सावधान रहिए क्योंकि भारतीय मानस जीत को ही मंजिल मान लेता है।

जो उत्तर आप सोच रहे हैं क्या वही है...
08/05/2026

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08/05/2026

डमरूधर नटराज

08/05/2026

जय जय हो त्रिपुरारी

हमारी मासूमीयतें…ममता का अंतडीएमके का ख़ात्मा उदय को सबक़ हेमंता पर भरोसालेफ़्टों पर विरामभाजपा का एक छत्र राजप्रगति का ...
05/05/2026

हमारी मासूमीयतें…

ममता का अंत
डीएमके का ख़ात्मा
उदय को सबक़
हेमंता पर भरोसा
लेफ़्टों पर विराम
भाजपा का एक छत्र राज
प्रगति का आग़ाज़

हमारी सच्चाइयां….

ममता चुनाव हारी,
स्वभाव नहीं
डीएमके नंबर दो खिसका,
ख़ूँख़ारियत ख़त्म नहीं
उदय विधायिका हारे,
सनातन पर विचार न हारा
हेमंता गौरव पर भारी हैं
भरोसा चौबीस में मोदी भी थे
लेफ्ट पॉवर ऑफ हुए हैं
रायता स्प्रेडिंग नहीं भूले
भाजपा का राज आया है
सिस्टम में हैं वही लोग

Barun Sakhajee

Laghuttam
04/05/2026

Laghuttam

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Raipur
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