25/08/2026
परम पूज्या संत करुणामयी गुरु माँ जी को जन्मोत्सव की कोटि-कोटि हार्दिक शुभकामनाएँ एवं चरणों में सादर प्रणाम।
गुरु माँ जी, आज आपके पावन जन्मोत्सव के अवसर पर हृदय भावनाओं से भर गया है। समझ नहीं आता कि आपके लिए क्या लिखूँ और कैसे लिखूँ, क्योंकि आपके प्रति मेरे मन में जो श्रद्धा, प्रेम और अपनापन है, उसे शब्दों में व्यक्त कर पाना मेरे लिए संभव नहीं है। बस इतना कहना चाहता हूँ कि आपकी कृपा, आपका स्नेह और आपका आशीर्वाद मेरे जीवन पर सदैव बना रहे।
आपकी बहुत याद आती है माँ। समय बीतता जा रहा है, परिस्थितियाँ बदलती जा रही हैं, लेकिन आपकी यादें आज भी मेरे हृदय में उसी तरह जीवंत हैं। मेरे लिए इस संसार में यदि कोई अपना है, कोई ऐसा है जिसके स्मरण मात्र से मन को शांति मिलती है, तो वह आप हैं। आपकी याद ही मेरे लिए एक अनमोल सहारा है।
माँ, मुझे आज भी वह समय याद आता है जब मैं हर वर्ष ठीक रात्रि 12 बजे आपको जन्मदिन की शुभकामना देने के लिए प्रतीक्षा करता था। मन में एक अलग ही उत्साह रहता था कि सबसे पहले मैं आपको जन्मदिन की बधाई दूँ। मुझे लगता था कि आपको भी प्रतीक्षा रहती होगी कि “सौरभ सबसे पहले मुझे जन्मदिन की बधाई देगा।” वह भाव, वह अपनापन और वह रिश्ता आज भी मेरे मन में उसी तरह सुरक्षित है।
आज आपके जन्मोत्सव पर एक-एक क्षण आपकी याद आ रही है। मन बार-बार उसी समय में लौट जाता है, जब आपके आशीर्वाद और स्नेह का अनुभव मेरे जीवन का सबसे बड़ा संबल हुआ करता था। आज भी जब जीवन में कोई परिस्थिति आती है, तो सबसे पहले आपका स्मरण होता है। मन यही कहता है कि माँ साथ हैं तो फिर किसी और की आवश्यकता ही क्या है।
आज मैं जो भी हूँ, जितना भी हूँ और जीवन में जो कुछ भी प्राप्त कर पाया हूँ, उसमें आपकी कृपा और आशीर्वाद का सबसे बड़ा योगदान है। मेरे जीवन की हर अच्छी बात, हर उपलब्धि और हर सकारात्मक कदम के पीछे कहीं न कहीं आपका आशीर्वाद दिखाई देता है। आपने जो स्नेह दिया, जो मार्गदर्शन दिया और जो विश्वास दिया, वह मेरे लिए जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है।
गुरु माँ जी, मेरी बस यही प्रार्थना है कि आपकी कृपा-दृष्टि और आशीर्वाद सदैव मेरे ऊपर बना रहे। मैं जहाँ भी रहूँ, जिस परिस्थिति में रहूँ, आपका स्मरण मेरे हृदय में बना रहे। आपके चरणों में मेरी श्रद्धा कभी कम न हो और आपका आशीर्वाद मुझे सदैव सही मार्ग पर चलने की शक्ति देता रहे।
आपकी याद मेरे मन में आज भी है, आज भी हर क्षण है और आगे भी सदैव बनी रहेगी। मेरे लिए आपका स्मरण ही एक आशीर्वाद है, आपकी कृपा ही मेरा सहारा है और आपका साथ ही मेरे लिए सबसे बड़ी शक्ति है।
परम पूज्या संत करुणामयी गुरु माँ जी को जन्मोत्सव की अनंत एवं मंगलमय शुभकामनाएँ।
चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम।
आपकी कृपा और आशीर्वाद सदैव बना रहे।
— आपका शिष्य
श्री सौरभ कृष्ण ब्रह्मचारी