12/08/2026
धौलिया बाबा आश्रम, श्री राधा कृष्ण मंदिर सेवा समिति के सभी भक्तों तथा महिला भगत मंडली द्वारा हरियाली अमावस्या और तीज पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 🙏 धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
शिव और पार्वती की उपासना: सावन का महीना भगवान शिव को प्रिय है। इस दिन शिव-पार्वती की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
पितृ तृप्ति और तर्पण: अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित है। इस दिन नदी स्नान कर पितरों का तर्पण और पिंडदान करने से पितृ दोष शांत होता है।
वृक्षों की पूजा: इस दिन पीपल, नीम, और बरगद जैसे पूजनीय पेड़ों की पूजा की जाती है। मान्यता है कि पीपल के पेड़ में त्रिदेवी (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) का वास होता है।
पर्यावरण और सामाजिक महत्व
पौधारोपण: यह दिन पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। मानसून के समय पौधे लगाने से उनका विकास तेजी से होता है, इसलिए इस दिन अधिक से अधिक पौधे (जैसे आंवला, नीम, पीपल, तुलसी) लगाने की प्रथा है।
ऋतु परिवर्तन का उत्सव: यह वर्षा ऋतु के स्वागत और पृथ्वी पर फैली हरियाली का जश्न मनाने का लोक-पर्व है।