29/01/2026
राधा रानी को श्री कृष्ण से श्रेष्ठ, उनकी आत्मा, और सर्वोच्च देवी (शक्ति) माना जाता है, जो कृष्ण को भी मोहित करती हैं। कई पौराणिक कथाओं के अनुसार, राधा जी श्री कृष्ण से उम्र में लगभग 2 से 5 वर्ष (या 11 महीने) बड़ी थीं। वे कृष्ण की "आराधिका" हैं और उनके बिना कृष्ण का व्यक्तित्व अपूर्ण माना जाता है।
राधा रानी के श्रेष्ठ होने के मुख्य कारण:
सर्वोच्च शक्ति: श्री कृष्ण संपूर्ण सृष्टि को मोहित करते हैं, लेकिन राधा रानी कृष्ण को भी मोहित करती हैं, इसलिए उन्हें "मदन-मोहन-मोहिनी" कहा जाता है।
आत्मा और शक्ति: राधारानी को कृष्ण की आत्मा और उनकी शक्ति माना जाता है। उनके बिना कृष्ण "रासेश्वर" नहीं बन सकते।
उम्र में बड़ी: लोकप्रिय मान्यता के अनुसार, श्री कृष्ण के जन्म के समय राधा जी मौजूद थीं और वे उम्र में उनसे बड़ी थीं।
भक्ति की सर्वोच्च पराकाष्ठा: राधा रानी का प्रेम निस्वार्थ और सर्वोच्च है। वृंदावन में श्री कृष्ण स्वयं राधा रानी की पूजा करते हैं, जो उनके सर्वोच्च स्थान को सिद्ध करता है।
कृष्ण को वश में करने वाली: राधा नाम की महिमा यह है कि यदि "रा" का उच्चारण किया जाए तो कृष्ण उत्तम भक्ति देते हैं, और "धा" कहने पर वे भक्त के पीछे-पीछे दौड़ते हैं।
संक्षेप में, श्री राधा-कृष्ण एक ही दिव्य सत्ता के दो रूप हैं, लेकिन प्रेम और आराधना के मामले में राधा रानी को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है।