07/10/2024
।।जय माता दी ।।
में नलखेड़ा माँ बगलामुखी मंदिर में रहता हूँ !
नलखेड़ा माँ बगलामुखी मंदिर महाभारत क़ालीन सिद्धपीठ मंदिर है सिद्धपीठ का अर्थ होता है जो स्वयं में सिद्ध हो माता रानी के यू तो अनेकानेक मंदिर है लेकिन यह मंदिर पांडव क़ालीन मंदिर है यहाँ पर भगवान कृष्ण के कहने पर पांडव ने यहाँ पर साधना हवन अनुष्ठान इत्यादि कर्म किए थे जिसके तपोबल से माँ बगलामुखी स्वयं विराजमान हुई । माँ बगलामुखी मंदिर के चारो और श्मशान है श्मशान के मध्य में माँ बगलामुखी देवी जी का यह मंदिर स्थित है तंत्र की अधिष्ठात्री देवी बगलामुखी माता है यहाँ पर वेदोक्त और तंत्रोक्त दोनों पद्धति से पूजा पाठ इत्यादि कर्म किए जाते है !!
माँ बगलामुखी मंदिर के अंदर भगवान श्री राधा कृष्ण का भी मंदिर है जो भगवान कृष्ण की प्रतिमा है वो पारद (पारा) धातु के है और राधा जी की अष्टधातु की प्रतिमा भी स्थित है ।
भारत देश के तमाम बड़े से बड़ा नेता मंत्री ias ips ifs जज डॉक्टर हर एक celebrity माँ का आशीर्वाद लेने माँ के दरबार में आते है ।।
माँ बगलामुखी देवी श्री कुल की देवी है और दस महाविद्या में से अष्टम महाविद्या भी है ।।
माँ बगलामुखी देवी के यू तो अनेकों नाम है लेकिन इन्हें ब्रह्मास्त्रविद्या ,पीताम्बर माता के नाम से लोग ज़्यादा जानते है इन्हें पुराणो में इन्हे ब्रह्म विद्या ओर नारायणी भी कहाँ गया है ब्रह्मास्त्र विद्या इसलिए कहाँ गया है क्यों की ब्रह्मास्त्र हर कामना के लिए शुभ माना गया है और पीतांबरा इसलिए कहा गया है क्यों की स्वयं नारायण जो पिताम्बर धारी है उन्होंने इनकी साधना की है इसलिए इन्हे पीताम्बरा कहा गया है बगलामुखी का अर्थ होता है लगाम जब तक साधक अपनी माया भरी नेत्र बंद नहीं करता तब तक वह साधक आध्यात्मिक मार्ग में आगे नहीं बड़ सकता हम यह भी कह सकते है कि जिस प्रकार भगवान गणेश के बिना कोई भी कार्य संभव नहीं है ठीक उसी प्रकार विकारों को ख़त्म करने के लिए बगलामुखी माता की भक्ति ज़रूरी है ।माँ बगलामुखी माता के हवन अनुष्ठान एवं दर्शन मात्र से साधक अपनी हर एक सांसारिक एवं आध्यात्मिक मार्ग में उच्च शिखर पर विराजमान होता है माँ बगलामुखी के हवन पूजन अनुष्ठान करने से माँ प्रसन्न होकर विजयश्री का आशीर्वाद प्रदान करती है ।।
माँ के दरबार में वेसे तो नित्य हवन पूजन अनुष्ठान चलता ही रहता है लेकिन कुछ विशेष दिन ।।
Contact Sri Pujari Hariom Guruji @9685581589
Nalkheda, Madhya Pradesh.