20/06/2026
🌌🐍 जब कुछ भी नहीं था... तब भी वे थे।
जब सब कुछ समाप्त हो जाएगा...
तब भी वे रहेंगे।
अनंत शेष पर विराजमान श्री हरि,
जिनकी श्वास से ब्रह्मांड जन्म लेते हैं
और जिनकी इच्छा से समय आगे बढ़ता है। ✨
ग्रह, नक्षत्र, आकाशगंगाएँ —
सब उनकी दिव्य लीला का एक अंश मात्र हैं। 🙏💙
🕉️ "नारायणं नमस्कृत्य"
💬 Comment: "ॐ नमो नारायणाय"