03/10/2024
श्री कृष्ण लीला ❤️
"कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते संगोऽस्त्वकर्मणि॥"
"तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, उसके फल में कभी नहीं। इसलिए फल की चिंता में मत पड़ो और न ही निष्क्रिय हो जाओ।"