08/06/2026
*"शान्तं पद्मासनस्थं शशिधरणमलं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रम्।*
*शूलं वज्रं च खड्गमशयमपि दधानं गदां पाशमङ्कुशम्॥" 📿✨*
✨🌸जो परम शांत हैं, कमल के आसन पर विराजमान हैं, जिनके मस्तक पर चंद्रमा सुशोभित है, जिनके पांच मुख और तीन नेत्र हैं।
जो अपने हाथों में त्रिशूल, वज्र, खड्ग, गदा, पाश और अंकुश धारण करते हैं, ऐसे सर्वशक्तिमान प्रभु शंभू और ममतामयी माता गौरी के चरणों में सादर वंदन।
🪷 *।। जय शिवशक्ति ।।*🪷
#शिवपार्वती