Yathra

Yathra A video series on Bhagvad Leela and information about Kerala temples

आर्यन, एक युवा व्यक्ति, अपने रूप और धन पर बहुत गर्व करता है। लेकिन जब वह एक गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार होता है, तो उसे...
24/10/2024

आर्यन, एक युवा व्यक्ति, अपने रूप और धन पर बहुत गर्व करता है। लेकिन जब वह एक गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार होता है, तो उसे समझ आता है कि ये सभी चीज़ें कितनी अस्थायी हैं। वह भक्ति की ओर रुख करता है, क्योंकि केवल यही उसे स्थायी शांति दे सकती है।

धन, यौवन और गर्व सब अस्थायी हैं। समय के साथ सब कुछ बदल जाता है। भक्ति में लीन रहो, यही सच्चा सुख देती है।

🌼✨ आपके लिए सच्चा सुख क्या है? अपने विचार हमारे साथ साझा करें!

#

भक्ति से मोक्ष की प्राप्ति होती हैकभी ऐसा महसूस हुआ है कि जब जीवन में समस्याओं का पहाड़ खड़ा हो जाता है, तब केवल एक ही च...
21/10/2024

भक्ति से मोक्ष की प्राप्ति होती है

कभी ऐसा महसूस हुआ है कि जब जीवन में समस्याओं का पहाड़ खड़ा हो जाता है, तब केवल एक ही चीज़ आपको शांति देती है—ईश्वर की भक्ति? शंकराचार्य जी कहते हैं कि जब हम भक्ति में डूब जाते हैं, तब संसार के सारे बंधन कमजोर हो जाते हैं।

एक बार मेरे जीवन में ऐसा समय आया जब सब कुछ बिखर रहा था, लेकिन मैंने जब भगवान के प्रति समर्पण किया, तो सारी परेशानियों से मुक्ति मिलने लगी। ऐसा लगा मानो ईश्वर ने मेरे कंधों से बोझ हटा दिया हो। यही है सच्चा मोक्ष।

🙏✨ अपने अनुभव साझा करें! क्या आपके जीवन में कभी ऐसा पल आया है जब भक्ति ने आपको शांति दी हो? कमेंट में अपने अनुभव लिखें और आइए एक-दूसरे को प्रेरित करें!

#

विद्या विहीनः पशुः।ज्ञान के बिना जीवन व्यर्थ है।"क्या आप मानते हैं कि बिना शिक्षा और ज्ञान के, हम अपने असली उद्देश्य को ...
17/10/2024

विद्या विहीनः पशुः।

ज्ञान के बिना जीवन व्यर्थ है।"
क्या आप मानते हैं कि बिना शिक्षा और ज्ञान के, हम अपने असली उद्देश्य को पहचान ही नहीं सकते? 📚
शंकराचार्य जी हमें सिखाते हैं कि विद्या की कमी हमें अंधकार में रखती है। हमें विद्या को प्राथमिकता देकर आत्मज्ञान प्राप्त करना चाहिए।
आज एक नई किताब पढ़ें, या किसी अच्छे विचारक का भाषण सुनें—क्योंकि यही हमें आगे बढ़ने में मदद करेगा। 🌟
#आत्मज्ञान #

नलिनीदलगत जलमतितरलं, तद्वज्जीवितमतिशयचपलम्।जीवन कमल के पत्ते पर बूँद की तरह अस्थिर है।क्या आपने कभी सोचा है कि हमारा जीव...
14/10/2024

नलिनीदलगत जलमतितरलं, तद्वज्जीवितमतिशयचपलम्।

जीवन कमल के पत्ते पर बूँद की तरह अस्थिर है।
क्या आपने कभी सोचा है कि हमारा जीवन भी उस बूँद की तरह है, जो कभी भी कमल के पत्ते से गिर सकती है? 🌿
शंकराचार्य जी हमें याद दिलाते हैं कि जीवन अस्थिर है और इसे व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। हमें आत्मिक प्रगति और भक्ति की ओर ध्यान देना चाहिए।
आज के दिन एक छोटी सी शुरुआत करें—अपने जीवन के असली उद्देश्य पर ध्यान दें। 🙏
#जीवन_का_मूल्य #आत्मिक_प्रगति #

नारीस्तनभर नाभीदेशं, दृष्ट्वा मागा मोहेवेशम्।भौतिक सुंदरता क्षणिक है, आत्मा की सुंदरता स्थायी।क्या आप बाहरी सुंदरता के म...
10/10/2024

नारीस्तनभर नाभीदेशं, दृष्ट्वा मागा मोहेवेशम्।

भौतिक सुंदरता क्षणिक है, आत्मा की सुंदरता स्थायी।
क्या आप बाहरी सुंदरता के मोह में फंस जाते हैं? 🌸 शंकराचार्य जी हमें याद दिलाते हैं कि भौतिक सुंदरता भले ही दिखने में आकर्षक हो, लेकिन ये क्षणिक है।
आत्मा की सुंदरता ही स्थायी है, जो हमें सच्चा आनंद और शांति देती है। जब भी बाहरी चीज़ों के पीछे भागने का मन हो, एक पल रुकें और सोचें—क्या ये असली सुंदरता है? ✨
#सच्चा_आनंद #

07/10/2024

यल्लभसे निजकर्मोपात्तं, वित्तं तेन विनोदय चित्तम्।

जो कुछ आपके पास है, उसमें संतुष्टि पाएं।
कभी ऐसा लगा कि आपके पास जितना है, वो कम है? हम हमेशा और पाने की दौड़ में रहते हैं, लेकिन सच्चा सुख तो उसी में है जो हमारे पास पहले से है। 😊
शंकराचार्य जी कहते हैं कि जो हमें हमारे कर्म से मिला है, उसमें ही मन को खुश रखें। धन और चीजें तो क्षणिक हैं, लेकिन संतोष हमेशा के लिए है।
आज एक छोटा कदम लें—जो कुछ आपके पास है, उसका आभार महसूस करें। 🙏
#संतोष_में_सुख #

मूढ़ जहीहि धनागमतृष्णां, कुरु सद्बुद्धिमनसि वितृष्णाम्।धन की लालसा आपको भीतर से खाली कर देती है।क्या आपने कभी सोचा है कि...
03/10/2024

मूढ़ जहीहि धनागमतृष्णां, कुरु सद्बुद्धिमनसि वितृष्णाम्।

धन की लालसा आपको भीतर से खाली कर देती है।
क्या आपने कभी सोचा है कि जितना अधिक आप धन की ओर दौड़ते हैं, उतना ही आप अपनी आत्मा की शांति खो देते हैं? 💰
धन बुरा नहीं है, लेकिन जब यह जीवन का केंद्र बन जाता है, तो हम असली सुख को भूल जाते हैं। शंकराचार्य जी कहते हैं कि सद्बुद्धि को मन में स्थान दें और धन की तृष्णा को त्यागें।
आज एक क्षण रुकें और खुद से पूछें—क्या मैं धन के पीछे भाग रहा हूं या सच्ची शांति की ओर? 🌸
#

जीवन कमल के पत्ते पर बूँद की तरह अस्थिर है, इसे महसूस करें।"कभी सोचा है, जैसे कमल के पत्ते पर बूँद कभी भी गिर सकती है, व...
30/09/2024

जीवन कमल के पत्ते पर बूँद की तरह अस्थिर है, इसे महसूस करें।"
कभी सोचा है, जैसे कमल के पत्ते पर बूँद कभी भी गिर सकती है, वैसे ही हमारा जीवन भी कभी खत्म हो सकता है? 🌿
हम अपनी रोज़मर्रा की चिंता, दौड़-भाग, और सुख-सुविधाओं के पीछे इतने भागते हैं कि असली मकसद को भूल जाते हैं। शंकराचार्य जी ने कहा है, हमें जीवन के इस अस्थिर स्वभाव को समझकर आत्मिक उन्नति की ओर बढ़ना चाहिए।
आज थोड़ा ठहरें, सांस लें और सोचें—क्या आप अपनी आत्मा के विकास के लिए कुछ कर रहे हैं? 🙏

क्या भक्ति हमें चिंताओं से मुक्त कर सकती है?"शंकराचार्य जी ने बहुत पहले कहा था: गोविंद की भक्ति ही जीवन का वास्तविक उद्द...
26/09/2024

क्या भक्ति हमें चिंताओं से मुक्त कर सकती है?"
शंकराचार्य जी ने बहुत पहले कहा था: गोविंद की भक्ति ही जीवन का वास्तविक उद्देश्य है। दुनियावी सुखों में उलझे रहने से बेहतर है, हम आत्मिक प्रगति की ओर कदम बढ़ाएँ। 🙏

21/07/2021
22/05/2021

Please share your experience after listening and understanding to Bhaja Govindam
Hare Krishna
Sarvam Shree Krishnarpanamastu

Address

Mumbai

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Yathra posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share