माँ विंध्यवासिनी देवी - Maa Vindhyavasini Devi

माँ विंध्यवासिनी देवी - Maa Vindhyavasini Devi A devout triangle of Goddess Vindhyavasini, Goddess Ashtabhuja & Goddess Kali and the pious and Godly River Ganga make mirzapur a Religious city.

Every year millions of pilgrims come to Mirzapur at Goddess Vindhyawasini temple at Vindhyachal in Mirzapur. Religious Organization

31/05/2026

#माविंध्यवासिनिदेवी #मांविंध्यवासिनी #माँविंध्यवासिनिदेवी #मांविंध्यवासिनीभक्ति #मांविंध्यवासिनीकीजय #मांविंध्यवासिनीभक्ति। #माँविंध्यवासिनीजीमन्दिरविंध्याचल🌺🔱🔱⛳👏👏 #मांविंध्यवासिनीआराधना

अयि गिरि-नन्दिनि नन्दितमेदिनि ।                 विश्व-विनोदिनि नन्दिनुते गिरिवर-विन्ध्य-शिरोऽधि-निवासिनि               व...
30/05/2026

अयि गिरि-नन्दिनि नन्दितमेदिनि ।
विश्व-विनोदिनि नन्दिनुते
गिरिवर-विन्ध्य-शिरोऽधि-निवासिनि
विष्णु-विलासिनि जिष्णुनुते
भगवति हे शितिकण्ठ-कुटुम्बिनि
भूरिकुटुम्बिनि भूतिकृते
जय जय हे महिषासुर मर्दिनि!
रम्यकपर्दिनि!शैलसुते!

जय माँ विन्ध्यवासिनी देवी आप के श्री चरणों में कोटि कोटि प्रणाम आप अपने सभी भक्तों का कल्याण करो माँ
27/02/2026

जय माँ विन्ध्यवासिनी देवी आप के श्री चरणों में कोटि कोटि प्रणाम
आप अपने सभी भक्तों का कल्याण करो माँ

जय माँ विन्ध्यवासिनी देवी आप के श्री चरणों में कोटि कोटि प्रणाम 🙏
16/02/2026

जय माँ विन्ध्यवासिनी देवी
आप के श्री चरणों में कोटि कोटि प्रणाम 🙏

वेदैरगम्य-महिमा निजबोधतुष्टा                 नित्या गुणत्रय-पराऽखिल-भेदशून्या । एका प्रपञ्चकरणे त्रिगुणोरुशक्ति-        ...
03/01/2026

वेदैरगम्य-महिमा निजबोधतुष्टा
नित्या गुणत्रय-पराऽखिल-भेदशून्या ।
एका प्रपञ्चकरणे त्रिगुणोरुशक्ति-
रुच्चावचाकृतिरथोऽचल-जङ्गमात्मा ।।

आपकी महिमा का गुण गान करने में वेद भी असमर्थ हैं, आप आत्म-ज्ञान से ही तुष्ट रहती हैं, आप नित्य, गुणत्रयातीत, समस्त भेदों से रहित (अभेद रूपा), आप प्रपंच करण रूप में त्रिगुणात्मिका शक्ति रूप होने पर भी वास्तव में प्रपंच भिन्न एक एवं अद्वितीय हैं, आप ही स्थावर एवं जंगमरूपा हैं तथा आपकी आकृति अत्यन्त उन्नत हैं।॥

कात्यायनि महाभागे करालि विजये जये!।शिखिपिच्छ- ध्वजधरे नानाभरण- भूषिते ! ।। अट्ट-शूल-प्रहरणे खड्ग-खेटक-धारिणी! । गोपेन्द्...
01/01/2026

कात्यायनि महाभागे करालि विजये जये!।
शिखिपिच्छ- ध्वजधरे नानाभरण- भूषिते ! ।।
अट्ट-शूल-प्रहरणे खड्ग-खेटक-धारिणी! ।
गोपेन्द्रस्याऽनुजे ज्येष्ठे नन्दगोपकुलोद्भवे! ।।

हे कात्यायनी, सर्वश्रेष्ठ, कराली, विजया, जयास्वरूपिणी, अपने रथ की ध्वजा पर मयूरपंख धारण करनेवाली, अनेक दिव्य आभूषणों से दीप्तिमती, शूल के प्रहार से शत्रुओं को भयभीत करनेवाली, खड्ग, खेटक धारिणी, गोपेन्द्र (कृष्ण) की लघु भगिनी, ज्येष्ठ, नन्द गोप कुल में उत्पन्न, आपको नमस्कार है।

01/01/2026
01/01/2026

अयि गिरि-नन्दिनि नन्दितमेदिनि ।
विश्व-विनोदिनि नन्दिनुते
गिरिवर-विन्ध्य-शिरोऽधि-निवासिनि
विष्णु-विलासिनि जिष्णुनुते
भगवति हे शितिकण्ठ-कुटुम्बिनि
भूरिकुटुम्बिनि भूतिकृते
जय जय हे महिषासुर मर्दिनि!
रम्यकपर्दिनि!शैलसुते!

माँ विंध्यवासिनी देवी - Maa Vindhyavasini Devi

श्रीनन्दगोपगृहिणी-प्रभवा तनोतु भद्रं सदा मम सुरार्थपरा प्रसन्ना। विन्ध्याद्रि-गह्वरगताऽष्टभुजा प्रसिद्धा सिद्धैः सुसेवित...
28/11/2025

श्रीनन्दगोपगृहिणी-प्रभवा तनोतु
भद्रं सदा मम सुरार्थपरा प्रसन्ना।
विन्ध्याद्रि-गह्वरगताऽष्टभुजा प्रसिद्धा
सिद्धैः सुसेवित-पदाऽब्जयुगा त्रिरूपा ।।

सिद्धों द्वारा चरण-कमल सेवित, त्रिगुणात्मिका (सत्त्व, रज, तमरूपा), विन्ध्याचल पर्वत की गुफा में स्थित, अष्टभुजा देवी नाम से प्रसिद्ध, श्रीनन्द गोप गृह में उत्पन्न, देवताओं की सहायक ऐसी विन्ध्यवासिनी देवी मेरे कल्याण का विस्तार करें।

23/11/2025

जय माँ विंध्यवासिनी देवी आप अपने सभी भक्तों का कल्याण करो माँ

Address

Maa Vindhyavasini Devi
Mirzapur District
231307

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when माँ विंध्यवासिनी देवी - Maa Vindhyavasini Devi posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to माँ विंध्यवासिनी देवी - Maa Vindhyavasini Devi:

Share