Shri Ji Mandir, ShriJi Peeth Mathura

Shri Ji Mandir, ShriJi Peeth Mathura Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Shri Ji Mandir, ShriJi Peeth Mathura, Mathura.

!! ShriJi Jayati !! ShriJi Peeth Mathura
22/01/2022

!! ShriJi Jayati !! ShriJi Peeth Mathura

।। आदि दशभुजी गणेश ।। Mahaganpati DasbhuJi Ganesh 🌹🙏
22/01/2022

।। आदि दशभुजी गणेश ।। Mahaganpati DasbhuJi Ganesh 🌹🙏

18/01/2016

वैदिक प्रश्नोत्तरी
प्र.1- वेद किसे कहते है ?
उत्तर- ईश्वरीय ज्ञान की पुस्तक को वेद कहते है।
प्र.2- वेद-ज्ञान किसने दिया ?
उत्तर- ईश्वर ने दिया।
प्र.3- ईश्वर ने वेद-ज्ञान कब दिया ?
उत्तर- ईश्वर ने सृष्टि के आरंभ में वेद-ज्ञान दिया।
प्र.4- ईश्वर ने वेद ज्ञान क्यों दिया ?
उत्तर- मनुष्य-मात्र के कल्याण के लिए।
प्र.5- वेद कितने है ?
उत्तर- चार । 1-ऋग्वेद
2 - यजुर्वेद
3- सामवेद
4 - अथर्ववेद
प्र.6- वेदों के ब्राह्मण ।
वेद ब्राह्मण
1 - ऋग्वेद - ऐतरेय
2 - यजुर्वेद - शतपथ
3 - सामवेद - तांड्य
4 - अथर्ववेद - गोपथ
प्र.7- वेदों के उपवेद कितने है।
उत्तर - चार।
वेद उपवेद
1- ऋग्वेद - आयुर्वेद
2- यजुर्वेद - धनुर्वेद
3 -सामवेद - गंधर्ववेद
4- अथर्ववेद - अर्थवेद
प्र 8- वेदों के अंग हैं ।
उत्तर - छः ।
1 - शिक्षा
2 - कल्प
3 - निरूक्त
4 - व्याकरण
5 - छंद
6 - ज्योतिष
प्र.9- वेदों का ज्ञान ईश्वर ने किन किन ऋषियो को दिया ?
उत्तर- चार ऋषियों को।
वेद ऋषि
1- ऋग्वेद - अग्नि
2 - यजुर्वेद - वायु
3 - सामवेद - आदित्य
4 - अथर्ववेद - अंगिरा
प्र.10- वेदों का ज्ञान ईश्वर ने ऋषियों को कैसे दिया ?
उत्तर- समाधि की अवस्था में।
प्र.11- वेदों में कैसे ज्ञान है ?
उत्तर- सब सत्य विद्याओं का ज्ञान-विज्ञान।
प्र.12- वेदो के विषय कौन-कौन से हैं ?
उत्तर- चार ।
ऋषि विषय
1- ऋग्वेद - ज्ञान
2- यजुर्वेद - कर्म
3- सामवे - उपासना
4- अथर्ववेद - विज्ञान
प्र.13- वेदों में।
ऋग्वेद में।
1- मंडल - 10
2 - अष्टक - 08
3 - सूक्त - 1028
4 - अनुवाक - 85
5 - ऋचाएं - 10589
यजुर्वेद में।
1- अध्याय - 40
2- मंत्र - 1975
सामवेद में।
1- आरचिक - 06
2 - अध्याय - 06
3- ऋचाएं - 1875
अथर्ववेद में।
1- कांड - 20
2- सूक्त - 731
3 - मंत्र - 5977
प्र.14- वेद पढ़ने का अधिकार किसको है ? उत्तर- मनुष्य-मात्र को वेद पढ़ने का अधिकार है।
प्र.15- क्या वेदों में मूर्तिपूजा का विधान है ?
उत्तर- बिलकुल भी नहीं।
प्र.16- क्या वेदों में अवतारवाद का प्रमाण है ?
उत्तर- नहीं।
प्र.17- सबसे बड़ा वेद कौन-सा है ?
उत्तर- ऋग्वेद।
प्र.18- वेदों की उत्पत्ति कब हुई ?
उत्तर- वेदो की उत्पत्ति सृष्टि के आदि से परमात्मा द्वारा हुई । अर्थात 1 अरब 96 करोड़ 8 लाख 43 हजार वर्ष पूर्व ।
प्र.19- वेद-ज्ञान के सहायक दर्शन-शास्त्र ( उपअंग ) कितने हैं और उनके लेखकों का
क्या नाम है ?
उत्तर-
1- न्याय दर्शन - गौतम मुनि।
2- वैशेषिक दर्शन - कणाद मुनि।
3- योगदर्शन - पतंजलि मुनि।
4- मीमांसा दर्शन - जैमिनी मुनि।
5- सांख्य दर्शन - कपिल मुनि।
6- वेदांत दर्शन - व्यास मुनि।
प्र.20- शास्त्रों के विषय क्या है ?
उत्तर- आत्मा, परमात्मा, प्रकृति, जगत की उत्पत्ति, मुक्ति अर्थात सब प्रकार का भौतिक व आध्यात्मिक ज्ञान-विज्ञान आदि।
प्र.21- प्रामाणिक उपनिषदे कितनी है ?
उत्तर- केवल ग्यारह।
प्र.22- उपनिषदों के नाम बतावे ?
उत्तर-
1-ईश ( ईशावास्य ) 2- केन 3-कठ 4-प्रश्न 5-मुंडक 6-मांडू 7-ऐतरेय 8-तैत्तिरीय 9- छांदोग्य
10-वृहदारण्यक 11- श्वेताश्वतर ।
प्र.23- उपनिषदों के विषय कहाँ से लिए गए है ?
उत्तर- वेदों से।
प्र.24- चार वर्ण।
उत्तर-
1- ब्राह्मण
2- क्षत्रिय
3- वैश्य
4- शूद्र
प्र.25- चार युग।
1- सतयुग - 17,28000 वर्षों का नाम ( सतयुग ) रखा है।
2- त्रेतायुग- 12,96000 वर्षों का नाम ( त्रेतायुग ) रखा है।
3- द्वापरयुग- 8,64000 वर्षों का नाम है।
4- कलयुग- 4,32000 वर्षों का नाम है।
कलयुग के 4,976 वर्षों का भोग हो चुका है अभी तक।
4,27024 वर्षों का भोग होना है।
पंच महायज्ञ
1- ब्रह्मयज्ञ
2- देवयज्ञ
3- पितृयज्ञ
4- बलिवैश्वदेवयज्ञ
5- अतिथियज्ञ
स्वर्ग - जहाँ सुख है।
नरक - जहाँ दुःख है।

23/12/2015
श्री श्रीजी महारानी की जय ।।या विद्या शिवकेशवादि जननी या वै जगन्मोहिनी, या पञ्चप्रणवद्विरेफनलिन­ी या चित्कलामालिनी, या ब...
21/10/2015

श्री श्रीजी महारानी की जय ।।
या विद्या शिवकेशवादि जननी या वै जगन्मोहिनी, या पञ्चप्रणवद्विरेफनलिन­ी या चित्कलामालिनी, या ब्रह्मादि पिपीलिकाँततनुषुप्रोत्ता जगत्साक्षिणी ,सा पायात्परदेवता भगवती श्रीराजराजेश्वरी ।

12/10/2015

🚩। ।श्रीजी जयति ।।
शारदीय नवरात्र !!
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा दिनाँक 13-10-2015 मंगलवार को कलश स्थापन 11/44 मि. के बाद अभिजित मूहूर्त मेँ करना श्रेष्ठ रहेगा । इस वर्ष चित्रा नक्षत्र एवं वैधृति योग व्यवधान कारक है, जैसा कि -
रुद्रयामल तंत्र में लिखा है ~
वैधृतो पुत्रनाशः स्याचित्रायां धन नाशनम् । तस्मान् स्थाप्येतकुम्भम् चित्रायां वैधृतौ तथा ।।
यदि सम्पूर्ण प्रतिपदा चित्रा या वैधृति से युक्त हो तो मध्याह्न के समय अभिजित मुहूर्त मेँ घट स्थापना करे ।
।। इति शुभम् ।।
🌹 श्रीजी पीठ, श्रीजी गद्दी- मथुरा

11/10/2015
🚩🌹श्रीजी जयति 🌹श्री महालक्ष्मी के द्वादश -नाम -:श्लोक -: त्रैलोक्य पूजिते देवि,कमले विष्णुबल्लभे ।यथा त्वमचला कृष्णे,तथा...
01/10/2015

🚩🌹श्रीजी जयति 🌹
श्री महालक्ष्मी के द्वादश -नाम -:
श्लोक -: त्रैलोक्य पूजिते देवि,कमले विष्णुबल्लभे ।
यथा त्वमचला कृष्णे,तथा भव भयि स्थिरा ।।
ईश्वरी कमला लक्ष्मीश्चला भूतिर्हरिप्रिया ।
पद्मा पद्मालया सभ्यगुच्चै: श्रीपद्म धारिणी ।।
द्वादशैतानि नामानि लक्ष्मीं सम्पूज्य य:पठेत् ।
स्थिरा लक्ष्मीर्भवेत तस्य पुत्रदारादिभि: सह ।।
ऊँ श्री महालक्ष्म्यै नमोस्तुते: ।

🌹🌸🌻 राधे राधे 🌷🌺🌻!!कीरत सुताके यहाँ ,पग-पग पै प्रयागराज,केशव की केलि-कुँज, कोटि-कोटि काशी हैं ।यमुनाजल में जगन्नाथ,रेणुक...
21/09/2015

🌹🌸🌻 राधे राधे 🌷🌺🌻
!!कीरत सुताके यहाँ ,पग-पग पै प्रयागराज,
केशव की केलि-कुँज, कोटि-कोटि काशी हैं ।
यमुनाजल में जगन्नाथ,रेणुका में रामेश्वर,
लता-पतान में ,अयोध्या निवासी हैं ।
स्वर्ग-अपवर्ग व्यर्थ लैकैं करंगे कहा ,
कृष्ण के उपासक हम मथुरा के वासी हैं ।
गोपिन के द्वार-द्वार फिरत हैं हरिद्वार ,
बद्री-केदार यहां करत चरणदासी हैं ।
श्री बृज-स्वामिनी श्रीराधा-रानी के जन्म की सभी को हार्दिक बंधाई एवं शुभकामनायैं ।।

🍃🌷 🚩ब्रज के राजा श्री दाऊजी महाराज की जय 🙏🌻🌸
19/09/2015

🍃🌷 🚩ब्रज के राजा श्री दाऊजी महाराज की जय 🙏🌻🌸

श्री विद्या महागणपति ।।दासभुजिगणेश।।
17/09/2015

श्री विद्या महागणपति ।।दासभुजिगणेश।।

Address

Mathura

Telephone

09410038887

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Shri Ji Mandir, ShriJi Peeth Mathura posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share