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महान ज्योतिषी पं.मुकुंद दैवज्ञ जी द्वारा दि गई एक भविष्यवाणी का नमुना।
22/07/2025

महान ज्योतिषी पं.मुकुंद दैवज्ञ जी द्वारा दि गई एक भविष्यवाणी का नमुना।

श्री रामकृष्ण परमहंस जी पर स्टार टेलर मे प्रकाशित मेरा लेख.
15/07/2025

श्री रामकृष्ण परमहंस जी पर स्टार टेलर मे प्रकाशित मेरा लेख.

विख्यात ऐतिहासिक हस्ति आनंदीबाई पेशवा इन्होंने ध का मा कर के नारायण राव पेशवा को मरवाया था।अगस्त 1788 मे केतु या मंगल कि...
05/07/2025

विख्यात ऐतिहासिक हस्ति आनंदीबाई पेशवा
इन्होंने ध का मा कर के नारायण राव पेशवा को मरवाया था।

अगस्त 1788 मे केतु या मंगल कि दशा मे सुर्य कि 4.5 महिणे कि अंतर्दशा थी.

जनम 1747 आश्विन मास मे हुआ था.
शुक्र जनम कुंडली से अष्टम भाव मे था.( शत्रु रहेंगे पर वो नष्ट हो जाएंगे,ऐसा पारिवारिक ज्योतिषीने फल लिखा था)

पेशवा दप्तर मे लिखा है कि उन के पारिवारिक ज्योतिषीने सितंबर 1787 मे लिखा था कि इस साल आश्विन मास से 41 वा वर्ष लगेगा,आगे भाद्रपद मास में सुर्य कि दशा साडे चार महीने रहेगी, सुर्य अपमृत्यु स्थान में हैं,जो शारिरिक कष्ट अपमृत्यु दे सकती हैं इसलिए सुर्य को अर्घ्य देने के लिए भट नियुक्त किए हैं।

सोर्स पेशवा दप्तर भाग 4

*महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद जी।*श्रावण शुक्ल द्वितीया,विक्रम संवत 1963सोमवार,दोपहर 2 बजेग्राम भावरा, अलिराजपुर।सोर्...
15/06/2025

*महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद जी।*

श्रावण शुक्ल द्वितीया,
विक्रम संवत 1963
सोमवार,
दोपहर 2 बजे
ग्राम भावरा, अलिराजपुर।

सोर्स:- यश कि धरोहर किताब से, जिसमे चंद्रशेखर जी के माताजी के संस्मरण का कुछ अंश दिया हैं.

*The great revolutionary Chandrashekhar Azad ji.*

Shravan Shukla Dwitiya,

Vikram Samvat 1963

Monday,

2 pm

Village Bhavra, Alirajpur.

Source:- From the book Yash Ki Dharohar, in which some excerpts of Chandrashekhar ji's mother's memoirs are given.

Astrology and Dr.Ambedkar. No one knows the exact date of birth of Dr. Ambedkar ji. Now on 14 April 1891, it was present...
28/04/2025

Astrology and Dr.Ambedkar.

No one knows the exact date of birth of Dr. Ambedkar ji. Now on 14 April 1891, it was presented by his father while enrolling in the school. Which is not correct, Dr. Ambedkar himself used to say so. Now it is also surprising that his father Ramji Sakpal himself had good knowledge of astrology and was confident about the bright future of his son on astrological grounds. But Dr. Ambedkar did not completely agree with the date of birth recorded by him at the time of admission in the school.

In a speech about his birth, he says that, I know only three things about my birth, 1) I was born in Mahu, Madhya Pradesh. 2) I was born exactly at 12 o'clock in the day.3) I was born on Mool Nakshatra. And the astrologer had said that this child is inauspicious for his mother.

Later, on the basis of the above information, he contacted some astrologers to find out his correct date of birth, but everyone had different opinions. Some had told on 14 April and some on 17 April and some on 15 May told their date of birth. Seeing the different opinions of astrologers, he had adopted the date of April 14, which his father had registered while enrolling in the school, but he was standing on this fact that he is not the exact date of his birth.

Another interesting fact about him was that he used to consider his Lucky Day on Thursday. And this was decided by their experience. So to get married for the second time, he had dated April 15 because that day was Thursday. Incidentally, his Mahaparinirvana also took place on Thursday itself.

Source Book:- My autobiography page 1, in contact with Dr. Ambedkar page 134.

ज्योतिष और डॉ.आंबेडकर।डॉ आंबेडकर जी कि सही जन्मतारिख किसी को पता नहीं है। अब जो 14 अप्रैल 1891 प्रचलन में हैं वो उन के प...
28/04/2025

ज्योतिष और डॉ.आंबेडकर।

डॉ आंबेडकर जी कि सही जन्मतारिख किसी को पता नहीं है। अब जो 14 अप्रैल 1891 प्रचलन में हैं वो उन के पिताजी द्वारा स्कूल में दाखिला लेते समय प्रस्तुत कि ग‌ई थी। जो कि सही नहीं है,ऐसा स्वयं डॉ आंबेडकर कहते थे। अब आश्चर्य इस बात का भी है कि उन के पिताजी रामजी सकपाल स्वयं ज्योतिष का अच्छा ज्ञान रखते थे और अपने पुत्र के उज्ज्वल भविष्य के प्रति ज्योतिषीय आधार पर आश्वस्त रहते थे। पर उन के द्वारा स्कूल में दाखिले के समय पर दर्ज कि ग‌ई जन्मतारिख से डॉ आंबेडकर पुरी तरह सहमत नही थे।

अपने जन्म के बारे में एक भाषण में वे कहते हैं कि, मेरे जन्म के बारे में केवल तीन बातें मुझे पता है, 1) मेरा जन्म मध्यप्रदेश के महु में हुआ था। 2) दिन के ठीक बारा बजे मेरा जन्म हुआ है। 3) मेरा जन्म मूल नक्षत्र पर हुआ है। और ज्योतिषी ने कहा था कि यह बच्चा अपनी मां के लिए अशुभ है।

बाद में उपरोक्त जानकारी के आधार पर अपनी सही जन्मतारिख निकालने के लिए उन्होंने कुछ ज्योतिषीयों से संपर्क किया पर सब कि अलग अलग राय थी। किसी ने 14 अप्रैल तो किसी ने 17 अप्रैल तो किसी ने 15 म‌ई उन कि जन्मतारिख बता‌ई थी। ज्योतिषीयों कि अलग अलग राय देखकर उन्होंने जो स्कूल में दाखिला लेते समय उन के पिताजी ने दर्ज करवाई थी उस 14 अप्रैल कि तारिख को ही अपना लिया था,पर वो उन कि सही जन्मतारिख नही है इस बात पर वे ठाम थे।

एक अन्य रोचक तथ्य उन के बारे में यह था कि वे गुरुवार को अपना लकी डे मानते थे। और यह उन के अनुभव से उन्होंने तय किया था। इसलिए दुसरी शादी करने के लिए उन्होंने 15 अप्रैल कि तारिख नक्कि कि थी क्योंकि उस दिन गुरुवार था। संयोग देखिए कि उन का महापरिनिर्वाण भी गुरुवार के दिन ही हुआ था।
सोर्स बुक:- मेरी आत्मकथा पेज 1, डॉ आंबेडकर के संपर्क में पेज 134 ।

भारत शुर-विरों भुमि है। इतिहास के पन्नों पर अपनी तलवार कि नोंक से साहस कि अद्भुत गाथा लिखकर अमर हुए एक अद्वितीय योद्धा छ...
21/02/2025

भारत शुर-विरों भुमि है। इतिहास के पन्नों पर अपनी तलवार कि नोंक से साहस कि अद्भुत गाथा लिखकर अमर हुए एक अद्वितीय योद्धा छत्रपति संभाजी महाराज कि जन्मकुंडली का आज हम विश्लेषण करेंगे।

छत्रपति संभाजी महाराज जी का जन्म, शके 1579 हेमलंबी संवत्सर,जेष्ठ शुद्ध 12, गुरुवार.घटिका 10 यानी
24 म‌ई 1657 को सुबह 10:01 बजे पुरंदर किलें पर हुआ था। यह जन्म विवरण एक ऐतिहासिक दस्तावेज "शिवापुरकर वही" में दिया गया है।

कर्क लग्न कि इन कि जन्मकुंडली में त्रिषडाय भावों में नैसर्गिक पापी ग्रह बैठे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर त्रिषडाय भावों में नैसर्गिक पापी ग्रह बैठे हो तो ऐसा जातक प्रचंड साहसी और लढवैय्या होता है। इन्हीं ग्रहस्थिती कि वजह से वे ऐसे धुरंधर योद्धा बने कि अपने अल्प जीवन-काल में उन्होंने सैकड़ों लढाईयां लड़ी पर उन में से एक भी नहीं हारे! षठे भाव में बैठे जिद्दी एवं दमनकारी राहु ने उन्हें अपने शत्रुओं का दमन करने में भारी सहायता दी।

छावा मूवी इन दिनों धूम मचा रही है और एक हफ्ते के अंदर सुपर हीट हो चुकी। छावा फिल्म छत्रपति संभाजी महाराज की जीवनी पर...

स्टार टेलर मैगजीन में प्रकाशित मेरा साक्षात्कार।
10/02/2025

स्टार टेलर मैगजीन में प्रकाशित मेरा साक्षात्कार।

प्लॅनेट ॲन्ड फॉरकास्ट मॅगझिन में पुज्य त्रिकाली बाबाजी पर प्रकाशित मेरा लेख.
01/02/2025

प्लॅनेट ॲन्ड फॉरकास्ट मॅगझिन में पुज्य त्रिकाली बाबाजी पर प्रकाशित मेरा लेख.

10/11/2024

astrological facts.

When King Yudhishthira ruled, the Saptarishis were on Magha Nakshatra. The time of their kingdom is 2566 years.

Asan Maghasu Munayah Shasati Prithvi Yudhishthire Nripatau. Shaddvikapanchadviyut: Shakakalatasya Rajyasya. Rajatarangini, first wave 56th verse.

ज्योतिषीय तथ्य।

राजा युधिष्ठिर का जब शासन था तब सप्तर्षि मघा नक्षत्र पर थे। उन के राज्य का शक समय 2566 वर्ष होता हैं।

आसन् मघासु मुनयः शासति पृथ्वी युधिष्ठिरे नृपतौ।
षड्द्विकपन्चद्वियुत:शककालस्तस्य राज्यस्य।।
राजतरंगिणी,प्रथम तरंग 56 वा श्लोक।।

09/11/2024

*ज्योतिष शास्त्र का चमत्कार!*

चिंतो महादेव गोले नाम के एक ज्योतिषी महाराष्ट्र में हुए थे।
उन्होंने बड़ोदा राज्य के पदच्युत राजा गोविन्दराव गायकवाड को सन 1791 मे एक बंद लिफाफे में भविष्यवाणी लिखकर दी थी जो इस प्रकार थी।

शके 1714 परिधावी संवत्सर मार्गशीर्ष माह के कृष्ण अष्टमी शुक्रवार के दिन प्रथम प्रहर में धनु लग्न 4 घटी बित जानेपर तुम पेशवा से मिलोगे और पेशवा कुछ जाहागीर और पैसे के बदले तुम्हे वापस राजा बनाएंगे। मुलाकात के समय पेशवा तुम्हे तीन शिरपेच, मोतीयों कि माला,एक हाथी और एक नीले रंग का घोडा नजराने के तौर पर देंगे।
इस के बाद 11 महिणे तक तुम पुणा में रहोगे जिस में से पहले 8 महिने बहुत कष्ट से गुजरेंगे फिर तीन माह बितने पर तुम बड़ौदा वापस जाओगे।

यह बात जस कि तस सच साबित हुई। सन 1792 के दिसंबर कि 7 तारिख को गोविन्दराव गायकवाड पेशवा से मिले। इस दिन मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी शुक्रवार दिन था। जैसे ज्योतिषी ने बताया वैसे के वैसा ही हुआ।

इसलिए राजा ने उन ज्योतिष जी को पांच हजार सालाना आय का एक गांव भेट में दिया था।

सोर्स:- द इंडियन ॲन्टिक्वेरी बुक।

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