04/06/2026
श्री परमहंस अद्वैत मत के शाश्वत ज्योतिस्स्तम्भ, करुणा के आगार, भक्तवत्सल, प्रातःस्मरणीय श्री परमहंस सतगुरुदेव दीन दयाल जी श्री श्री 108 श्री स्वामी बेअन्त आनन्द जी महाराज श्री चतुर्थ पादशाही जी द्वारा रूहानी उत्तराधिकारी, दिव्य गुण सम्पन्न, परम उपकारी, प्रातःस्मरणीय श्री परमहंस सतगुरुदेव दाता दयाल जी श्री श्री 108 श्री स्वामी दर्शन पूर्ण आनन्द जी महाराज श्री पंचम पादशाही जी के विषय में फ़रमाए गये श्री वचन दिनाँक 4 जून सन् 1970 ई० को प्रातः 8 बजे श्री आनन्दपुर में समस्त सन्त-समाज एवं संगत को सुनाये गये।