स्व. महन्त शत्रुहन दास रथयात्रा कमेटी मारवाड़ी गली अमीनाबाद लखनऊ

  • Home
  • India
  • Lucknow
  • स्व. महन्त शत्रुहन दास रथयात्रा कमेटी मारवाड़ी गली अमीनाबाद लखनऊ

स्व. महन्त शत्रुहन दास रथयात्रा कमेटी मारवाड़ी गली अमीनाबाद लखनऊ The committee organizes the Shri Jagannath Rath Yatra every year.

स्व. महन्त शत्रुहन दास रथयात्रा कमेटी द्वारा सन् १९२४ से प्रत्येक वर्ष रथयात्रा महोत्सव का आयोजन किया जाता है।

आप सभी भक्तगणों को नागपंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं .....हर हर बम बम 🙏
17/08/2026

आप सभी भक्तगणों को नागपंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं .....हर हर बम बम 🙏

जय जगन्नाथ महाप्रभु 🙏
16/08/2026

जय जगन्नाथ महाप्रभु 🙏

बहुत समय पहले एक घने जंगल में एक भील (शिकारी) रहता था। उसका नाम था कन्नप्प। वह पढ़ा-लिखा नहीं था और उसे पूजा-पाठ की विधि...
07/08/2026

बहुत समय पहले एक घने जंगल में एक भील (शिकारी) रहता था। उसका नाम था कन्नप्प। वह पढ़ा-लिखा नहीं था और उसे पूजा-पाठ की विधियाँ भी नहीं आती थीं, लेकिन उसके हृदय में भगवान शिव के प्रति अटूट प्रेम था।

एक दिन जंगल में शिकार करते हुए उसे एक शिवलिंग दिखाई दिया। उस स्थान पर कोई मंदिर नहीं था और न ही कोई पुजारी। कन्नप्प को लगा कि भगवान अकेले हैं और उनकी सेवा करने वाला कोई नहीं है।

अगले दिन वह अपने साथ शिकार का उत्तम मांस और पीने का पानी लेकर आया। उसके पास कोई पात्र नहीं था, इसलिए वह अपने मुँह में पानी भरकर लाया। उसने पहले अपने पैरों से शिवलिंग के आसपास की गंदगी हटाई और फिर अपने मुँह से पानी निकालकर शिवलिंग को धोया। जहाँ उसे धूल या पत्ते दिखाई देते, उन्हें अपने हाथों से हटाता और आवश्यकता पड़ने पर अपने मुँह की नमी (थूक सहित निकले जल) से भी शिवलिंग को साफ कर देता। उसके लिए यह अपमान नहीं, बल्कि अपने प्रिय भगवान की सेवा का सबसे सहज और स्नेहपूर्ण तरीका था।

इसके बाद वह भगवान को प्रेमपूर्वक मांस का भोग चढ़ाता और पूरी श्रद्धा से प्रणाम करता।

उसी स्थान पर प्रतिदिन एक ब्राह्मण पुजारी भी वैदिक विधि से पूजा करते थे। जब वे आते तो शिवलिंग पर मांस और अन्य वस्तुएँ देखकर दुखी हो जाते और पुनः विधिपूर्वक पूजा करते। यह क्रम कई दिनों तक चलता रहा।

एक दिन भगवान शिव ने पुजारी को स्वप्न में दर्शन दिए और कहा, "जिसे तुम अशुद्ध समझ रहे हो, वह मेरा परम भक्त है। उसकी भक्ति निष्कपट और प्रेम से भरी है।"

भगवान ने दोनों भक्तों की परीक्षा लेने का निश्चय किया।

अगले दिन कन्नप्प ने देखा कि शिवलिंग की एक आँख से रक्त बह रहा है। उसे लगा कि उसके भगवान घायल हो गए हैं। उसने बिना देर किए अपनी एक आँख निकालकर शिवलिंग पर लगा दी। उसी क्षण रक्त बहना बंद हो गया।

लेकिन तभी शिवलिंग की दूसरी आँख से भी रक्त बहने लगा। कन्नप्प ने निश्चय किया कि वह अपनी दूसरी आँख भी भगवान को अर्पित कर देगा। क्योंकि दूसरी आँख निकालने के बाद वह देख नहीं पाएगा, इसलिए उसने अपना एक पैर शिवलिंग की दूसरी आँख के स्थान पर रख दिया, ताकि सही स्थान पहचान सके।

जैसे ही वह अपनी दूसरी आँख निकालने लगा, उसी क्षण भगवान शिव प्रकट हो गए। उन्होंने उसका हाथ पकड़ लिया और कहा—

"वत्स! बस करो। तुम्हारी भक्ति से मैं अत्यंत प्रसन्न हूँ। तुमने मुझे अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। तुम मेरे सच्चे भक्त हो।"

भगवान शिव ने कन्नप्प की दोनों आँखें वापस लौटा दीं और उसे अपने परम भक्तों में स्थान दिया। तभी से वह कन्नप्प नयनार के नाम से प्रसिद्ध हुए। #शिवभक्त #शिवपार्वती

05/08/2026

#श्री_जगन्नाथ_मंदिर_मारवाड़ी_गली राधा अलबेली सरकार भजे जा राधे राधे 🙏

04/08/2026

#श्री_जगन्नाथ_रथयात्रा_महोत्सव_मारवाड़ी_गली में आयोजित भजन संध्या ...... जय जगन्नाथ महाप्रभु 🙏

03/08/2026

माँ बच्चों की जाँ होती है.... #श्री_जगन्नाथ_मंदिर_मारवाड़ी_गली_मारवाड़ी_गली ाता

03/08/2026

बम भोले बम भोले 🙌🙌 #श्री_जगन्नाथ_रथयात्रा_मंदिर_मारवाड़ी_गली भक्तों द्वारा भजन सेवा .....

02/08/2026

बांके बिहारी लाल की जय .... ्री_कृष्ण #श्री_जगन्नाथ_रथयात्रा_मंदिर_मारवाड़ी_गली #भजन

Address

Lucknow

Telephone

+919450360328

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when स्व. महन्त शत्रुहन दास रथयात्रा कमेटी मारवाड़ी गली अमीनाबाद लखनऊ posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share