05/10/2026
चित्रकूट में कुछ वर्ष पूर्व ऐसे संत थे जिन्होंने चित्रकूट की समस्त प्रजा का पालन किया वो किसी प्रदेश के राजा नहीं थे परन्तु बड़े बड़े राजा उनके चरणों में नतमस्तक थे। आज हम बात कर रहे हैं निर्मोही अखाड़ा के श्री महंत राम आश्रय दास जी महाराज की । भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई, राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, नाना जी देशमुख, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री राज्यपाल सब उनके श्री चरणों में नतमस्तक थे। सर्व सम्पन्न होते हुए भी महाराज अपरिग्रह और संतोष की साक्षात मूर्ति थे। चित्रकूट की भूमि ही उनकी शैय्या थी। बहुत से वेदपाठी ब्राह्मण उनकी वजह से सम्मानपूर्वक अपना जीवन व्यतीत कर पाये। संस्कृत वेद और पुराणों का अध्ययन करने वाले इन ब्राह्मणों के पास जीविका का संकट था महाराज श्री ने इन सभी को आश्रम की अलग अलग व्यवस्थाओं से जोड़ा, अपने आश्रम में बसाया। ये उनका प्रताप ही था कि ददुआ ठोकिया और अनेक दस्युओ से घिरे चित्रकूट में एक भी पर्यटक या तीर्थाटन करने वाले व्यक्ति का न अपहरण हुआ और न लूटपाट। । चित्रकूट भीषण परिस्थितियों में भी सुरम्य शांत और सुरक्षित बना रहा । आश्रम की चलने वाली अन्नपूर्णा रसोई हर भक्त, हर तीर्थ यात्री हर गरीब बेसहारा लोगों का पेट निरन्तर भरती रही। २००८ में महाराज श्री हम सब को छोड़कर बैकुंठधाम चले गए परन्तु सेवा भाव,सरलता विनम्रता का जो पाठ उन्होंने हमें पढ़ाया वो हमें हमेशा याद रखना चाहिए।