27/07/2026
आज देश के हर कोने से खबर आती है कि फलां स्त्री ने अपने पति को मार दिया तो मन दुखी होता है, सीता सावित्री और अनुसूइया का ये देश ऐसी खबरों से भरा पड़ा है जहां पति को जहर देकर मार देना, खाई से घिरा देना, डब्बे में गाढ़ देना । विवाहेत्तर संबंधो की वजह से पति को प्रेमी के साथ मिलकर मार देना ऐसी खबरें आम हो चली है। यही वो देश है जहां सावित्री यमराज से लङकर अपने पति को वापस ले आयी थी। वर्षों की ध्यान साधना के उपरांत जब अत्रि मुनि की आंख खुली तो उन्होंने अपनी पत्नी अनुसूइया से पीने के लिए जल मांगा, भीषण अकाल के समय अपने तपोबल से मंदाकिनी को प्रकट किया चित्रकूट की इस धरा में जब ब्रह्मा विष्णु महेश अपनी पत्नियों के दबाव के चलते मां अनुसूइया का सतीत्व खंडित करने पहुंचे और भिक्षा में स्वयं का दुग्धपान कराने के लिए कहा तब अनुसूइया मां ने कमंडल का जल निकालकर त्रिदेवों में छिड़क कर उन्हें अबोध बालक बना दिया और एक मां की भांति दुग्धपान भी करा दिया। ये शक्ति थी भारतीय नारी में। आप कहेंगे कपोल कल्पना है, कहानी है, तो कहानी के माध्यम से कौन से वैल्यू आप डाल रहे हैं उस पर आपका ध्यान नहीं। यही वो संस्कार थे जिसने भारत को अब तक बांधे रखा । परिवार को बनाया अतिथियों का सत्कार किया? आप बता सकते हैं तलाक का शाब्दिक हिंदी अर्थ क्योंकि होता ही नहीं था। पति परमेश्वर नहीं होता है परन्तु जब हम अपने बच्चियों को ऐसा सिखाते थे तब वो शादी के तुरंत बाद ही उन्हें खाई से गिराया नहीं करती थी, सेवा और समर्पण का भाव उनमें होता था और इसी सेवा सुश्रुषा के दम पर वो राज करती थी आज वो भाव नहीं है क्योंकि छद्म नारीवाद ने आपके संस्कारो को निगल लिया है पति पत्नी एक दूसरे के पूरक हैं उनमें आपने जबरदस्ती बराबरी की प्रतिस्पर्धा कराई ? जो अनावश्यक थी? कौन बता सकता है सुई और धागा में कौन श्रेष्ठ है? देश में यदि खुशहाली चाहिए तो उसकी शुरुआत परिवार से होती है, परिवार बनता है स्त्री से, और संस्कारित स्त्री ही खुशहाल परिवार की नींव है। इसलिए अपनी बेटियों को सावित्री, सीता, अनुसूइया के बारे में बताइए। और संभव हो सके तो उन्हें ये पोस्ट शेयर करिए।