23/09/2021
मोको भी सिखा दो कान्हा ,मुरली
मैं भी सुनाऊँगी ,कोई तराना
जब जब आएगी ,तेरी याद कान्हा
मुरली की तान से बुलाऊगीं कान्हा
दौड़े दौड़े चले आना, देर ना लगाना
मैं भी सुनाऊँगी कोई तराना
तुम तो हरजाई, सुनते ना कान्हा
जो भी लगाए टेर ,पहुंच जाते कान्हा
राधे की पुकार सुन के, कान्हा चले आना
मैं भी सुनाऊंगी ,कोई तराना
दासी निरगुणिया, न जाने तुम्हें रिझाना
कैसे बुलाये,तुझे मेरे कान्हा
मन की पुकार सुन के, कान्हा चले आना
मैं भी सुनाऊंगी ,कोई तराना
तेरी याद में, रोना जानूॅ कान्हा
काजल की रेख सब, बह ना जाए कान्हा
टेर सुन दासी की ,कान्हा चले आना
मैं भी सुनाऊंगी ,कोई तराना
राधे राधे
सीमा शुक्ला 🙏🙏