17/08/2026
सरकारी भूमि पर अतिक्रमण: अब "जारी रहने वाला अपराध"
राजस्थान सरकार ने सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। राजस्व विभाग ने 19.05.2026 को एक परिपत्र और 21.05.2026 को एक शुद्धि आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि चारागाह, तालाब, श्मशान जैसी सरकारी भूमि पर कब्जा करना अब "आपराधिक अतिक्रमण" (Criminal Trespass) माना जाएगा। इसके खिलाफ राजस्व कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस में FIR भी दर्ज की जाएगी।
वरिष्ठ शासन उप सचिव कैलाश चंद्र कुमावत द्वारा जारी आदेश में उच्च न्यायालय की 30.04.2026 की सख्त टिप्पणी का हवाला दिया गया है, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि आदेशों के बावजूद अतिक्रमण बढ़ रहा है।
नए आदेश की मुख्य बातें:
लक्षित भूमियाँ: राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 91 के तहत चारागाह, जोहड़, तालाब, नदी-नाले, कैचमेंट, सार्वजनिक रास्ता, श्मशान/कब्रिस्तान जैसी भूमियों पर कोई भी कब्जा तुरंत हटाया जाएगा।
न्यायिक आदेश का इंतजार नहीं: तहसीलदार और उपखंड अधिकारी को धारा 91 के तहत सीधे कार्रवाई करनी होगी। कोर्ट के नए आदेश का इंतजार नहीं करना है। पहले के 7 आदेश (2017 से 2025 तक) की पालना सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस कार्रवाई: परिपत्र की प्रति गृह विभाग, DGP और सभी SP को भेजी गई है। कब्जाधारी के खिलाफ "आपराधिक अतिक्रमण" (Criminal Trespass) और "जारी रहने वाला अपराध" (Continuing Offence) मानते हुए FIR दर्ज होगी। दोबारा कब्जा करने पर सीधा आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
कलेक्टर-एसपी की जिम्मेदारी: जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में PLPC समिति हर शिकायत का 15 दिन में निस्तारण करेगी। कलेक्टर और SP मिलकर निगरानी करेंगे।
लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई: नागौर के तहसीलदार, डीडवाना और नादौती के तहसीलदार-पटवारी को निलंबित करने का उदाहरण दिया गया है। कोर्ट में पक्ष न रखने या रिपोर्ट न भेजने वाले अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है।
शुद्धि पत्र से आदेश पुख्ता: 21.05.2026 के शुद्धि आदेश में पदनाम की गलती सुधारी गई है, जिससे अब यह आदेश पूरी तरह वैधानिक है।
हाईकोर्ट की टिप्पणी:
* 30.01.2019 जगदीश प्रसाद मीणा PIL: राज्य को अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए।
* 30.04.2026 शीशराम केस: हाईकोर्ट खंडपीठ ने राज्य सरकार को नए सिरे से दिशा-निर्देश जारी करने को कहा।
* कोर्ट की टिप्पणी: सार्वजनिक भूमि का दुरुपयोग जनहित के खिलाफ है, इसे "जारी रहने वाला अपराध" माना जाए।...जागो जनमत जागो