05/06/2026
आज 05 06 2026 सुबह
माता वैष्णो देवी दरबार से
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️
जबसे आया हूँ दर तेरे मईया, अब कहीं चैन आता नहीं है
इस तरह दिल में रहती हो मईया-2
अब कोई और भाता नहीं है
जबसे आया हूँ दर तेरे मईया.......
नाम तेरा ही साँसों में मेरी, मेरी हर बात तुझसे जुड़ी है
कुछ नहीं और जीवन में मेरे, जबसे तेरे नाम की लगन लगी है
साथ तेरा है माँ मेरा सबकुछ-२
और कुछ भी लुभाता नहीं है
जबसे आया हूँ दर तेरे मईया.....
आया था तेरे दर पे मैं तन्हा, कोई संगी साथी नहीं था
आया था तेरे दरबार पे तन्हा, कोई संगी साथी नहीं था
आया आंचल की छाया में तेरी, इसके जैसा तो कोई नहीं था
दर्श पाया जो अखियों से मैंने-2,
अब कहीं दिल ये लगता नहीं है
जबसे आया हूँ दर तेरे मईया.......
अखियों में सपने जो भी बुने थे, तेरे दरबार से ही जुड़े थे
हो गया जो कर्म तेरा मुझपे,
कष्ट जीवन के सारे कटे थे
भर दी झोली मेरी तूने मईया-2,
ऐसे कोई निभाता नहीं है
जबसे आया हूँ दर तेरे मईया.......
दुनिया में और कुछ भी नहीं है, हर जगह मईया इक तू ही तू है
जिस तरफ देखूँ तेरा ही चेहरा, बसी हर शै में बस तू ही तू है
तेरे बिन मेरा जीवन अधूरा-2,
और कुछ भी सुहाता नहीं है
जबसे आया हूँ दर तेरे मईया.......
तेरी रहमत की बारिश हुई जो, फूल खुशियों के अब खिल गये हैं
तेरी ममता की किरपा जो बरसी, रास्ते तेरे दर के मिल गये हैं
ऐसी बदली है तकदीर मेरी-2,
अब कोई दुख रूलाता नहीं है
जबसे आया हूँ दर तेरे मईया.......
मन की वीणा थी खामोश मेरी, तूने छेड़ी तो धुन बन गई है
नाम जप में तेरे अब तो मईया
मेरी हरईक सांस बुन गई है
तेरी कृपा के गीत गुनगुनाऊँ-2
और दिल कुछ भी गाता नहीं है
जबसे आया हूँ दर तेरे मईया.......
भूले-बिसरे सभी रास्ते थे, गम के सागर में डूबा हुआ था
मिल गया जो सहारा तुम्हारा, हर अंधेरा भी रोशन हुआ था
तेरे चरणों की छाया मिली जो-2,
अब कोई गम डराता नहीं है
जबसे आया हूँ दर तेरे मईया.......
जबसे आया हूँ दर तेरे मईया, अब कहीं चैन आता नहीं है
इस तरह दिल में रहती हो मईया-2
अब कोई और भाता नहीं है
जय जय अम्बे माँ