Jain Dharma

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ये पेज जैन धरोहरों की जानकारियों के संकलन हेतु है।

धर्म - जैन ।। भाषा - प्राकृत ।। लिपि - ब्राह्मी
शासन नायक - तीर्थंकर महावीर
प्रमुख सिद्धांत - अहिंसा, अपरिग्रह, अनेकांतवाद
मूल मंत्र - नमोकार मंत्र

23/06/2026

समणसूत्तम गाथा

निव्वाणं ति अबाहं ति, सिद्धी लोग्ग्गमेव य।
खेमं सिवं अणाबाहं, जं चरन्ति महेसिणो।।३४।।

महर्षि को निर्वाण हो, सिद्ध लोक अबाध।
मंगल भी लोकाग्र है, शिव रहे अनाबाध॥३.३४.३४.६२१॥

जिस अवस्था को केवल महान ऋषि और वीतराग महापुरुष प्राप्त करते हैं, वही निर्वाण, सिद्धि, लोकाग्र, क्षेम, शिव और अनाबाध कहलाती है। वह पूर्ण शान्ति, कल्याण और समस्त बाधाओं से रहित परम अवस्था है।

The supreme state attained only by the great sages is called Nirvana, Siddhi, the summit of the universe, welfare, auspiciousness, and unobstructed freedom. It is the ultimate state of perfect peace and liberation from all obstacles.

22/06/2026

मांसाहार के लिए जीवों की हत्या रोकने में कोई इंटरेस्ट नहीं लेने वाले तथाकथित जीवप्रेमी नेता, अपना पूरा जीवन दूध का विरोध करने में निकाल देते हैं। कुछ नेताओं को तो अब अहिंसापूर्ण तरीके से झडे हुए मयूर पंखों से बनने वाली जीव रक्षा का उपकरण मुनियों की पिच्छिका भी हिंसा का कारण दिख रही है, शर्म आनी चाहिए ऐसे लोगों को जो एजेंडा सेट करने के चक्कर में अहिंसा आके सबसे बड़े पुजारियों पर आक्षेप कर रहे हैं।

💎 जैन धर्म के चार मंगल 💎अरिहंत मंगल हैं।सिद्ध मंगल हैं।साधु मंगल हैं।धर्म मंगल है।प्राकृत मंगल सूत्र:अरिहन्ता मंगलं।सिद्...
22/06/2026

💎 जैन धर्म के चार मंगल 💎

अरिहंत मंगल हैं।
सिद्ध मंगल हैं।
साधु मंगल हैं।
धर्म मंगल है।

प्राकृत मंगल सूत्र:
अरिहन्ता मंगलं।
सिद्धा मंगलं।
साहू मंगलं।
केवलीपण्णत्तो धम्मो मंगलं॥

ये चारों ही मंगल हैं और समस्त मंगलों में सर्वोच्च मंगल हैं।

#चारमंगल #अरिहंत #सिद्ध #साधु #धर्म #जयजिनेन्द्र

जैन दर्शन के तत्वों की व्याख्या को आधुनिक उदाहरण से समझने का एक प्रयास...क्या जैन दर्शन के सात तत्त्व केवल दार्शनिक विषय...
22/06/2026

जैन दर्शन के तत्वों की व्याख्या को आधुनिक उदाहरण से समझने का एक प्रयास...

क्या जैन दर्शन के सात तत्त्व केवल दार्शनिक विषय हैं, या उन्हें हम अपने दैनिक जीवन में भी समझ सकते हैं?

इस पोस्टर में लीवर (Liver) के उदाहरण के माध्यम से जीव, अजीव, आस्रव, बंध, संवर, निर्जरा और मोक्ष को सरल भाषा में समझाने का प्रयास किया गया है।

जैसे:
गलत खान-पान से शरीर में वसा (Fat) जमा होती है, वैसे ही राग-द्वेष और कषायों से कर्मों का बंध होता है।

परहेज और अनुशासन नया फैट बनने से रोकते हैं, जैसे संवर नए कर्मों के आगमन को रोकता है।

व्यायाम, तप और संयम से पुराना फैट कम होता है, जैसे निर्जरा से पुराने कर्म क्षीण होते हैं।

⚠️ महत्वपूर्ण सूचना:
यह केवल शैक्षिक एवं उदाहरणात्मक उद्देश्य से बनाया गया है। इसका उद्देश्य जैन सिद्धांतों की सरल समझ विकसित करना है। इसे जैन तत्त्वों की शाब्दिक या पूर्ण दार्शनिक व्याख्या न माना जाए।

यदि यह प्रयास आपको उपयोगी लगे, तो अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए शेयर करें।
जैन दर्शन जितना गहरा है, उतना ही वैज्ञानिक और जीवनोपयोगी भी है।

णमो अरिहंताणं। 🙏

19/06/2026

जैनों के 5 ही पवित्र स्थान हैं जो तीर्थंकरों की मोक्ष स्थली है। कैलाश पहुंचा नहीं जा सकता। सम्मेद शिखर बहुत श्रावक पहुँचते हैं और साथ ही उसी क्षेत्र में स्थित दो अन्य मोक्षस्थली पावापुर और चम्पापुर भी कवर हो जाते हैं। सिर्फ गिरनार जी ही हैं जहां जाने के लिए अतिरिक्त पुरुषार्थ लगता है। संकल्प लें कि हर साल भगवान नेमीनाथ की मोक्ष स्थली गिरनार जी जरूर दर्शन को जायेंगे।

श्रुत पंचमी महापर्व की मंगलमय शुभकामनाएँ! आज का यह पावन दिन जैन धर्म के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। आज ही क...
19/06/2026

श्रुत पंचमी महापर्व की मंगलमय शुभकामनाएँ!

आज का यह पावन दिन जैन धर्म के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। आज ही के दिन आचार्य पुष्पदंत एवं आचार्य भूतबलि महाराज ने गिरनार की चंद्रगुफा में परम पूज्य आचार्य धरसेन स्वामी से प्राप्त अमर श्रुत ज्ञान को 'षट्खंडागम' ग्रंथ के रूप में लिपिबद्ध कर पूर्ण किया था।
यदि यह महान ग्रंथ न लिखा गया होता, तो भगवान महावीर की दिव्य देशना और द्वादशांग वाणी हम तक कभी नहीं पहुँच पाती।

आइए, इस श्रुत पंचमी पर हम सभी प्रतिज्ञा करें:

जैन शास्त्रों और जिनवाणी का आदर व नियमित स्वाध्याय करेंगे।

आने वाली पीढ़ी को इस अनमोल ज्ञान और संस्कारों से परिचित कराएँगे।

जैन आगमों और प्राचीन पाण्डुलिपियों के संरक्षण में अपना योगदान देंगे।

ज्ञान के इस पावन पर्व को सभी के साथ साझा करें और जिनवाणी माता की महिमा को जन-जन तक पहुँचाएँ।

#श्रुतपंचमी #जैनधर्म #जिनवाणी #षट्खंडागम #स्वाध्याय #ज्ञानपर्व

18/06/2026

इंदौर में एक नया कॉन्सेप्ट देखने को मिला।
शुभ लाभ होम्स करके एक बंगलो सोसायटी के गार्डन में दिगम्बर जैन मंदिर, श्वेतांबर जैन मंदिर और राधाकृष्ण हिंदू मंदिर बने हुए हैं। बहुत सुंदर मुनिसुव्रतनाथ भगवान के दर्शन हुए।

दक्षिण सूर्य पूज्य मुनि श्री अक्षय सागर जी महाराज और मुनि श्री निराकुल सागर जी महाराज।नेमीधाम, वाघोली , पुणे
16/06/2026

दक्षिण सूर्य पूज्य मुनि श्री अक्षय सागर जी महाराज और मुनि श्री निराकुल सागर जी महाराज।

नेमीधाम, वाघोली , पुणे

मोक्ष यात्रा !
15/06/2026

मोक्ष यात्रा !

13/06/2026

संपन्नता के विरुद्ध जनसामान्य में स्वतः ही विद्वेष जन्मता है।
अपनी सम्पन्नता को घूंघट में रखे समाज।

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